‘मेरे पास खाने तक के पैसे नहीं थे’, 1 सड़क हादसे से बदली थी किस्मत, शक्ति कपूर को मिला था करियर चमकाने वाला रोल

नई दिल्ली. दिग्गज एक्टर शक्ति कपूर पिछले कई सालों से बॉलीवुड इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. वह सिल्वर स्क्रीन पर खलनायकी से लेकर अपनी कॉमेडी तक का जलवा बिखेर चुके हैं. हाल ही में शक्ति कपूर ने बताया कि कैसे एक मामूली सड़क हादसे ने उनके करियर चमका दी थी. साल 1980 में आई फिरोज खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म कुर्बानी उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई. यह फिल्म उन्हें तब मिली थी, जब वह मुंबई में पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे और उनके पास गुजारे तक के पैसे नहीं थे.
अल्फा नियॉन स्टूडियोज के साथ बातचीत में शक्ति कपूर ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्हें फिल्मों में बहुत ही छोटे-मोटे रोल मिलते थे. शक्ति कपूर ने बताया, ‘कुर्बानी ही वह फिल्म थी, जिसने मुझे आज की पहचान दी. उस एक फिल्म ने मेरी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी.’ उस दौर में शक्ति कपूर दिग्गज एक्टर विनोद खन्ना के घर पर बतौर पेइंग गेस्ट रह रहे थे. उन्होंने खुलासा किया कि उस वक्त उनकी माली हालत इतनी खराब थी कि किराया देना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी.
विनोद खन्ना ने तरस खाकर रहने के लिए दिया था घर
शक्ति कपूर ने याद करते हुए बताया, ‘मैं विनोद खन्ना के घर पर रह रहा था और मेरे पास पेइंग गेस्ट का किराया देने तक के पैसे नहीं थे. जब विनोद खन्ना को पता चला कि मैं कितने बुरे दौर से गुजर रहा हूं और कितनी तंगी झेल रहा हूं, तो उन्होंने हमें जुहू में अपना एक खाली घर दे दिया, ताकि मैं वहां आराम से रह सकूं.’
शक्ति कपूर की कार को फिरोज खान की मर्सिडीज से लगी टक्कर
उसी दौरान शक्ति कपूर ने एक कैलेंडर फोटोशूट से किसी तरह पैसे जोड़े और 11 हजार में एक पुरानी फिएट कार खरीदी. उन्हें तब यह अंदाजा भी नहीं था कि यही मामूली सी कार उनके करियर का सबसे बड़ा रास्ता खोल देगी. शक्ति कपूर ने बताया, ‘मैं लिंकिंग रोड पर गाड़ी चला रहा था, तभी पीछे से एक मर्सिडीज आई और उसने मेरी कार को टक्कर मार दी. टक्कर मारने के बाद वह गाड़ी अचानक ब्रेक मारकर मेरे ठीक आगे रुकी. मैं आगबबूला हो गया. मेरे पास खाने तक के पैसे नहीं थे, इस कार को ठीक कराना तो दूर की बात थी. इसलिए मैं गुस्से में बाहर निकला और उस ड्राइवर पर जोर-जोर से चिल्लाने लगा.’
बीच सड़क पर फिरोज खान से शक्ति कपूर ने मांगा था काम
शक्ति कपूर ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए बताया, ‘पता चला कि कार से बाहर निकलने वाला शख्स 6.2 फुट लंभा था और वो कोई और नहीं, बल्कि फिरोज खान थे.’ उन्हें देखते ही शक्ति कपूर का सारा गुस्सा गायब हो गया. शक्ति कपूर बोले, ‘मैं कहने लगा- सर, सर, प्लीज! मेरा नाम शक्ति कपूर है. मैं फिल्म इंस्टीट्यूट से हूं. आपने सबको मौका दिया है, यहां तक कि डैनी को भी मौका दिया, प्लीज मुझे भी एक मौका दे दीजिए. उन्होंने कहा कि अबे, देख तूने मेरी कार का क्या हाल कर दिया है.’
‘कुर्बानी’ मिलते ही चमक उठी थी शक्ति कपूर की किस्मत
उस दिन तो फिरोज खान वहां से चले गए, लेकिन यह मुलाकात उनके जेहन में घर कर गई. शक्ति कपूर का मानना है कि उसी हादसे की वजह से वह फिरोज खान की यादों में बस गए थे, जिसकी वजह से आगे चलकर उन्हें फिल्म कुर्बानी में विलेन का रोल मिला और यही वो रोल था, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा बदल दी.



