आरसीसी छत मकानों की लागत बढ़ी, स्टांप ड्यूटी भी महंगी, अब इतने में होगी 100 वर्गफुट मकान की रजिस्ट्री

Last Updated:November 28, 2025, 21:50 IST
Sikar News : सीकर में आरसीसी छत वाले मकानों की निर्माण लागत 1200 से बढ़ाकर 1800 रुपए प्रति वर्गफुट कर दी गई है. इससे रजिस्ट्री शुल्क, स्टांप ड्यूटी और कुल खर्च बढ़ेगा.
आरसीसी छत वाले मकानों और फ्लैटों की निर्माण लागत को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. पहले जहां प्रति वर्गफुट निर्माण लागत 1200 रुपए निर्धारित थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1800 रुपए कर दिया गया है. इस 600 रुपए प्रति वर्गफुट की बढ़ोतरी का सीधा असर घर बनवाने वालों और फ्लैट खरीदने वालों पर पड़ेगा. पंजीयन के समय इसी नई दर को आधार बनाकर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क तय किया जाएगा, जिससे कुल खर्च बढ़ेगा.

नई दरें लागू होने के बाद सीकर शहर के करीब 250 से अधिक प्लॉट और मकान इस बढ़ोतरी के दायरे में आ जाएंगे. पंजीयन विभाग में रोजाना लगभग 100 रजिस्ट्रियां होती हैं, जिनमें से करीब 40 मकानों और फ्लैटों की होती हैं. बढ़ी हुई निर्माण लागत के कारण इन सभी रजिस्ट्रियों में अधिक शुल्क लगेगा. इससे न सिर्फ आम उपभोक्ता पर भार बढ़ेगा बल्कि पूरी रियल एस्टेट प्रक्रिया की कीमतों में भी बदलाव आएगा.

राजस्व विभाग के मुताबिक निर्माण लागत में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी आने के बाद प्रतिदिन के राजस्व में लगभग 10 लाख रुपए तक बढ़ोतरी होगी. यह वृद्धि महीने भर में करीब 2 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी. सरकार के लिए यह निश्चित रूप से आय बढ़ाने का साधन साबित होगा, लेकिन आम नागरिक के लिए घर की रजिस्ट्री की कुल लागत बढ़ना एक आर्थिक चुनौती बनकर सामने आएगा.
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निर्माण लागत बढ़ाने के फैसले के बाद सरकार की नीति को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. जनता का कहना है कि जब सरकार अपने सिविल निर्माण कार्यों को 800 से 1000 रुपए प्रति वर्गफुट की लागत पर करवाती है, तो आम आदमी के लिए यही निर्माण मूल्य 1800 रुपए प्रति वर्गफुट कैसे निर्धारित किया गया? यह विरोधाभास जनता के बीच सरकार की नीति को दोहरे मानदंड जैसा दिखा रहा है और इसे लेकर आलोचनाएं तेज हो गई हैं.

स्टांप विभाग के डीआईजी नीरज मीणा के अनुसार सरकार द्वारा जारी नई दरें लागू कर दी गई हैं और अब सभी रजिस्ट्रियां इन्हीं संशोधित दरों के अनुसार बनाई जा रही हैं. विभाग का कहना है कि यह बदलाव सरकार के राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है. हालांकि, आम जनता इसे बोझ मान रही है क्योंकि इससे मकान खरीदने या अपनी संपत्ति पंजीकृत कराने में अब पहले से काफी अधिक खर्च आएगा.

उदाहरण के तौर पर, पहले 100 वर्गफुट निर्मित मकान की रजिस्ट्री 1200 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से 1.20 लाख रुपए में होती थी. लेकिन अब नई दर 1800 रुपए होने से इसकी रजिस्ट्री लागत 1.80 लाख रुपए हो जाएगी। यानी केवल निर्माण लागत में ही 60 हजार रुपए की बढ़ोतरी होगी. इसके अलावा स्टांप ड्यूटी 6 हजार, सरचार्ज 1800 और 1000 रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क अतिरिक्त रूप से देने होंगे, जिससे कुल खर्च काफी बढ़ जाएगा.

रीको क्षेत्र में टीनशेड के लिए भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है. पहले जहां 3 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर शुल्क लगता था, अब इसे 5 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है. उद्योगों और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोग इस नई लागत को लेकर चिंता जता रहे हैं. उनका कहना है कि बढ़ी हुई कीमतें उत्पादन लागत को प्रभावित करेंगी और नए उद्यमियों के लिए टीनशेड या छोटे निर्माण कार्य करवाना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा.
First Published :
November 28, 2025, 21:50 IST
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RCC छत मकानों की लागत बढ़ी, स्टांप ड्यूटी भी महंगी, अब इतने में होगी रजिस्ट्री



