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Bikaner News: इतनी बड़ी कढ़ाई में मशीनों से गायों के लिए लापसी होती है तैयार, जानें गौशाला की खासियत!

Last Updated:February 10, 2025, 12:40 IST

Bikaner News: बीकानेर धर्म नगरी के नाम से विख्यात है, ऐसे में आज हम आपको ऐसी गौशाला के बारे में बताते हैं, जहां रोजाना गायों के लिए मशीनों के जरिए क्विंटलों के हिसाब से लापसी तैयार की जाती है, और ये सबसे बड़ी क…और पढ़ेंX
रोजाना
रोजाना सवा पांच क्विंटल लापसी बनती है.

हाइलाइट्स

बीकानेर में रोजाना 5 क्विंटल लापसी बनती है.लापसी बनाने में 24 घंटे का समय लगता है.लापसी बनाने में 15 हजार रुपए लागत आती है.

बीकानेर: गाय को हिंदू धर्म के लोग माता मानते हैं, और उसके लिए रोटी आदि चीजें भी खिलाते हैं. ऐसे में आज हम आपको राजस्थान की ऐसी गौशाला के बारे में बताते हैं, जहां गायों के लिए रोजाना क्विंटलों के हिसाब से गुड़ घी मिलाकर खास चीज तैयार की जाती है. दरअसल प्रदेश में बीकानेर धर्म नगरी नाम से विख्यात है. जिस तरह लोग यहां बड़े भाव व सम्मान से लोगों को खाना खिलाते हैं, उसी तरह यहां लोग गायों को भी बड़े आदर और भाव से खाना खिलाते हैं. ऐसे में बीकानेर में आधुनिक तरीके से सबसे बड़ी कड़ाई में लापसी बनाई जा रही है. इस लापसी को लोग मोटर की मदद से बनाते हैं, और गायों को देते है. ऐसे में रोजाना सवा पांच क्विंटल लापसी तैयार कर करीब 500 गायों को दी जाती है.

रोजाना सवा 5 क्विंटल लापसी बनती हैबीकानेर के भीनासर की मुरली मनोहर गौशाला के अध्यक्ष सत्यनारायण राठी ने बताया, कि रोजाना गायों के लिए सवा पांच क्विंटल की लापसी बनाई जाती है. इसमें चार क्विंटल गेहूं का बाट, 120 किलो गुड़, आधा किलो घी या तेल डाला जाता है. आगे वे बताते हैं, कि इसको बनाने में करीब 24 घंटे का समय लगता है. इसकी बाजार की कीमत के अनुसार 15 हजार रुपए लागत आती है. यह कढ़ाई बहुत पुरानी है. वे बताते हैं, कि 15 सालों से इस गौशाला में कढ़ाई तो में भी देख रहा हूं. यह कढ़ाई काफी पुरानी है.

एक दिन लग जाता है कड़ाई में गुड़ पिघलाने मेंआगे वे बताते हैं, कि इस बड़ी कढ़ाई में एक दिन तो गुड़ को पिघलाने में लग जाता है, और फिर बाट डालकर कई घंटों तक मोटर के माध्यम से मिलाया जाता है. फिर इस मोटर के माध्यम से एक बड़े ट्रैक्टर के लोहे के टैंक में डाला जाता है. उसके बाद इस ट्रैक्टर के माध्यम से गायों की कुंडी में डाला जाता है. बीकानेर की इस गौशाला में काफी गोवंश हैं, तो रोजाना 500 गायों के लिए लापसी बनाई जाती है. ऐसे में गायों का रोटेशन होता रहता है. पांच से छह दिन में सभी गायों को लापसी खिलाई जाती है. इसके लिए दूर दूर से लोग सुबह आते हैं और गायों की लापसी का सामान देकर जाते हैं.


Location :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

February 10, 2025, 12:40 IST

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बीकानेर की इस गौशाला में मशीनों से बनाई जाती है ये चीज, ऐसी है यहां सुविधा!

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