काली पड़कर गिर रही है लौकी? अपनाएं सिरोही किसान का देसी उपाय, फंगस और कीट दोनों हो जाएंगे दूर

Last Updated:November 05, 2025, 09:28 IST
Gourd Farming Tips:सिरोही के प्रगतिशील किसान मोहनलाल डांगी ने लौकी की फसल में फल सड़ने और गिरने की समस्या का देसी समाधान खोजा है. उन्होंने नीम, कनेर, लहसुन, हल्दी और हरी मिर्च से बना एक प्राकृतिक घोल तैयार किया, जो फंगस और फ्रूट फ्लाई से बचाव करता है. यह देसी पेस्टीसाइड पौधों को रोगों से मुक्त रखता है और रासायनिक दवाओं का सस्ता व सुरक्षित विकल्प साबित हो रहा है.
गार्डन में लौकी की खेती में फल सड़ने और जल्दी गिरने की समस्या से जूझ रहे है, तो सिरोही के एक प्रगतिशील किसान मोहनलाल डांगी ने इस समस्या के लिए एक देसी तरीका बताया है. पिछले एक वर्ष से लौकी की खेती कर रहे प्रगतिशील किसान डांगी के अनुसार बारिश के बाद आद्रता ज्यादा होती है, तब मक्खी का खतरा फसल पर ज्यादा होता है.

इस समस्या को दूर करने के लिए किसान घर पर ही एक घोल तैयार कर सकते हैं. वैसे तो बाजार में कीट से बचाव के लिए कई महंगे रासायनिक पेस्टीसाइड मिलते हैं, लेकिन इसकी जगह ये देसी घोल रामबाण इलाज का काम करता है. इस देसी घोल से फसल का कीटों से बचाव बोता है पौधों पर लगने वाली फंगस से भी निजात मिलती है.

लौकी पर लगने वाली फ्रूट फ्लाई कीट और फंगस की वजह से ही लौकी के छोटे फल गिरने या काले होने की समस्या आती है. इस कीट के फलों में अंडे देने से फल अंदर से खराब होकर गिरने लगते हैं. इस घोल को बनाने के लिए नीम, कनेर, लहसुन और हल्दी की जररूत होगी. नीम और कनेर की पत्तियां एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है.

ये घोल फसल पर सुरक्षा कवच का काम करता है. इस घोल को तैयार करने के लिए नीम की पत्ती और कनेर की पत्ती को बराबर मात्रा में डालकर इसमें अंदर ही 4-5 हरी मिर्च और एक लहसुन की गांठ डालकर कूटना होता है. इसके बाद प्लास्टिक के बर्तन में आधा लीटर पानी डालकर उसमें कुटा हुआ पेस्ट और थोड़ा हल्दी पाउडर मिलाना होता है.

इस मिक्सर को 4 से 5 दिन तक किसी छायादार जगह पर रखकर हर दिन लकड़ी से इसे इसे मिक्स करना होता है. इसके बाद आधा लीटर पानी में पहले तैयार किये गए घोल को मिलाकर इसे अच्छी तरह से हिलाकर मिक्स कर लेना चाहिए.

इस तरह तैयार इस देसी पेस्टीसाइड को लौकी की बेल के पत्तों, तने, फूलों और छोटे फलों पर अच्छी तरह से छिड़काव करना चाहिए. छिड़काव कड़ते समय पौधे की पत्तियों के उन भागों पर भी छिड़काव करना चाहिए जहां फंगस का खतरा ज्यादा होता है. इससे लौकी के पौधे का कीट से बचाव होगा.
First Published :
November 05, 2025, 09:26 IST
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काली पड़कर गिर रही है लौकी? लौकी की फसल के लिए अपनाइए ये देसी फॉर्मूला



