मेवाड़ पूर्व राजपरिवार की वसीयत पर विवाद गहराया, बेटियों ने पिता की मानसिक स्थिति पर उठाए सवाल

Last Updated:December 31, 2025, 17:21 IST
Udaipur News Hindi : मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार में संपत्ति को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है. दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को उनकी बेटियों पद्मजा और भार्गवी कुमारी ने कोर्ट में चुनौती दी है. मानसिक स्थिति पर उठे सवालों के बीच बेटे डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. 
मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के दिवंगत सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को लेकर नया और गंभीर कानूनी विवाद सामने आया है. उनकी छोटी बेटी पद्मजा कुमारी और बड़ी बेटी भार्गवी कुमारी ने कोर्ट में दायर याचिका में अपने पिता की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए वसीयत को चुनौती दी है. दोनों बेटियों का आरोप है कि अरविंद सिंह शराब पीने के आदी थे और मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थे, इसलिए वे विवेकपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में नहीं थे. इसी आधार पर उन्होंने अंतिम वसीयत को अवैध ठहराने की मांग की है.

यह याचिका मुंबई हाईकोर्ट में दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि 7 फरवरी 2025 को बनाई गई वसीयत के समय अरविंद सिंह मेवाड़ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. आप को बता दे कि अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च 2025 को हुआ था. वसीयत में उन्होंने अपनी स्व-अर्जित संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी अपने पुत्र डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को नामित किया था, जिसके बाद से ही परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया.

बेटियों के आरोपों पर उनके भाई डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संपत्ति के लालच में उनकी बहनों ने अपने ही पिता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. लक्ष्यराज ने कहा कि जिन पिता ने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया, उन्हें शराबी और मानसिक रूप से विकृत बताना बेहद दुखद है. उन्होंने इसे अपने लिए गहरा मानसिक आघात बताया और कहा कि ऐसे आरोप लगाने वालों को ईश्वर श्रीएकलिंगनाथजी कभी माफ नहीं करेंगे.
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वहीं जब मीडिया ने पद्मजा और भार्गवी कुमारी से इन आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया जाननी चाही तो दोनों ने इस पर “नो कमेंट” कहकर जवाब देने से इनकार कर दिया. दोनों बेटियों ने कोर्ट में अरविंद सिंह मेवाड़ की स्व-अर्जित संपत्तियों में हिस्सा मांगा है. इन संपत्तियों में उदयपुर की शिकारबाड़ी की भूमि, मुंबई स्थित मेवाड़ हाउस के छठे माले का आधा हिस्सा और दार्जिलिया हाउस सहित अन्य संपत्तियां शामिल बताई गई हैं.

इस मामले में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने हाईकोर्ट में शपथ-पत्र पेश कर कहा है कि उनके पिता मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थे. उन्होंने तर्क दिया कि अगस्त और दिसंबर 2024 में दोनों बहनों ने कुछ कंपनियों के शेयर पिता को गिफ्ट किए थे, जिन्हें अरविंद सिंह ने स्वीकार करते हुए गिफ्ट डीड पर हस्ताक्षर किए.इसके अलावा जनवरी 2025 में पिता के कहने पर ही दोनों बहनों ने उन कंपनियों के निदेशक पदों से इस्तीफा भी दिया था, जो उनकी मानसिक क्षमता का प्रमाण है.

कानूनी स्तर पर यह मामला अब और पेचीदा हो गया है। वसीयत से जुड़े प्रकरण जोधपुर और मुंबई हाईकोर्ट में अलग-अलग लंबित थे. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए सभी मामलों को दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं.कोर्ट ने सभी पक्षकारों को 12 जनवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं

मेवाड़ पूर्व राजपरिवार की यह कानूनी लड़ाई देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. आने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को वैध माना जाता है या बेटियों के आरोपों के आधार पर इसमें बदलाव की गुंजाइश बनती .
First Published :
December 31, 2025, 17:21 IST
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मेवाड़ संपत्ति विवाद: अरविंद सिंह की वसीयत पर कोर्ट में लड़ाई



