खीरे की खेती और कमाई 40 लाख… ये तकनीक किसान के लिए बनी वरदान..अब दूसरे राज्यों में कर रहा सप्लाई

Last Updated:April 04, 2025, 12:42 IST
Agriculture Tips: जिले के निवासी युवा किसान चतुर्भुज आधुनिक खेती के जरिए खीरे की खेती करके सालाना 40 रुपये से ज्यादा की इनकम कर रहे हैं. वे बताते हैं शुरुआत में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन आज वे खीरे…और पढ़ें
खीरे की खेती
हाइलाइट्स
किसान चतुर्भुज ने पॉलीहाउस तकनीक से खीरे की खेती शुरू कीआधुनिक खेती से सालाना 40 लाख की कमाई कर रहे हैंखीरे को बीकानेर, दिल्ली, चंडीगढ़, लुधियाना में बेचते हैं
बीकानेर:- जिले के निवासी एक किसान परंपरागत खेती छोड़ करके आधुनिक तकनीक के जरिए अब लाखों की कमाई कर रहे हैं. उन्होंने आत्मा योजना के तहत भ्रमण कार्यक्रम के दौरान दूसरे राज्यों में हो रही उद्यानिकी तकनीक को जाना और उसे अपनाने का निर्णय लिया, जिससे आज उनकी कमाई लाखों रुपये है. आपको बता दें, ये किसान हैं बीकानेर जिले के निवासी चतुर्भुज. ये पिछले आठ सालों से खीरे की खेती कर रहा है और पॉलीहाउस व शेडनेट हाउस की मदद से हर साल 40 लाख की कमाई कर रहे हैं. ऐसे में जानते हैं उन्हें कैसे इस तकनीक के जरिए खेती करने का आइडिया आया और कैसे वह कठिनाइयों को पार करके यहां तक पहुंचे हैं
किसान ने दी जानकारीकिसान चतुर्भुज ने बताया कि 2017 तक वे परंपरागत खेती ही कर रहे थे, लेकिन इस दौरान आत्मा योजना के तहत भ्रमण कार्यक्रम के दौरान दूसरे राज्यों में हो रही उद्यानिकी तकनीक को जाना और उसे अपनाने का निर्णय लिया. वे आगे बताते हैं, कि उद्यान विभाग अधिकारियों के साथ संपर्क कर, अनुदान राशि से खेत की दो एकड़ जमीन में दो पॉलीहाउस लगाने का निर्णय लिया. उन्होंने बताया कि शुरुआती सालों में खेती से लागत के हिसाब से लाभ प्राप्त नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. इसके बाद उनकी मेहनत रंग लाई और खीरे की खेती से अच्छा मुनाफा होने लगा.
उन्होंने उद्यानिकी विभाग की मदद से एक और पॉलीहाउस व दो शेड नेट हाउस स्थापित किए हैं. उन्होंने आगे बताया, कि विभागीय अधिकारियों व विभिन्न योजना की सहायता राशि से चार एकड़ जमीन पर तीन पॉलीहाउस व दो शेडनेट हाउस से साल में दो फसलों के जरिए लाखों रुपए की आमदनी की है. आगे उन्होंने बाताया, कि वे खीरे को बीकानेर के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, लुधियाना, पंजाब इत्यादि क्षेत्रों में बेचते है. वहीं, किसान आगे बताया, कि युवा किसान से युवा उद्यमी बनने तक के सफर में पॉलीहाउस के साथ उद्यान विभाग की अन्य संचालित योजनाएं जैसे कि सोलर पंप संयंत्र, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, वह वर्षा जल संरक्षण इत्यादि को भी मैंने अपनाया.
ये है प्रावधानआपको बता दें, किसान चतुर्भुज ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत 70 प्रतिशत अनुदान की मदद से पॉलीहाउस के जरिए खीरे की खेती कर, 40 लाखों की आमदनी की है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत संरक्षित खेती कार्यक्रम के तहत पॉलीहाउस स्थापना पर उद्यान विभाग की ओर से सामान्य किसान को 50 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के किसानों को 70 प्रतिशत व अनुसूचित जनजाति लघु व सीमांत कृषकों को 95 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है.
Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
April 04, 2025, 12:40 IST
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इस तकनीके से किसान हो गया मालामाल, खीरे की खेती से कमाए 40 लाख रुपये!