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कस्टर्ड एप्पल उगाने की आसान विधि और देखभाल के टिप्स.

Last Updated:January 07, 2026, 15:55 IST

Gardening Tips: सीताफल न केवल स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, बल्कि इसे घर पर बीज से उगाना भी बेहद आसान है. सही बीज चयन, उपयुक्त मिट्टी, संतुलित पानी और पर्याप्त धूप के साथ शुरुआती बागवान भी सफलतापूर्वक कस्टर्ड एप्पल का पौधा तैयार कर सकते हैं. यह मार्गदर्शिका आपको बीज से लेकर स्वस्थ पौधे तक सीताफल उगाने की पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में समझाती है.कस्टर्ड एप्पल जिसको हम सीताफल के नाम से जानते है एक स्वादिष्ट फल है जो अपनी अनूठी मलाईदार बनावट और मीठे, कस्टर्ड जैसे स्वाद के लिए जाना जाता है। इसे अक्सर शुगर एप्पल भी कहा जाता है। यह फल न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर है। बागवानी में रुचि रखने वाले शुरुआती लोगों के लिए बीज से कस्टर्ड एप्पल उगाना एक फायदेमंद अनुभव हो सकता है। यह गाइड आपको कस्टर्ड एप्पल को सफलतापूर्वक उगाने में मदद करेगी।

कस्टर्ड एप्पल, जिसे हम सीताफल के नाम से जानते हैं, एक स्वादिष्ट फल है जो अपनी अनूठी मलाईदार बनावट और मीठे, कस्टर्ड जैसे स्वाद के लिए जाना जाता है. इसे अक्सर शुगर एप्पल भी कहा जाता है, यह फल न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. बागवानी में रुचि रखने वाले शुरुआती लोगों के लिए बीज से कस्टर्ड एप्पल उगाना एक लाभदायक और संतोषजनक अनुभव हो सकता है. यह मार्गदर्शिका आपको कस्टर्ड एप्पल को सफलतापूर्वक उगाने में सहायता करेगी.

बीजों का चयन और तैयारी सबसे पहले एक पके हुए स्वस्थ सीताफल से गहरे काले रंग के बीज निकालें। हल्के या भूरे बीजों का चुनाव न करें। बीजों को पानी से धोकर उन पर लगा गूदा साफ कर लें। सीताफल के बीजों का बाहरी आवरण सख्त होता है, इसलिए इन्हें तेजी से अंकुरित करने के लिए 24 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें।

सबसे पहले एक पके हुए और स्वस्थ सीताफल से गहरे काले रंग के बीज निकालें. हल्के या भूरे रंग के बीजों का चयन न करें, बीजों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर उन पर लगा हुआ गूदा हटा दें. चूंकि सीताफल के बीजों का बाहरी आवरण सख्त होता है, इसलिए इन्हें शीघ्र अंकुरण के लिए 24 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए.

मिट्टी और गमले का चुनाव सीताफल के लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। आप सामान्य बगीचे की मिट्टी में 30% गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर मिट्टी तैयार कर सकते हैं। शुरुआत में छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे का उपयोग करें जिसमें नीचे छेद हों।

मिट्टी और गमले का चुनाव<br />सीताफल के लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है. आप सामान्य बगीचे की मिट्टी में 30% गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर मिट्टी तैयार कर सकते हैं. शुरुआत में छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे का उपयोग करें जिसमें नीचे छेद हों.

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बीज बोने की विधि तैयार मिट्टी में लगभग 1 इंच गहरा गड्ढा करें, बीज डालकर उसे हल्की मिट्टी से ढक दें। स्प्रे बोतल की मदद से मिट्टी में नमी बनाए रखें लेकिन ध्यान रहे कि मिट्टी कीचड़ जैसी न हो। गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ सीधी धूप न आती हो लेकिन रोशनी पर्याप्त हो। बीज आमतौर पर 3 से 5 सप्ताह में अंकुरित हो जाते हैं।

बीज बोने की विधि<br />तैयार मिट्टी में लगभग 1 इंच गहरा गड्ढा करें, बीज डालकर उसे हल्की मिट्टी से ढक दें. स्प्रे बोतल की मदद से मिट्टी में नमी बनाए रखें लेकिन ध्यान रहे कि मिट्टी कीचड़ जैसी न हो. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न आती हो लेकिन रोशनी पर्याप्त हो, बीज आमतौर पर 3 से 5 सप्ताह में अंकुरित हो जाते हैं.

पौधों की देखभाल और धूप जब पौधे 3-4 इंच के हो जाएं तो उन्हें धीरे-धीरे ऐसी जगह शिफ्ट करें जहाँ 5-6 घंटे की सीधी धूप मिले। सीताफल को गर्म जलवायु पसंद है। जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए लगभग 6-8 इंच तो इसे बड़े गमले या ज़मीन में ट्रांसप्लांट कर दें।

पौधों की देखभाल और धूप<br />जब पौधे 3-4 इंच के हो जाएं तो उन्हें धीरे-धीरे ऐसी जगह शिफ्ट करें जहां 5-6 घंटे की सीधी धूप मिले. सीताफल को गर्म जलवायु पसंद है, जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए लगभग 6-8 इंच तो इसे बड़े गमले या ज़मीन में ट्रांसप्लांट कर दें.

पानी और खाद मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही पानी दें। अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं। हर 2-3 महीने में जैविक खाद दें ताकि पौधे की वृद्धि अच्छी हो

पानी और खाद<br />मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही पानी दें, अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं. हर 2-3 महीने में जैविक खाद दें ताकि पौधे की वृद्धि अच्छी हो.

First Published :

January 07, 2026, 15:55 IST

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मीठा स्वाद, आसान खेती: घर पर सीताफल उगाने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड!

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