Kidney disease symptoms : नजरअंदाज न करें ये शुरूआती Symptoms फेल हो जाएगी किडनी, हर छह महीने पर करें ये काम

Last Updated:April 04, 2025, 21:54 IST
Kidney disease symptoms in hindi : शरीर में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो समय पर डॉक्टर से परामर्श लें. किडनी फेल होने की प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है. समय रहते शरीर इसका संकेत देने लगता है.X
डा संदीप देशमुख
हाइलाइट्स
लक्षण दिखते ही डॉक्टर से परामर्श करें.डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज सतर्क रहें.हर छह महीने में किडनी की जांच कराएं.
जौनपुर. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती जीवनशैली में लोग अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें गंभीर बीमारियों से जूझते हुए भुगतना पड़ता है. ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है किडनी फेल होना. जौनपुर के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. संदीप देशमुख किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षणों और समय रहते उसके उपचार के बारे में जरूरी टिप्स दिए हैं. डॉ. देशमुख के अनुसार, अगर कुछ खास संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए तो किडनी को गंभीर रोग से बचाया जा सकता है. डॉ. देशमुख बताते हैं कि किडनी फेल होने की प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है और शरीर समय रहते कुछ संकेत देने लगता है. सबसे पहला लक्षण पेशाब की मात्रा और रंग में बदलाव होता है. यदि पेशाब कम आने लगे, उसमें झाग दिखाई दे या रंग गाढ़ा पीला या लाल हो जाए, तो ये चिंता का विषय हो सकता है. इसके अलावा टखनों, पैरों और चेहरे पर सूजन भी संकेत है कि किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर रही है.
सामान्य समझ कर न करें इग्नोर
डॉ. देशमुख ने बताया कि थकान, कमजोरी, सांस फूलना, भूख न लगना, बार-बार उल्टी जैसा महसूस होना और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत जैसे लक्षण भी किडनी की खराबी से जुड़े हो सकते हैं. कई बार इन लक्षणों को सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर किडनी फेलियर की वजह बन सकती है. डॉ. देशमुख ने खासतौर पर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि ये दोनों बीमारियां किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं. उन्होंने कहा कि इन मरीजों को हर छह महीने में किडनी की नियमित जांच करानी चाहिए, जिससे किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके.
इन तरीकों को अपनाएं
किडनी की देखभाल के लिए डॉ. देशमुख ने कुछ अहम सुझाव दिए. जैसे पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, अत्यधिक नमक और प्रोटीन से परहेज करना, नियमित व्यायाम करना और खुद से पेनकिलर जैसी दवाएं न लेना. डॉ. देशमुख के अनुसार, आज के समय में किडनी की बीमारी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. शरीर के किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से परामर्श लें.
Location :
Jaunpur,Uttar Pradesh
First Published :
April 04, 2025, 21:54 IST
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