नागौर पान मेथी की कटिंग शुरू, किसानों को मिल रहा अच्छा रिटर्न.

Last Updated:November 04, 2025, 15:07 IST
Agriculture News: राजस्थान के नागौर जिले में इन दिनों खेतों से लेकर मंडियों तक नागौरी पान मेथी की सुगंध फैली हुई है. ग्वार, मूंग और बाजरे की कटाई के बाद किसानों ने बड़े पैमाने पर इस फसल की बुवाई की थी, जिसकी पहली कटिंग अब तैयार है. अपनी खास खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर यह मेथी किसानों को अच्छा रिटर्न दे रही है. बढ़ती मांग और बेहतर दामों के चलते नागौर की पान मेथी अब जिले की नई पहचान बनती जा रही है.
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नागौर. राजस्थान के नागौर जिले में इन दिनों खेतों से लेकर मंडियों तक पान मेथी की सुगंध फैली हुई है. नागौरी पान मेथी अपनी खास खुशबू और स्वाद के कारण दूर-दूर तक मशहूर है. इस मौसम में किसानों ने ग्वार, मूंग और बाजरे की कटाई पूरी होने के बाद बड़े पैमाने पर पान मेथी की बुवाई की थी, जिसकी पहली लौ यानी पहली कटिंग अब तैयार हो चुकी है. खेतों में हरियाली छाई हुई है और किसान मेथी की कटाई में व्यस्त हैं. उन्नत किसान जवानराम ने बताया कि यह फसल लगभग 35 से 40 दिनों में पहली कटिंग के लिए तैयार हो जाती है.
नागौर के रूण, इंदोकली, कुचेरा, खजवाना, जनाणा, ढाढरिया कलां, खुड़खुड़ा और देशवाल सहित कई गांवों में इस समय पान मेथी की कटिंग जोरों से चल रही है. किसान राजेंद्र भालिया ने बताया कि पान मेथी की कुल 10 से 12 लौ तक कटाई की जाती है. वर्तमान में पहली लौ का बाजार भाव 150 रुपये प्रति किलो के करीब चल रहा है. प्रति बीघा औसतन उत्पादन 8 से 10 क्विंटल तक रहता है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी हो रही है. मेथी की बढ़ती मांग के कारण स्थानीय मंडियों में रौनक बढ़ गई है.
किसानों को मिल रहा अच्छा रिटर्न
किसान बताते हैं कि अंतिम कटिंग के बाद फसल को बीज उत्पादन के लिए छोड़ दिया जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है, जो किसान किशनगढ़ से बीज खरीदते हैं, उन्हें इसकी लागत लगभग 15,000 से 20,000 रुपये प्रति बीघा तक आती है. वहीं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बीज की कीमत लगभग 60,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाती है. बुवाई के लिए प्रति बीघा करीब 35 किलो बीज की आवश्यकता होती है, इस लागत के बावजूद किसानों का मानना है कि फसल का रिटर्न काफी अच्छा है और यह पारंपरिक फसलों के मुकाबले अधिक लाभ देती है.
नागौर की पहचान बन चुकी पान मेथी
कृषि सहायक निदेशक रामप्रकाश बेड़ा ने बताया कि इस बार नागौरी पान मेथी की बुवाई पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हुई है. उन्होंने कहा कि रूण और इसके आसपास के गांवों में किसानों ने इस फसल को बड़े स्तर पर अपनाया है, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है. बेड़ा ने बताया कि अगर मौसम अनुकूल रहा, तो इस बार पान मेथी की खुशबू और गुणवत्ता दोनों पहले से बेहतर रहेंगी. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे कटिंग के बाद खेत की नमी बनाए रखें और समय-समय पर हल्की सिंचाई करते रहें. उन्होंने कहा कि नागौरी पान मेथी की बढ़ती लोकप्रियता से किसानों का मनोबल बढ़ा है. बेहतर दाम और लगातार बढ़ती मांग के कारण यह फसल अब नागौर की पहचान बनती जा रही है.
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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Location :
Nagaur,Rajasthan
First Published :
November 04, 2025, 15:07 IST
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नागौर पान मेथी की कटिंग हुई शुरू, किसानों को मिल रहा अच्छा मुनाफा



