बीकानेर में जनवरी से शुरू होगा ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर… युवाओं को मिलेगा रोजगार और किसानों को आधुनिक खेती का नया युग

Last Updated:November 23, 2025, 13:42 IST
बीकानेर के स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित होने जा रहा ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर प्रदेश की कृषि को नई दिशा देने वाला साबित होगा. जनवरी से शुरू होने वाले इस सेंटर में युवाओं को सैद्धांतिक और फील्ड ट्रेनिंग के साथ प्रमाणित ड्रोन पायलट बनाया जाएगा, जिससे खेती में निगरानी, दवा छिड़काव और संसाधनों की बचत जैसी प्रक्रियाएं अधिक सटीक और तेज होंगी.
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बीकानेर. स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, इसके लिए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में ही सेंटर बनाया गया है, जहां युवाओं को ड्रोन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके लिए लगभग सभी तैयारियां कर ली गई हैं, यह ट्रेनिंग सेंटर अगले साल जनवरी में शुरू होगा. इसके लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है, जिसमें 200×200 के दो फील्ड हैं, जहां यह ट्रेनिंग दी जाएगी. यहां से प्रशिक्षण लेकर युवा अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं. इससे किसानों को काफी लाभ होगा, हाल ही में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने पीबीसी भारत ड्रोन्स के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं.
कृषि अनुसंधान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एच. एल. देशवाल ने बताया कि युवाओं को कौशल विकास और ड्रोन पायलट से संबंधित ट्रेनिंग देकर उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सात दिनों का होगा, जिसमें ड्रोन की सैद्धांतिक जानकारी और फील्ड ट्रेनिंग दोनों शामिल होंगी. ड्रोन के कई फायदे हैं, ड्रोन के उपयोग से पानी, दवाई और समय की बचत होती है. ड्रोन का उपयोग न करके जब परंपरागत तरीके से खेती की जाती है तो फसल का नुकसान भी होता है और समय भी अधिक लगता है.
ड्रोन से फसल स्वास्थ्य की जांच और भी आसान हो जाएगी तेज
इस सेंटर की स्थापना से कृषि में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग संभव हो सकेगा, ड्रोन से फसलों की निगरानी, खाद एवं कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव और फसल स्वास्थ्य की जांच और भी आसान और तेज हो जाएगी. इससे लागत में कमी आएगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव किसानों की आय पर पड़ेगा. यह तकनीक खेती को और सुरक्षित, आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी बनाएगी. वित्त नियंत्रक पवन कस्वां ने कहा कि इस समझौते से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में किसानों को मदद मिलेगी तथा विश्वविद्यालय की आय में वृद्धि हो सकेगी. साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास और आयु 18 वर्ष से अधिक निर्धारित की गई है. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा न केवल कृषि में, बल्कि औद्योगिक, रक्षा, आपदा प्रबंधन और निगरानी जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे.
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW… और पढ़ें
Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
November 23, 2025, 13:42 IST
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बीकानेर में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर शुरू, युवाओं को मिलेगा रोजगार



