Dholpur Famous Bedhai Breakfast – Mor Mukut Misthan Bhandar

सचिन शर्मा.
Dholpur Famous Bedhai: धौलपुर जिले की प्रसिद्ध बेढ़ई अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती है. सूजी, बेसन और दाल के विशेष मिश्रण से बनने वाली यह डिश न सिर्फ धौलपुर में, बल्कि आगरा, ग्वालियर और मुरैना तक के लोगों के लिए पसंदीदा नाश्ता है. बेढ़ई के साथ मिलने वाली आलू की मसालेदार सब्जी इसके स्वाद को दोगुना कर देती है. इसे पूरी और कचौरी का मिश्रण भी कहा जा सकता है, जो राजस्थानी और ब्रज के स्वाद का अद्भुत संगम है.
धौलपुर बस स्टैंड से लगभग 1 किलोमीटर दूर, कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने स्थित मोर मुकुट मिष्ठान भंडार इस बेढ़ई के लिए सबसे मशहूर जगह है. यहाँ सुबह 8 बजे से भीड़ लगना शुरू हो जाती है और रात 8 बजे तक लोगों का आना-जाना जारी रहता है. गर्मागर्म बेढ़ई और आलू की सब्जी का स्वाद पत्ते के दोने में खाने पर और बढ़ जाता है.
15 साल से बरकरार है स्वाद और क्वालिटीमोर मुकुट मिष्ठान भंडार के मालिक पुनीत गोयल बताते हैं कि दुकान को शुरू हुए 15 साल से भी अधिक हो चुके हैं, और उन्होंने कभी भी क्वालिटी के साथ समझौता नहीं किया. बेढ़ई को शुद्ध देसी घी में बनाया जाता है, यही कारण है कि इसका स्वाद लोगों को दीवाना बना देता है.
यहाँ रोज़ाना 400 से 500 ग्राहक बेढ़ई का स्वाद लेने आते हैं. यह आँकड़ा धौलपुर में इस डिश की लोकप्रियता को साबित करता है.
आगरा–ग्वालियर से भी आते हैं बेढ़ई प्रेमीपुनीत गोयल के अनुसार, “हमारे यहाँ आगरा, ग्वालियर, मुरैना से भी लोग सिर्फ बेढ़ई खाने आते हैं और अपने परिवार के लिए पैक करके भी ले जाते हैं.” यह डिश न सिर्फ स्थानीय लोगों के बीच, बल्कि पड़ोसी राज्यों के निवासियों के बीच भी एक खास पहचान रखती है. यहाँ पर सिर्फ ₹20 में दो बेढ़ई आलू की सब्जी के साथ मिलती हैं, जो इसे किफायती भी बनाता है.
ग्राहक भी बताते हैं, स्वाद कहीं और नहीं मिलेगानाश्ता करने आए ग्राहक राहुल बताते हैं, “मैं रोज़ यहाँ आता हूँ, क्योंकि यहाँ की बेढ़ई का स्वाद लाजवाब है. घी में बनने की वजह से इसका फ्लेवर बिल्कुल अलग है और आलू की सब्जी घर जैसा स्वाद देती है.”
ऐसे बनती है धौलपुर की असली बेढ़ईमोर मुकुट मिष्ठान भंडार के हलवाई बताते हैं कि बेढ़ई को सूजी, बेसन, गेहूं का आटा, जीरा, कसूरी मेथी और भीगी उड़द की दाल को पीसकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद अनोखा और कुरकुरा बनता है. यह खास मिश्रण ही धौलपुर की बेढ़ई को अन्य जगहों की बेढ़ई से अलग पहचान देता है.



