औषधीय गुणों का खजाना अरंडी पौधा, पाइल्स से लेकर घाव तक में असरदार – Madhya Pradesh News

Last Updated:January 06, 2026, 17:10 IST
Castor Plant Benefits: डॉ बालेंद्र शेखर पटेल ने लोकल 18 को बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में अरंडी की पत्तियों का भी बहुत महत्व है. अरंडी की पत्तियों को हल्का गर्म कर सूजन या दर्द वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है.
सीधी. मध्य प्रदेश के प्रकृति में ऐसे अनेक पेड़-पौधे मौजूद हैं, जो बिना किसी विशेष देखभाल के अपने आप उग आते हैं और आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माने जाते हैं. इन्हीं औषधीय पौधों में एक नाम है अरंडी, जिसे ग्रामीण भाषा में रेडी बोलते हैं. चौड़ी पत्तियों वाला अरंडी का पौधा एक बारहमासी झाड़ी होता है. इसका तना भले ही कमजोर होता है लेकिन इसकी पत्तियां, बीज और टहनियां आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर मानी जाती हैं. प्राचीन समय से ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसका उपयोग होता आ रहा है.
सीधी के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ बालेंद्र शेखर पटेल ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आयुर्वेद में अरंडी को कई रोगों के उपचार में लाभकारी है. इसके औषधीय गुणों को देखते हुए अब किसान भी इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं. अरंडी के बीजों से निकाले वाला अरंडी का तेल आज आयुर्वेदिक दवाओं, घरेलू नुस्खों और कॉस्मेटिक उत्पादों में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है. यही वजह है कि इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
कब्ज के इलाज में प्राकृतिक रेचकडॉ पटेल ने आगे बताया कि अरंडी का तेल कब्ज के इलाज में एक प्राकृतिक रेचक के रूप में काम करता है. यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और पेट साफ करने में मददगार होता है. इसके साथ-साथ यह बालों की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है. अरंडी का तेल बालों की जड़ों को मजबूत करता है, डैंड्रफ को कम करता है और बालों की ग्रोथ बढ़ाने में सहायक माना जाता है.
रूखी त्वचा के लिए फायदेमंदडॉ पटेल के अनुसार, अरंडी का तेल रूखी त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी है. यह त्वचा को नमी प्रदान करता है और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. नियमित उपयोग से त्वचा मुलायम और स्वस्थ बनी रहती है. यही कारण है कि कई कॉस्मेटिक उत्पादों में भी अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है.
महिलाओं के लिए लाभकारी अरंडी का तेलमहिलाओं के लिए भी अरंडी का तेल लाभकारी बताया गया है. डॉ पटेल ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से में अरंडी के तेल की हल्की मालिश करने से दर्द में आराम मिल सकता है. वहीं बवासीर की समस्या में इसके तेल को मस्सों पर लगाने से सूजन और जलन में राहत मिलती है.
अरंडी की पत्तियों का भी खास महत्वडॉ बालेंद्र शेखर पटेल ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में अरंडी की पत्तियों का भी खास महत्व है. अरंडी की पत्तियों को हल्का गर्म कर सूजन या दर्द वाली जगह पर बांधने से आराम मिलता है. आदिवासी क्षेत्र में आज भी रात के समय अरंडी की पत्तियों पर तेल लगाकर दर्द वाली जगह पर बांधने की परंपरा प्रचलित है. अरंडी एक ऐसा पौधा है, जो ग्रामीण क्षेत्र में आसानी से मिल जाता है और अनेक स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. यही वजह है कि आधुनिक दौर में भी इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ती जा रही है.
About the AuthorRahul Singh
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Location :
Sidhi,Madhya Pradesh
First Published :
January 06, 2026, 17:10 IST
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औषधीय गुणों का खजाना अरंडी पौधा, पाइल्स से लेकर घाव तक में असरदार
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



