Rajasthan

Dutch Rose Farming Success Story in Rajasthan

Last Updated:November 08, 2025, 12:38 IST

Alwar News: अलवर के युवा अभिजीत गुप्ता ने इंजीनियरिंग छोड़कर डच रोज की खेती शुरू की और आज वे हर साल लाखों की कमाई कर रहे हैं. उन्होंने पॉलीहाउस लगाकर पुणे से लाई गई विदेशी किस्मों को अलवर के गर्म मौसम में भी सफलतापूर्वक उगाया. उनकी मेहनत और नवाचार से राजस्थान में गुलाब की खेती को नई दिशा मिल रही है.

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अलवर. अलवर जिले में युवाओं के बीच खेती को लेकर नए-नए प्रयोग तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. सिलीसेढ़ के पास रहने वाले अभिजीत गुप्ता ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद खेती के क्षेत्र में कदम रखा और आज वे अपनी मेहनत से लाखों की कमाई कर रहे हैं. उनकी यह सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है.

अभिजीत ने बताया कि उन्होंने जयपुर से इंजीनियरिंग करने के बाद नौकरी करने के बजाय खेती में कुछ नया करने का मन बनाया. जमीन की कमी के कारण उन्होंने अपने मामा के खेत बख्तपुरा गांव (अलवर) में पॉलीहाउस लगाकर 2020 में डच रोज (विदेशी गुलाब) की खेती शुरू की. यह फैसला उनके लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

पुणे से लाई विदेशी डच रोज की किस्मेंअभिजीत ने बताया कि उन्होंने पुणे से डच रोज की उच्च गुणवत्ता वाली किस्में लगाईं, क्योंकि वहां का तापमान पूरे साल मध्यम रहता है. अलवर जैसे गर्म क्षेत्र में खेती करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने तापमान नियंत्रण और सही सिंचाई प्रणाली (ड्रिप इरिगेशन) से सफलता हासिल की.

उनके पॉलीहाउस में लगभग 40,000 पौधे लगाए गए हैं, जिनसे पांच रंगों के गुलाब खिलते हैं. एक पौधे से 10–12 फूल सालाना निकलते हैं, जिनकी सप्लाई वे अलवर, जयपुर और दिल्ली तक करते हैं. उनके गुलाबों की गुणवत्ता प्रीमियम होती है, इसलिए बाजार में उनकी मांग हमेशा बनी रहती है.

लाखों की कमाई और बढ़ती मांगअभिजीत बताते हैं कि उन्होंने खेती शुरू करने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अब वे हर साल लाखों रुपए की आमदनी कर रहे हैं. गर्मी के मौसम में फूलों की गुणवत्ता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है, फिर भी उन्होंने वैज्ञानिक तकनीक और मेहनत से इसे संभव बनाया है.

गुलाब की कीमतें 10 से 25 रुपये प्रति फूल तक रहती हैं, जबकि वैलेंटाइन डे और शादी सीजन में मांग बढ़ने पर यह 30 रुपये प्रति फूल तक पहुंच जाती हैं. यह मौसमी मांग उनकी आय को कई गुना बढ़ा देती है.

दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बने अभिजीतअभिजीत गुप्ता की कहानी आज अलवर ही नहीं, पूरे राजस्थान के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. उन्होंने साबित किया है कि अगर मेहनत और तकनीक (पॉलीहाउस) का सही इस्तेमाल किया जाए तो खेती भी एक लाभदायक व्यवसाय बन सकती है. उनकी सफलता ने कृषि क्षेत्र में नवाचार (Innovation) के द्वार खोल दिए हैं.

Location :

Alwar,Alwar,Rajasthan

First Published :

November 08, 2025, 12:33 IST

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युवक ने इंजीनियरिंग छोड़ शुरू की ‘डच रोज’ की खेती, अब हर साल कमा रहा है लाखों!

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