इस मंदिर में की जाती है ‘बुलेट’ बाइक की पूजा, ड्राइवर यहां करते हैं पूजा, महिलाओं का प्रवेश वर्जित

जयपुर. हिंदू धर्म में आस्था को लेकर तरह-तरह की मान्यताएं हैं. चमत्कारिक रूप से होने वाली घटना को ईश्वर की शक्ति के रूप में पूजा जाता रहा है. ऐसा ही एक चमत्कार जयपुर ग्रामीण जिले में स्थित जोबनेर किशनगढ़ रेनवाल रोड पर स्थित बुलेट वाले मंदिर को लेकर है. यहां बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा होती है.
भक्त ओमप्रकाश बताते हैं कि यहां बुलेट बाइक रखी गई है, वहीं पास में ओम बन्ना की मूर्ति भी रखी गई है. भक्त यहां पर ओम बन्ना की पूजा के साथ ही बाइक बुलेट की भी पूजा करते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां पर बुलेट की पूजा करने से दुर्घटना व अनहोनी नहीं होती है. बुलेट वाले इस मंदिर को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की मान्यताएं हैं.
क्यों की जाती है बुलेट बाइक की पूजास्थानीय निवासी भक्त ओमप्रकाश बताता है कि इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि यहां रखी गई बुलेट बाइक चमत्कारिक है. यहां बुलेट की पूजा करने से किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं होती है. इसी धारणा को लेकर अक्सर ग्रामीण, ट्रक चालक व बाइक चलाने वाले अक्सर यहां पर आकर प्रार्थना करते हैं. भक्तों ओमप्रकाश ने बताया कि यहां पर हर दिन दूर दराज से भक्त आते हैं और प्रार्थना करते हैं
कौन थे ओम बन्ना पाली शहर के निकट चोटिला गांव के ओम सिंह राठौड़ की मोटरसाइकिल बुलेट से जाते समय दुर्घटना में मौत हो गई थी. स्थानीय लोग बताते हैं कि उनके निधन के बाद इस जगह पर अक्सर दुर्घटनाएं घटी और कई लोग दुर्घटना में मारे गए. ओम सिंह राठौर की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी बुलेट मोटरसाइकिल को थाने ले जाया गया लेकिन रात को थाने से मोटरसाइकिल गायब हो गई पुलिस वालों ने छानबीन कर पता लगाया तो मोटरसाइकिल उसी जगह वापस मिली जहां ओम सिंह राठौड़ का दुर्घटना में मौत हुई थी. पुलिस दोबारा मोटरसाइकिल को थाने लेकर आई लेकिन मोटरसाइकिल वापस उसी जगह आ गई. इस पूरी घटना को ग्रामीणों ने चमत्कार बताया.
लोगों की मान्यता है कि ओम सिंह राठौर के मरने के बाद उसकी आत्मा अन्य लोगों को दुर्घटना से बचाती है इसीलिए इसी सोच के साथ वहां ओम बन्ना का मंदिर बना हुआ है.
महिलाओं का प्रवेश है वर्जितकिशनगढ़ रेनवाल के निकटवर्ती बने ओम बन्ना के मंदिर में रखी बुलेट बाइक की पूजा में महिलाओं के प्रवेश को वर्जित माना है. वहां पर एक बोर्ड लगा रखा है इस पर महिलाओं को मंदिर में प्रवेश को निषेध किया गया है. ऐसी मान्यता है कि महिलाओं को इस मंदिर में पूजा के लिए नहीं जाना चाहिए.
भक्त ओमप्रकाश बताते हैं कि ओम बन्ना के मंदिर में महिलाएं पूजा नहीं कर सकती है. यहां मंदिर में रखी बुलेट दुर्घटना से बचाती है ओम बन्ना की लोक देवता की तरह पूजा की जाती है.
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FIRST PUBLISHED : October 31, 2024, 13:00 IST