Canada Healthcare System Indian: Canada Latest Update | Canada Healthcare Indian Man Died| Indian Man Dies After Cardiac Arrest- कनाडा में एक भारतीय की इलाज न मिलने से मौत हो गई

Agency:एजेंसियां
Last Updated:December 26, 2025, 14:42 IST
कनाडा के एडमंटन में भारतीय मूल के 44 वर्षीय प्रशांत श्रीकुमार की मौत ने विकसित देशों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीने में असहनीय दर्द के बावजूद उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आठ घंटे से अधिक इंतजार कराया गया. इलाज शुरू होने से पहले ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मौत हो गई.
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कनाडा के अस्पताल में एक भारतीय को इलाज न मिलने सेमौत हो गई.
कनाडा जैसे विकसित देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बेहद परेशान करने वाला सवाल खड़ा हो गया है. एडमंटन शहर के एक अस्पताल में भारतीय मूल के 44 वर्षीय प्रशांत श्रीकुमार की मौत उस वक्त हो गई, जब वह अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के इंतजार में घंटों तक दर्द से कराहते रहे. यह मौत न सड़क पर हुई, न घर में बल्कि एक अस्पताल के अंदर, जहां मरीज सबसे ज्यादा सुरक्षित होने की उम्मीद करता है. 22 दिसंबर को प्रशांत श्रीकुमार अपने ऑफिस में काम कर रहे थे, तभी उन्हें सीने में अचानक तेज दर्द महसूस हुआ. दर्द इतना भयानक था कि उन्होंने खुद कहा कि यह ’10 में 15′ जैसा है. हालात को देखते हुए एक क्लाइंट उन्हें तुरंत ग्रे नन्स अस्पताल दक्षिण-पूर्व एडमंटन के इमरजेंसी विभाग लेकर गया.
अस्पताल पहुंचने पर क्या हुआ?
अस्पताल पहुंचने पर प्रशांत को पहले चेक किया गया और इसके बाद उन्हें वेटिंग रूम में बैठने को कहा गया. कुछ समय बाद उनके पिता कुमार श्रीकुमार भी अस्पताल पहुंच गए. पिता के मुताबिक, उनका बेटा लगातार कह रहा था कि वह दर्द सह नहीं पा रहा है. अस्पताल स्टाफ ने प्रशांत का एक ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) किया, ताकि दिल की स्थिति जांची जा सके. परिवार का आरोप है कि इसके बाद प्रशांत से कहा गया कि ‘कुछ गंभीर नहीं दिख रहा’ और उन्हें इंतजार करने को कहा गया. दर्द कम करने के लिए सिर्फ टायलेनॉल (Tylenol) दिया गया.
कितना इंतजार करना पड़ा?
पिता कुमार श्रीकुमार बताते हैं कि जैसे-जैसे समय बीतता गया, नर्सें प्रशांत का ब्लड प्रेशर चेक करती रहीं. उनका कहना है कि ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा था और हालत साफ तौर पर बिगड़ रही थी. इसके बावजूद प्रशांत को डॉक्टर तक नहीं पहुंचाया गया. सीने में तेज दर्द के साथ वह पूरे आठ घंटे से ज्यादा समय तक इमरजेंसी वार्ड के वेटिंग एरिया में बैठे रहे. करीब आठ घंटे बाद जब आखिरकार प्रशांत को ट्रीटमेंट एरिया में बुलाया गया, तो हालात और भी भयावह हो गए. पिता के मुताबिक, कमरे में बैठने के महज 10 सेकंड के भीतर प्रशांत ने सीने पर हाथ रखा, उठे और वहीं गिर पड़े. नर्सों ने तुरंत मदद के लिए कॉल किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. प्रशांत की मौत संदिग्ध कार्डियक अरेस्ट से हो गई.
लापरवाही ने तीन बच्चों को बनाया अनाथ?
प्रशांत अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों, जिनकी उम्र 3, 10 और 14 साल है को छोड़ गए हैं. परिवार के मुताबिक, वह अपने बच्चों के साथ बेहद खुशमिजाज रहते थे, घूमना-फिरना पसंद करते थे और परिवार ही उनकी पूरी दुनिया था. उनके पिता भावुक होकर कहते हैं, ‘उन्होंने मेरे बेटे को यूं ही मरने दिया… बिना इलाज, बिना डॉक्टर देखे. वह दर्द में मर गया.’ परिवार के करीबी और समुदाय के लोग अब जवाब मांग रहे हैं. परिवार के एक दोस्त वरिंदर भुल्लर का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समुदाय की क्षति है. ‘हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां हेल्थ केयर सिस्टम पर भरोसा किया जाता है. लेकिन यह भरोसा कैसे कायम रहेगा?’
अस्पताल का क्या है जवाब?
ग्रे नन्स अस्पताल का संचालन करने वाली संस्था कॉन्वेंट हेल्थ ने मामले पर व्यक्तिगत विवरण साझा करने से इनकार किया है. संस्था ने कहा कि केस चीफ मेडिकल एजामिनर के पास है और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. सबसे डराने वाली बात यह नहीं है कि प्रशांत की मौत हुई बल्कि यह है कि वह एक अस्पताल में, इमरजेंसी वार्ड में, इलाज का इंतजार करते हुए मरे. बिना डॉक्टर से मिले, बिना समय पर इलाज पाए. पहले भी कनाडा में रहने वाले कई विदेशी लंबे वेटिंग को लेकर सवाल खड़े करते रहे हैं.
About the AuthorYogendra Mishra
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
First Published :
December 26, 2025, 14:39 IST
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कनाडा के अस्पताल में इलाज न मिलने से भारतीय की मौत, 8 घंटे तक इंतजार कराया



