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Canada News: कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की टूटी कमर? उगाही के आरोप में 3 को देश से किया बाहर, शक के घेरे में 78

नई दिल्ली: कनाडा सरकार ने उगाही गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन विदेशी नागरिकों को देश से डिपोर्ट कर दिया है. यह कार्रवाई सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी मानी जा रही है, जो कनाडा में दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों से वसूली और फायरिंग की घटनाओं में शामिल बताया गया है. कनाडा बॉर्डर सिक्योरिटी एजेंसी (CBSA) ने पुष्टि की है कि अब तक 78 अन्य विदेशी नागरिकों की भी पहचान की गई है, जो ऐसे ही उगाही गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं. ये सभी जांच के दायरे में हैं.

हाल के महीनों में ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो में बिजनेसमैन और रेस्टोरेंट मालिकों के घरों पर फायरिंग और धमकी की घटनाएं बढ़ी थीं. इनमें कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफ रेस्टोरेंट पर हुई गोलीबारी भी शामिल है.

‘ब्रिटिश कोलंबिया एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स’ की बड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई ब्रिटिश कोलंबिया एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स (BCETF) की ओर से की गई है, जो रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के नेतृत्व में काम कर रही है. यह टास्क फोर्स सितंबर 2025 में गठित की गई थी ताकि दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाने वाली उगाही और हिंसक वारदातों पर रोक लगाई जा सके.

कैसे काम कर रहा था उगाही नेटवर्क

CBSA की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी नागरिक कनाडा में बिज़नेस मालिकों को डराकर पैसे वसूलने, गोलीबारी और धमकी के वीडियो सोशल मीडिया पर डालने जैसे अपराधों में शामिल थे. ये गिरोह बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोडारा के नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है, जो भारत से लेकर कनाडा तक फैला हुआ है.

बिश्नोई गैंग की पकड़ क्यों बनी चिंता

कनाडा सरकार ने भले ही लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया हो, लेकिन उसकी गैंग गतिविधियां थमी नहीं हैं. खासकर ओंटारियो के ब्रैम्पटन जैसे इलाकों में जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं हाल के महीनों में गोल्डी बराड़ और बिश्नोई गैंग से जुड़ी फायरिंग और हत्या की घटनाएं सामने आई हैं.

‘दर्शन सिंह सासी मर्डर केस’ से जुड़ा तार

कुछ हफ्ते पहले ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफोर्ड में भारतीय मूल के कारोबारी दर्शन सिंह सासी की हत्या कर दी गई थी. बाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली थी. इसके बाद से ही CBSA और RCMP ने ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई शुरू की.

CBSA की भूमिका और बयान

CBSA के अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी इमिग्रेशन जांच, सर्च वारंट निष्पादन और कानूनी एजेंसियों से सूचनाओं का साझा करने में अहम भूमिका निभा रही है.कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर गैरी आनंदसंगरी ने कहा-

हमारी एजेंसियां कनाडा के समुदायों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही हैं. हिंसक उगाही करने वाले अपराधी चाहे किसी भी देश के हों, उन्हें सज़ा और डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ेगा.

‘Make Canada Safe’ के तहत बड़ा मैसेज

कनाडाई सरकार का यह कदम साफ संकेत है कि अब साउथ एशियन गैंग नेटवर्क्स के खिलाफ नो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी. जो विदेशी नागरिक कनाडा में हिंसक अपराधों में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें सीधे डिपोर्ट कर दिया जाएगा.

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