Donald Trump VS Venezuela News: Donald Trump Declares Venezuela Airspace Closed | How Strong Is Maduro’s Military and What Happens Next- ट्रंप के आदेश ने वेनेजुएला का आसमान सील किया प्लेन गायब हथियार तैनात जंग छिड़ी तो मादुरो का प्लान क्या है

Agency:एजेंसियां
Last Updated:November 30, 2025, 08:53 IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला का एयरस्पेस ‘पूरी तरह बंद’ घोषित कर दिया, जिससे सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है. वेनेजुएला की सेना पुराने हथियारों और संसाधनों की कमी से कमजोर है, लेकिन मादुरो सरकार गुरिल्ला-स्टाइल प्रतिरोध और अराजकता फैलाने की रणनीति पर काम कर रही है. कराकास ने इसे ‘औपनिवेशिक धमकी’ बताया.
डोनाल्ड ट्रंप.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक ऐसा बयान दिया जिसने पूरे दक्षिण अमेरिका में हलचल मचा दी. ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के ऊपर और उसके आसपास का पूरा एयरस्पेस ‘पूरी तरह बंद’ माना जाए. उन्होंने यह नहीं बताया कि इसका मतलब क्या है या आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, लेकिन इतना साफ है कि अमेरिका अब खुले तौर पर वेनेजुएला पर दबाव बढ़ा रहा है. ट्रंप पहले भी कई बार इशारा कर चुके हैं कि कैरिबियन और प्रशांत में अमेरिकी नेवी जिन संदिग्ध ‘ड्रग बोट्स’ पर हमला कर रही है, वह कार्रवाई आगे चलकर जमीन पर भी बढ़ सकती है. दिलचस्प बात यह है कि यही ट्रंप कुछ हफ्ते पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से फोन पर बात भी कर चुके हैं और मादुरो के वॉशिंगटन दौरे की चर्चा भी हुई थी. यानी रिश्ता टकराव और बातचीत दोनों के बीच झूल रहा है.
वेनेजुएला के एयरस्पेस पर विमानों की आवाजाही कम हुई.
ट्रंप के वेनेजुएला पर दिए बयान का क्या असर?
वेनेजुएला के एयरस्पेस को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो बयान दिया है उसका असर भी साफ दिख रहा है. फ्लाइट रडार 24 के डेटा के मुताबिक वेनेजुएला का एयरस्पेस पूरी तरह खाली है. सभी कॉमर्शियल प्लेन उसके एयरस्पेस से बचकर निकल रहे हैं. ट्रंप की धमकी के कई घंटों बाद क्यूबा का एक जेट वेनेजुएला के एयर स्पेस में दाखिल हुआ. सवाल उठता है कि क्या अमेरिका वेनेजुएला पर हमला कर सकता है?
वेनेजुएला की सेना कितनी मजबूत है?
असलियत यह है कि अमेरिकी सेना की तुलना में वेनेजुएला की सैन्य ताकत बेहद छोटी और कमजोर है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सालों से खराब ट्रेनिंग, पुराने हथियार, रूस से खरीदा लेकिन अब जर्जर हो चुका उपकरण इन सबने वेनेजुएला की फौज को अंदर से कमजोर कर दिया है. मादुरो सैन्य वफादारी बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सरकारी पद देते रहे हैं, लेकिन मैदान स्तर के सैनिकों की सैलरी मुश्किल से 100 डॉलर महीना है, जो एक परिवार की जरूरतों का लगभग पांचवां हिस्सा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो भगदड़ और डेजर्टशन (सैनिकों का पलायन) काफी बढ़ सकता है. जिन जवानों को लड़ाई का तजुर्बा है, वह भी हथियारबंद दुश्मनों से नहीं बल्कि पिछले वर्षों में सड़क पर उतरे आम प्रदर्शनकारियों से भिड़ने का.
वेनेजुएला अमेरिकन हमले का जवाब कैसे देना चाहता है?
लीक हुए सैन्य दस्तावेजों के मुताबिक मादुरो सरकार दो रणनीतियों पर काम कर रही है.
लंबे गुरिल्ला अटैक का प्लान: अगर अमेरिका हवाई या जमीनी हमला करता है, तो वेनेजुएला छोटे-छोटे सैन्य यूनिटों को 280 से ज्यादा जगहों पर बिखेर देगा. यानी पूरे देश में सबोटाज, छोटी-छोटी घात लगाकर हमले, और शहरों में अव्यवस्था पैदा करना. 5,000 रूसी इगला मिसाइलें पहले ही तैनात कर दी गई हैं.
अराजकता फैलाने की गुप्त रणनीति: इसमें इंटेलिजेंस एजेंसी और सत्ताधारी पार्टी के हथियारबंद समर्थक राजधानी कराकास में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाएंगे, ताकि शहर को ‘अशासित’ बनाया जा सके. सरकार ने इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन कई वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र इसकी पुष्टि करते हैं.
कौन-कौन से हथियारबंद ग्रुप एक्टिव हैं?
कोलंबियाई गुरिल्ला संगठन, खासकर ELN, वेनेजुएला के पश्चिमी इलाकों में सक्रिय हैं. सत्ताधारी पार्टी के कोलेक्टिवोस मोटरसाइकिल स्क्वॉड्स में घूमकर प्रदर्शनकारियों को डराते हैं. विपक्ष का आरोप है कि कुछ सैन्य यूनिट ड्रग कार्टेल से जुड़े हैं. मादुरो सरकार हमेशा इन आरोपों को खारिज करती है और कहती है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा करने के लिए ‘रिजीम चेंज’ चाहता है.
वेनेजुएला ने ट्रंप के बयान पर क्या कहा?
वेनेजुएला ने ट्रंप के एयरस्पेस बद करने वाले बयान पर तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी. सरकार ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह आदेश ‘औपनिवेशिक धमकी’ है और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. ट्रंप ने Truth Social पर लिखा था, – ‘सभी एयरलाइंस, पायलटों, ड्रग डीलरों और ह्यूमन ट्रैफिकर्स वेनेजुएला के ऊपर और आसपास का एयरस्पेस पूरी तरह बंद माना जाए.’ वेनेजुएला का कहना है कि यह बयान उसकी संप्रभुता का साफ उल्लंघन है.
About the AuthorYogendra Mishra
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
First Published :
November 30, 2025, 08:49 IST
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ट्रंप के आदेश ने वेनेजुएला का आसमान ‘सील’ किया, प्लेन गायब, हथियार तैनात



