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पाकिस्‍तान का काल बना था DRDO; ऑपरेशन सिंदूर में कैसे की सेना की मदद? राजनाथ सिंह ने बताया पूरा प्‍लान

Last Updated:January 01, 2026, 16:50 IST

Rajnath Singh in DRDO Headquarter: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय DRDO की स्वदेशी तकनीक को दिया है. उन्होंने कहा कि भारतीय हथियारों ने ऑपरेशन में निर्णायक भूमिका निभाकर देश की सुरक्षा को पुख्ता किया. DRDO मुख्यालय में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने जल्द सुदर्शन चक्र निर्माण का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताया. यह कदम भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेगा और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक होगा.पाक का काल बना था DRDO; 'सिंदूर' में कैसे की सेना की मदद? राजनाथ सिंह ने बतायाराजनाथ सिंह ने डीआरडीओ की तारीफ की.

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय स्वदेशी तकनीक को दिया . उन्होंने कहा कि DRDO के हथियारों ने इस ऑपरेशन में निर्णायक भूमिका निभाई. रक्षा मंत्री ने यह बयान DRDO दिवस पर संस्थान के मुख्यालय के दौरे के दौरान दिया. उन्होंने वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति बड़ी प्रतिबद्धता बताया. राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों से इनोवेशन पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही सुदर्शन चक्र निर्माण का लक्ष्य प्राप्त करेगा. यह तकनीक भविष्य में भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी. इस दौरान रक्षा मंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत अब वैश्विक रक्षा मंच पर नेतृत्व कर रहा .

स्वदेशी तकनीक का विजय पथऑपरेशन सिंदूर भारतीय रक्षा इतिहास में स्वदेशी हथियारों की सफलता की एक नई इबारत . रक्षा मंत्री का बयान केवल एक सराहना नहीं बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर’ होती ताकत का प्रमाण . ऑपरेशन सिंदूर में कई स्वदेशी प्रणालियों का परीक्षण और वास्तविक उपयोग देखने को मिला. इनमें मुख्य रूप से:

·         आकाश मिसाइल सिस्टम: कम दूरी की मारक क्षमता ने दुश्मन के हवाई खतरों को नेस्तनाबूद किया.

·         पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर: इसकी सटीकता ने दुश्मन के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया.

·         स्वदेशी गाइडेड बम: DRDO द्वारा विकसित स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन ने सटीक निशाने लगाए.

·         उन्नत रडार सिस्टम: ‘स्वाति’ जैसे वेपन लोकेटिंग रडार ने दुश्मन की आर्टिलरी का पता लगाया.

सुदर्शन चक्र की परिकल्पना और भविष्यरक्षा मंत्री द्वारा ‘सुदर्शन चक्र’ का जिक्र करना भारत की भविष्य की रक्षा ढाल की ओर इशारा. भारत का ‘सुदर्शन चक्र’ एक महत्वाकांक्षी मल्टी-लेयर एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली है. इसे DRDO और ISRO द्वारा AI-संचालित तकनीक से विकसित किया जा रहा है. यह प्रणाली इजरायल के आयरन डोम की तरह ड्रोन और मिसाइल हमलों से सुरक्षा प्रदान करेगी. मुख्य रूप से दिल्ली जैसे वीआईपी क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए इसमें आकाश-NG जैसी मिसाइलें शामिल होंगी. यह भविष्य का एक अभेद्य सुरक्षा कवच है.

रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरताDRDO अब केवल नकल नहीं बल्कि मौलिक इनोवेशन पर काम कर रहा . ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम हो रही . इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है बल्कि रणनीतिक बढ़त भी मिल रही . वैज्ञानिकों को इनोवेशन के लिए प्रेरित करना भारत को रक्षा निर्यात का हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम .

About the AuthorSandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

Location :

Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi

First Published :

January 01, 2026, 16:47 IST

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