Delhi NCR Winter Health Alert Cold Fog and Pollution Triple Attack | दिल्ली एनसीआर में ठंड कोहरा और प्रदूषण का ट्रिपल अटैक

Pollution, Fog & Cold Effects: उत्तर भारत में इस वक्त सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है. दिल्ली-एनसीआर में भी पारा काफी लुढ़क गया है और घना कोहरा सर्दी बढ़ा रहा है. सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर की हवा भी बेहद जहरीली हो जाती है. इस वक्त ठंड, कोहरा और एयर पॉल्यूशन का कॉकटेल बन गया है, जो लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इन तीनों का कॉम्बिनेशन सभी लोगों के लिए बेहद खतरनाक है. इससे हार्ट से लेकर, फेफड़ों और अन्य कई बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है. जो लोग पहले से बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह मौसम काफी परेशानी भरा हो सकता है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने को बताया कि ठंड की वजह से हमारे शरीर की ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या होती है, उनके लिए ज्यादा सर्दी से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ सकता है. इसके अलावा ठंड की वजह से जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या भी बढ़ जाती है. छोटे बच्चे, बुजुर्ग, हार्ट के मरीज और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, वरना तबीयत बिगड़ सकती है.
कोहरा और पॉल्यूशन का कॉम्बिनेशन भी खतरनाक
डॉक्टर रावत ने बताया कि कोहरे में हवा भारी हो जाती है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगती है. कोहरे के कारण गले में खराश, खांसी और आंखों में ड्राइनेस व जलन की समस्या बढ़ सकती है. खासतौर से जब कोहरे के साथ एयर पॉल्यूशन मिक्स हो जाए, तो इससे स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है. हवा में मौजूद जहरीले कण PM2.5 और PM10 सांस के जरिए सीधे हमारे फेफड़ों में पहुंच जाते हैं. इससे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं ट्रिगर हो जाती हैं. लंबे समय तक पॉल्यूशन के कारण क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) का खतरा भी बढ़ जाता है. कई रिसर्च में यह भी पता चला है कि पॉल्यूशन और ठंड के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है.
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ऐसे लोगों के लिए ट्रिपल अटैक सबसे ज्यादा घातक
एक्सपर्ट के अनुसार ठंड शरीर की प्रोटेक्टिव पावर कम करती है. जबकि कोहरा और एयर पॉल्यूशन मिलकर ऑक्सीजन सप्लाई घटाते हैं. इसकी वजह से सांस की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है और जो पहले से इसके मरीज हैं, उनकी कंडीशन ज्यादा बिगड़ जाती है. बच्चे, बुजुर्ग, अस्थमा पेशेंट, दिल के मरीज और डायबिटिक लोगों को इस मौसम में कॉम्प्लिकेशंस का सबसे ज्यादा खतरा होता है. इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी ठंड, कोहरा और पॉल्यूशन का कॉम्बिनेशम बेहद नुकसानदायक हो सकता है. इससे न सिर्फ गर्भवती महिलाएं, बल्कि उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी बुरा असर पड़ सकता है.
इन परेशानियों से बचने के लिए क्या करना चाहिए
डॉक्टर सोनिया रावत ने बताया कि ठंड, कोहरा और पॉल्यूशन के ट्रिपल अटैक से बचने के लिए घर से बाहर निकलने से बचें और घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल जरूर करें. बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें और प्रॉपर गर्म कपड़े पहनकर जाएं. सुबह-शाम टहलने से बचें और जब धूप निकले, तब बाहर वॉक करने जाएं. शरीर को गर्म रखने के लिए गुनगुना पानी पिएं और सूप का सेवन करें. गर्म और ताजा खाना खाने से भी सेहत ठीक रहती है. बाहर का जंक फूड खाने से बचें और कोहरे में ज्यादा देर न रुकें. अगर सांस फूलने, सीने में जकड़न जैसे लक्षण नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.



