राहुल से मोहभंग, ममता पर मेहरबान…क्यों शत्रुघ्न सिन्हा के रास्ते पर मणिशंकर अय्यर, कांग्रेस से कैसी नाराजगी?

नई दिल्ली: गांधी परिवार के कभी खास रहे मणिशंकर अय्यर अब कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी करते जा रहे हैं. मणिशंकर अय्यर अब गांधी परिवार के बारे में खुलकर बोलने लगे हैं. उन्हें अब पार्टी लाइन की भी चिंता नहीं. अव्वल तो उन्हें अब राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी भरोसा नहीं है. यही वजह है कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के सुर पूरी तरह बदल गए हैं. वह अब इंडिया गठबंधन के लिए ममता की तारीफों के पुल बांध रहे हैं. वह कांग्रेस पार्टी को सही और गलत बताने लगे हैं. अय्यर का मानना है इंडिया अलायंस को लीड करने की काबिलियत ममता बनर्जी में है. मणिशंकर अय्यर ने इससे पहले गांधी परिवार पर करियर खत्म करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि उनका सियासी करियर गांधी परिवार ने ही बनाया और खत्म भी उसी ने किया. उनके हालिया बयानों से लग रहा है कि वह शत्रुघ्न सिन्हा की राह पर चल पड़े हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणि शंकर अय्यर ने कहा कि कांग्रेस को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का नेता न बनने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने इस पद के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि गठबंधन के दूसरे नेता यह भूमिका निभाने के लिए अधिक काबिल हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता यह कोई जरूरी सवाल है. कांग्रेस को इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि वह गठबंधन की नेता न रहे. जो भी नेता बनना चाहता है, उसे बनने दो. ममता बनर्जी में काबिलियत है. गठबंधन में दूसरे नेताओं में भी काबिलियत है.’ अय्यर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को टक्कर देने के लिए पिछले साल बनाए गए विपक्षी गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर चुनौती देखी जा रही है.
सबसे पहले जानते हैं कि अय्यर ने अब क्या कहा?मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि कांग्रेस में भी तारीफ कल्चर शुरू हो गया है. इससे फर्क नहीं पड़ता कि विपक्षी गठबंधन को कौन लीड करता है. वजह यह कि कांग्रेस और उनके नेताओं का स्थान हमेशा ही अहम रहेगा. जरूरी नहीं कि वो अकेली अहम पार्टी हो. ममता बनर्जी में क्षमता है, दूसरे नेता भी हैं, जो गठबंधन को लीड कर सकते हैं. जो भी इसकी अगुआई करना चाहे, उसे करने देना चाहिए, मुझे नहीं पता कांग्रेस पार्टी को मेरे बारे में क्या अच्छा नहीं लगता. सोनिया गांधी ने कहा था कि मैं एक बेलगाम तोप हूं. मैं ऐसा बिल्कुल नहीं हूं.’
राहुल गांधी से अय्यर का मोहभंग?मणिशंकर अय्यर के इस बयान से ऐसा लगता है कि उनका राहुल गांधी से मोहभंग हो गया है. उन्हें राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है. हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनावी हार के बाद से ही कांग्रेस बैकफुट पर है. राहुल गांधी जबरदस्त दवाब फेस कर रहे हैं. उनके नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं. उनके अपने अय्यर ही इसकी आवाज को और बुलंद कर रहे हैं. लालू यादव, शरद पवार भी ममता के पक्ष में हैं. अब जब अय्यर ने भी ममता पर भरोसा जता दिया है, ऐसे में कांग्रेस और मुश्किल में घिर गई है. मणिशंकर अय्यर बीते कुछ समय से लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार के खिलाफ बोल रहे हैं. कभी पॉडकास्ट में तो कभी बुक के विमोचन पर… जब भी मौका मिलता है वह अब गांधी परिवार को घेर रहे हैं. भाजपा में कभी शत्रुघ्न सिन्हा ने भी ऐसा ही किया था.
क्यों कांग्रेस से नाराज दिख रहे अय्यर?अब सवाल है कि आखिर मणिशंकर अय्यर ऐसा क्यों कर रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि कांग्रेस में उनकी पूछ लगातार खत्म होती जा रही है. बीते दिनों एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कबूल किया था कि कांग्रेस में अब उनकी अहमियत नहीं रही. उन्हें कांग्रेस अब ज्यादा भाव नहीं दे रही. जिस तरह से कई चुनावों में अय्यर के बयानों से कांग्रेस को नुकसान हुआ, उससे गांधी परिवार ने दूरी बना ली. उन्हें निलंबित भी होना पड़ा. कई विवादित बयानों से तो कांग्रेस ने पल्ला भी झाड़ लिया. यही वजह है कि अब मणिशंकर अय्यर खुलकर कांग्रेस और गांधी परिवार के खिलाफ बोल रहे हैं. बीते दिनों उन्होंने खुलकर कहा था कि कांग्रेस ने उनका करियर बनाया भी और खत्म भी किया. साथ ही उन्होंने अपने और राहुल गांधी के सीमित रिश्तों से भी दुनिया को वाकिफ कराया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी से 10 सालों तक उन्हें मिलने नहीं दिया गया.
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FIRST PUBLISHED : December 24, 2024, 08:09 IST