डॉ. पवन सारडा ने बिना सर्जरी दुर्लभ दिल की बीमारी ठीक की

Last Updated:January 05, 2026, 20:39 IST
श्रीराम अस्पताल के वरिष्ठ हृदय विशेषज्ञ डॉ. पवन सारडा ने 22 वर्षीय युवक के दिल की दुर्लभ बीमारी राइट साइनस ऑफ वालसाल्वा एन्यूरिज्म का बिना ओपन हार्ट सर्जरी और बिना एनेस्थीसिया के सफल इलाज किया. मरीज को पैदल चलने में सांस फूलना और धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं थी. डॉ. सारडा ने पांव की नस के जरिए तीन एम्ब्रेला-नुमा डिवाइस लगाकर लीकेज ठीक किया. यह संभवतः विश्व का पहला मामला है जिसमें एओर्टा में एक साथ तीन लीकेज का उपचार बिना ओपन हार्ट सर्जरी हुआ.
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जोधपुर. जब आधुनिक चिकित्सा भी किसी बीमारी को दुर्लभ मान ले, तब उसे बिना ओपन हार्ट सर्जरी ठीक कर देना किसी चमत्कार से कम नहीं होता. जोधपुर के श्रीराम अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन सारडा ने दिल की बीमारी का एक दुर्लभ ऑपरेशन किया है. इसमें 22 साल के एक युवक का इलाज किया गया, जिसे थोड़ा पैदल चलने में सांस फूलना, धड़कन तेज होना और सोते समय सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं थी.
मरीज की इको और ट्रांस-एसोफेजियल इको जांच में पाया गया कि उसके हृदय की महाधमनी (एओर्टा) में राइट साइनस ऑफ वालसाल्वा नाम की दुर्लभ बीमारी थी. इसे मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क इलाज कर मरीज की जान बचाई गई. यह सफल उपचार न केवल पूरे भारत में, बल्कि संभवतः विश्व में पहली बार बिना ओपन हार्ट सर्जरी और बिना एनेस्थीसिया के किया गया है. श्रीराम हॉस्पिटल के निदेशक और रोबोटिक-लेप्रो सर्जन डॉ. सुनील चांडक और निदेशक डॉ. रेखा चांडक ने इस उपलब्धि पर डॉ. पवन सारडा और सभी कैथ लैब स्टाफ को बधाई दी.
चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
इस दुर्लभ बीमारी में मरीज के हृदय के राइट साइनस ऑफ वालसाल्वा में 16 मिलीमीटर का एक बड़ा सेक-नुमा एन्यूरिज्म बन गया था, और यह मल्टीपल ओपनिंग द्वारा राइट वेंट्रिक्युलर आउटफ्लो ट्रैक्ट में, पल्मोनरी वाल्व के नीचे खुल रहा था. इससे लीकेज होने के कारण मरीज को थोड़ा पैदल चलने में सांस फूलना और अन्य परेशानियां होने लगी थी. डॉ. सारडा ने मल्टीपल एओर्टिक साइनस लीकेज को बिना ओपन सर्जरी और बिना मरीज को बेहोश किए, पांव की नस से तीन एम्ब्रेला-नुमा डिवाइस लगाकर सफलतापूर्वक ठीक किया. ऐसा दावा है कि एओर्टा में एक साथ तीन लीकेज का यह विश्व का पहला दुर्लभ मामला है. डॉ. पवन सारडा द्वारा किया गया यह उपचार न केवल जोधपुर बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. अत्यंत जटिल और दुर्लभ मानी जाने वाली इस हृदय बीमारी का बिना ओपन हार्ट सर्जरी, बिना एनेस्थीसिया और अत्याधुनिक कैथ लैब तकनीक से सफल इलाज, चिकित्सा विज्ञान में एक नया अध्याय जोड़ता है.
About the AuthorMonali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
January 05, 2026, 20:39 IST
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जोधपुर में बिना ओपन हार्ट सर्जरी के तीन हृदय लीकेज का सफल इलाज



