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नाभि में बूंद, रोटी में तेल! दादी-नानी का ये देसी फॉर्मूला आज भी है सुपरहिट, सर्दियों में इसके चमत्कारी लाभ – Uttar Pradesh News

Last Updated:December 16, 2025, 23:33 IST

Mustard oil benefits : सरसों तेल के कई फायदे हैं. इसका शुद्ध रूप हमेशा से गुणकारी रहा है. सर्दियों में सरसों तेल की मालिश हमेशा से होती आई है. दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में सरसों का तेल हीरो की तरह रहा है. गांवों में आज भी महिलाएं अपने बच्चों की इस तेल से मालिश करती दिख जाएंगी. बुखार में भी इसका तेल रामबाण है.

बलिया. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान भले ही तेज हो गया है, लेकिन सच्चाई ये है कि हम अपनी जड़ों से धीरे-धीरे दूर होते जा रहे हैं. जब शरीर तरह-तरह की समस्याओं से घिरता है, तब पुराने देसी नुस्खों की ओर नजर जाती है. बलिया के बुजुर्गों से बातचीत में सामने आया कि एक ऐसा घरेलू उपाय है, जिसे सर्दियों में रामबाण माना गया है. हम बात कर रहे हैं शुद्ध सरसों के तेल की, जो बेहद लाभकारी और गुणकारी है. उदासीनाथ मठ बसंतपुर बलिया के मठाधीश आचार्य नित्यानंद दास के अनुसार, गांव-कस्बों में आज भी यह परंपरा जिंदा है. बचपन से वे सर्दियों में सरसों का तेल लगाने की परंपरा को देखते आ रहे हैं. दादी और नानी के घरेलू नुस्खों में इसकी खास जगह है. कहा जाता है कि सरसों का तेल एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो कई रोगों से लड़ने की ताकत देता है.

त्वचा के लिए जरूरी

नाक में सरसों के तेल की दो-तीन बूंद डालने से सर्दी-खांसी में तुरंत आराम मिलता है. आधा चम्मच सरसों का तेल, एक चम्मच हल्दी और थोड़ा नमक मिलाकर दांतों पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है और मसूड़े मजबूत होते हैं. सरसों के तेल में विटामिन-ई पाया जाता है, जो त्वचा को निखारने में मदद करता है. पुराने जोड़ों के दर्द में इसकी मालिश लाभकारी है. नाभि में सरसों तेल लगाने से होंठ फटने की समस्या दूर होती है.

लगाकर नहाएं

दादी-नानी ठंड के दिनों में बच्चों को रोटी में शुद्ध सरसों का तेल और थोड़ा नमक लगाकर खिलाती थीं. इससे शरीर को अंदर से गर्मी मिलती है, जिसके कारण सर्दी दूर रहती है. सुबह धूप में बैठकर या छत पर सरसों के तेल से करीब आधे घंटे मालिश करने के बाद स्नान करने से शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है और थकान दूर होती है.

Disclaimer : किसी भी उपचार से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में सरसों का तेल लाभ की जगह हानि भी पहुंचा सकता है. अतः इसका प्रयोग चिकित्सक की देखरेख में ही करें.

About the AuthorPriyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

Location :

Ballia,Uttar Pradesh

First Published :

December 16, 2025, 23:33 IST

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