दर्द से कराहता बच्चा, एक्स-रे ने खोली सच्चाई! पीबीएम अस्पताल में इलाज के नाम पर लापरवाही?

Last Updated:December 13, 2025, 16:05 IST
Bikaner News : पीबीएम अस्पताल बीकानेर में इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां बच्चे के पैर के प्लास्टर में सर्जिकल ब्लेड छूट गया. दर्द बढ़ने पर कराए गए एक्स-रे में ब्लेड दिखा, जिसके बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया. परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर फिर सवाल खड़े कर दिए.
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विक्रम जागरवाल/बीकानेर. प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में गिने जाने वाले पीबीएम अस्पताल से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक बच्चे के पैर में किए गए प्लास्टर के भीतर सर्जिकल ब्लेड छूट जाने का आरोप लगा है. दर्द से कराहते बच्चे को जब परिजन दोबारा जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे और एक्स-रे कराया गया, तब इस खतरनाक लापरवाही का खुलासा हुआ. मामला सामने आने के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने पीबीएम अस्पताल के चिकित्सकों व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
बताया जा रहा है कि पीबीएम अस्पताल में उवेश रजा नामक बच्चे के पैर में प्लास्टर किया गया था. शुरुआती इलाज के बाद परिजन बच्चे को घर ले गए, लेकिन कुछ समय बाद ही बच्चे को पैर में तेज दर्द होने लगा. दर्द लगातार बढ़ता गया और बच्चा ठीक से पैर भी नहीं हिला पा रहा था. परिजनों ने इसे सामान्य प्लास्टर का दर्द समझकर कुछ समय इंतजार किया, लेकिन जब स्थिति और बिगड़ने लगी तो वे बच्चे को दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे.
एक्स-रे में हुआ खुलासा, प्लास्टर के अंदर मिली सर्जिकल ब्लेडपरिजनों के अनुसार जब बच्चे के दर्द की शिकायत डॉक्टरों से की गई तो शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. इसके बाद परिजनों ने खुद पहल करते हुए दोबारा एक्स-रे करवाया. एक्स-रे रिपोर्ट सामने आते ही सभी हैरान रह गए. रिपोर्ट में साफ दिखाई दिया कि बच्चे के पैर के प्लास्टर के अंदर एक सर्जिकल ब्लेड मौजूद है. इस खुलासे के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रशासन से शिकायत की. परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते यह ब्लेड नहीं पकड़ा जाता तो बच्चे के पैर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था. सर्जिकल ब्लेड से अंदरूनी चोट, नसों को नुकसान या संक्रमण का खतरा बना हुआ था. परिजनों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर इलाज में भारी लापरवाही का मामला है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन की बनती है.
सुनवाई नहीं होने का आरोप, परिजनों में आक्रोशपीड़ित बच्चे के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर पीबीएम अस्पताल प्रशासन से शिकायत की, तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया. परिजनों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और न ही तुरंत कोई ठोस कार्रवाई की गई. इससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया. परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन चिकित्सकों या स्टाफ की लापरवाही से बच्चे की जान को खतरे में डाला गया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. उनका कहना है कि अगर इस तरह की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों का सरकारी अस्पतालों से भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवालपीबीएम अस्पताल जैसे बड़े संस्थान से इस तरह की लापरवाही सामने आना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है. प्लास्टर जैसी सामान्य प्रक्रिया में सर्जिकल ब्लेड का छूट जाना गंभीर चूक मानी जा रही है. अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
December 13, 2025, 16:05 IST
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दर्द से कराहता बच्चा, एक्स-रे ने खोली सच्चाई! इलाज के नाम पर भयंकर लापरवाही?



