राजस्थान में भाजपा का बड़ा दांव, अब जारी कर दी ये सूची, जानें किन लोगों का है नाम, क्या है मायने?

जयपुर. प्रदेश की सियासत में संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है. यह घोषणा केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर की गई है, जिसे आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन विस्तार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा संगठन के भीतर लंबे समय से मोर्चा स्तर पर नियुक्तियों को लेकर मंथन चल रहा था, जिसे अब औपचारिक रूप दे दिया गया है. इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह युवा, किसान, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है.
घोषणा के बाद प्रदेश भाजपा में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल है. वहीं नए नियुक्त प्रदेश अध्यक्षों को संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. माना जा रहा है कि इन मोर्चों की सक्रियता आने वाले समय में चुनावी रणनीति में भी अहम भूमिका निभाएगी.
युवा मोर्चा से लेकर किसान मोर्चा तक नई कमानभाजपा युवा मोर्चा की कमान शंकर लाल गौरा को सौंपी गई है. युवा मोर्चा को पार्टी की रीढ़ माना जाता है और उनकी नियुक्ति के साथ युवाओं के बीच संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है. पार्टी का मानना है कि युवा मोर्चा के माध्यम से नई पीढ़ी को भाजपा की विचारधारा से जोड़ने में तेजी आएगी.
किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है. किसान मोर्चा की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के मुद्दों को उठाने में अहम मानी जाती है. कैलाश चौधरी के अनुभव को देखते हुए पार्टी को उम्मीद है कि किसानों के बीच भाजपा की नीतियों को प्रभावी तरीके से रखा जा सकेगा.
एससी, एसटी और ओबीसी मोर्चों में संतुलन की कवायदअनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल को नियुक्त किया गया है. संगठन में उनकी पकड़ और अनुभव को ध्यान में रखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कमान विधायक गोपीचंद मीणा को दी गई है, जिनके जरिए आदिवासी क्षेत्रों में संगठन को और सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जाएगा.
ओबीसी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में महेंद्र कुमावत को जिम्मेदारी दी गई है. ओबीसी वर्ग भाजपा के लिए अहम माना जाता है और इस मोर्चे के जरिए पार्टी सामाजिक संतुलन को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है.
अल्पसंख्यक मोर्चे में नई जिम्मेदारीभाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हामिद खान मेवाती को नियुक्त किया है. पार्टी का मानना है कि इस नियुक्ति से अल्पसंख्यक समाज के बीच संवाद को और बेहतर किया जा सकेगा और संगठनात्मक स्तर पर उनकी भागीदारी को मजबूत किया जाएगा.
इन सभी नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने साफ संदेश दिया है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर गंभीरता से काम किया जा रहा है. आने वाले समय में इन मोर्चों की गतिविधियां प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे सकती हैं.



