Cloudfare Down | Why Cloudfare Down Today | क्लाउडफ्लेयर फिर डाउन! लुढ़क गई हजारों वेबसाइट्स, आग बबूला हुए यूजर्स

आज 5 दिसंबर 2025 को दुनिया भर में इंटरनेट यूजर्स को एक बड़ा झटका लगा. क्लाउडफ्लेयर नाम की कंपनी का सिस्टम अचानक डाउन हो गया. ये कंपनी इंटरनेट की दुनिया में एक बड़ा नाम है, जो वेबसाइट्स को तेज लोड करने और साइबर अटैक से बचाने का काम करती है. असल में, ये यूजर और वेबसाइट के बीच एक ब्रिज की तरह काम करती है. लेकिन जब ये डाउन हुआ तो लाखों वेबसाइट्स प्रभावित हो गईं.
खासकर Canva जैसी डिजाइनिंग वाली साइट और डाउनडिटेक्टर जैसी आउटेज ट्रैकिंग वाली वेबसाइट्स ठप हो गईं. जो लोग इस दौरान काम कर रहे थे उन्हें अचानक ही स्क्रीन पर Error मैसेज आ गया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने अपना गुस्सा जाहिर किया. किसी यूजर की मीटिंग कैंसल हो गई तो कहीं ऑनलाइन शॉपिंग ही ठप हो गई. एक यूजर ने तो ये तक लिख डाला – “क्लाउडफ्लेयर डाउन है, तो पूरा इंटरनेट डाउन लग रहा है. कब ठीक होगा?”
यूजर्स ने जाहिर किया गुस्सा
एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट किया- “मेरा पूरा प्रोजेक्ट रुक गया, कंपनी सुधारो जरा!” वहीं, एक अन्य यूजर ने भी इस मामले पर पोस्ट किया कि ‘भला इतनी बड़ी कंपनी कैसे डाउन हो सकती है..इन्हें अपना सिस्टम सही करने की जरूरत है.’ आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब क्लाउडफ्लेयर ने ऐसा धोखा दिया. पिछले महीने नवंबर में भी एक बड़ा आउटेज हुआ था, जिसमें Spotify, चैटजीपीटी और यहां तक कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म भी कुछ देर के लिए बंद हो गई थी. तब भी यूजर्स ने पोस्ट में अपना गुस्सा जाहिर किया था.
आज का ये आउटेज क्लाउडफ्लेयर के डैशबोर्ड और एपीआई यानी एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस पर हुआ. कंपनी ने अपनी स्टेटस पेज पर लिखा कि “कस्टमर्स जो डैशबोर्ड या क्लाउडफ्लेयर एपीआई यूज कर रहे हैं, उन्हें रिक्वेस्ट फेल हो सकती हैं और Error मैसेज दिख सकते हैं. हम जांच कर रहे हैं.” लेकिन ये स्टेटमेंट आने तक तो यूजर्स का गुस्सा आसमान छू चुका था. एक्स पर हजारों पोस्ट्स आ गए.
एक्सपर्ट्स ने कह दी ये बात
इतना ही नहीं, एक्स पर यूजर्स ने न सिर्फ शिकायत की, बल्कि मीम्स भी बनाए. कोई क्लाउडफ्लेयर को “क्लाउड फेल” कह रहा था, तो कोई पूछ रहा था “क्या अब ऑफलाइन मोड में लौटना पड़ेगा?” कई यूजर्स का तो ये भी कहना था कि क्लाउडफ्लेयर को अपनी सिक्योरिटी और बैकअप सिस्टम पर और काम करना पड़ेगा.
भारतीय यूजर्स पर भी इसका असर पड़ा, क्योंकि क्लाउडफ्लेयर कई भारतीय कंपनियों को सर्विस देती है. छोटे-बड़े बिजनेस वाले जो अपनी वेबसाइट्स को प्रोटेक्ट करने के लिए इसे यूज करते हैं, वो सब परेशान हो गए. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने बताया है कि क्लाउडफ्लेयर जैसी कंपनियां इंटरनेट की रीढ़ हैं. अगर इनमें खराबी आ जाए तो अनरिलेटेड वेबसाइट्स भी गिर जाती हैं. पिछले आउटेज में भी यही हुआ था, जब स्पॉटिफाई पर गाने रुक गए और चैटजीपीटी से यूजर्स को जवाब नहीं मिल रहा था. आज कंपनी ने कहा है कि वो एक्टिवली इन्वेस्टिगेट कर रही है, फिलहाल यूजर्स को राहत मिल चुकी है. ऐसी परेशानी होने पर कंपनी के ऊपर कई तरह के सवाल भी खड़े हो जाते हैं.



