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एसआईआर पर राजस्थान में जश्न और बवाल, वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण बना ‘सियासी रण’, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Last Updated:December 04, 2025, 16:31 IST

Jaipur News: एसआईआर पर राजस्थान में एक तरफ जश्न मनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ इस पर बवाल मचा हुआ है. चुनाव आयोग ने राजस्थान में एसआईआर पर एक्सरसाइज लगभग पूरी कर ली है. वहीं राजस्थान कांग्रेस के चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का दावा है कि इसकी आड़ में 25 से 30 लाख वोट काट दिए गए हैं.

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एसआईआर पर राजस्थान में जश्न और बवाल, वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण बना 'सियासी रण'राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का आरोप है कि एसआईआर के जरिये खेला किया जा रहा है.

जयपुर. राजस्थान में एसआईआर का लगभग काम तेजी से पूरा कर लिया गया है. देशभर के 12 राज्यों में चल रहे एसआईआर के काम में राजस्थान अव्वल बना हुआ है. मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 में राजस्थान में फॉर्म डिजिटाइजेशन का काम 98.78 फीसदी और मतदाता मैपिंग का काम 94 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है. बाड़मेर और फलौदी समेत पांच जिलों में तो डिजिटाइजेशन का शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है. दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस के चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि राजस्थान में करीब 25 से 30 लाख वोटर्स का नाम काट दिया है. एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस दिसंबर माह में ही दिल्ली में बड़ी रैली करने जा रही है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के मुताबिक सूबे की पांच विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य भी 99 फीसद भी अधिक पूरा हो चुका है. ओवर ऑल राजस्थान में 40000 से अधिक बूथों पर एसआईआर का काम पूरा हो चुका है. प्रदेश में बेहतरीन कार्य करने वाले 188 बीएलओ और सुपरवाइजर्स सम्मानित किया गया है. राजस्थान के कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 गणना प्रपत्रों में से 5 करोड़ 39 लाख से अधिक प्रपत्र ECI-Net पर सफलतापूर्वक अपलोड किए जा चुके हैं. अभियान की 98.78 प्रतिशत उपलब्धि निर्धारित समय सीमा से पहले हासिल की गई है.

राजस्थान अव्वल बना हुआ हैमुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 94 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर राजस्थान ने देशभर में प्रथम स्थान पर है. राज्य के 5 विधानसभा क्षेत्रों (लोहावट, बायतु, नगर, कपासन, सिकराय और सलूंबर) में 99% से ज्यादा मतदाता मैप कर लिए गए हैं. इसके साथ ही 16 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां यह है आंकड़ा 98% से अधिक का है. प्रदेश के 5 जिलों बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़ और फलौदी में सभी गणना प्रपत्र पूर्णतः डिजिटाइज कर दिए गए हैं. 48 विधानसभा क्षेत्रों में भी डिजिटाइजेशन कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है.

एसडीएम और बीएलओ मिलकर डांस कर रहे हैंराजस्थान में तेजी से हुए एसआईआर के कार्य के कारण यहां की ब्यूरोक्रेसी में खुशी की लहर है. बीएलओ के साथ संबंधित अधिकारी जश्न मना रहे हैं. एसडीएम और बीएलओ मिलकर डांस कर रहे हैं. पार्टियां हो रही है. अधिकारियों का साफा बांधकर सम्मान किया जा रहा है. बेहतरीन काम करने वाले बीएलओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है. वहीं कांग्रेस इस पूरी प्रक्रिया से तिलमिलाई हुई है. कांग्रेस का आरोप है कि कांग्रेस के सोच रखने वाले वोटर्स के नाम बड़ी संख्या में काट दिए गए हैं.

बीजेपी हारी हुई बाजी जीतने का प्रयास कर रही हैराजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तो इनकी संख्या 25 से 30 लाख तक बताई है. डोटासरा का आरोप है कि बीजेपी एसआईआर के माध्यम से पंचायत चुनाव की हारी हुई बाजी को बेईमानी से जीतना चाहती है. डोटासरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी को इस बात का अहसास हो चुका था कि वह निकाय और पंचायत चुनावों में हार रही है. इसलिए वह समय पर पंचायत चुनाव नहीं करना चाहती थी. अब वह एसआईआर का सहारा लेकर हारी हुई बाजी जीतने का प्रयास कर रही है. एसआईआर के जरिये ‘खेला’ किया जा रहा है. गुजरात में रह रहे बीजेपी माइंडेड राजस्थानी के लोगों के नाम यहां जुड़वाए जा रहे हैं. एसआईआर में शिफ्टेड, अबसेंट और डेथ तीनों में बेईमानी की जा रही है.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें

Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

December 04, 2025, 16:31 IST

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एसआईआर पर राजस्थान में जश्न और बवाल, वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण बना ‘सियासी रण’

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