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सरसों में ठंड के चलते पाले का मंडरा रहा है खतरा? किसान करें ये देसी उपाय, फसल रहेगी सुरक्षित

Last Updated:January 01, 2026, 09:56 IST

Agriculture News: भरतपुर में सर्दी और पाले का असर सरसों और अन्य रबी फसलों पर दिखने लगा है. सरसों के फूल झड़ने लगे हैं और फली बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. कई खेतों में पत्तियां झुलस रही हैं, जिससे उत्पादन और दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है. किसान बढ़ती लागत और मौसम की मार से जूझ रहे हैं. कृषि विभाग ने सतर्क रहने, हल्की सिंचाई और खेत में धुआं करने जैसी उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि पाले से फसलों को बचाया जा सके.

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भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा और पाले का असर अब फसलों पर साफ नजर आने लगा है. बीते कुछ दिनों से मौसम में अचानक आई गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासतौर पर जिले की मुख्य रबी फसल सरसों पाले की चपेट में आती दिखाई दे रही है. खेतों में सरसों के पौधों पर पाले का असर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. पाले के कारण सरसों के फूल झड़ने लगे हैं.जिससे फली बनने की प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ा है.

कई इलाकों में पौधे सिकुड़ते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं कुछ खेतों में पत्तियां झुलसने लगी हैं. इससे न सिर्फ दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा, बल्कि पैदावार में भी गिरावट आ सकती है. किसान पहले ही बढ़ती लागत और मौसम की मार से जूझ रहे हैं. ऐसे में पाले ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी है. सरसों के साथ-साथ अन्य फसलों और पेड़ों की बढ़वार पर भी असर देखा जा रहा है. सब्जियों की फसलों में भी ठंड के कारण विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है.

कृषि विभाग ने किसानों को सर्तक रहे की दी है सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पाले से बचाव के लिए किसान समय रहते आवश्यक उपाय अपनाएं कृषि विभाग के अनुसार हल्की सिंचाई पाले से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है. सिंचाई करने से खेत का तापमान नियंत्रित रहता है और पाले का प्रभाव कम होता है. इसके अलावा किसानों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय खेतों में धुआं करें, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी होती है.

धुआं कर पाले से फसल को बचाना कारगार उपाय

फसलों को नुकसान से बचाने का यह कारगर देसी उपाय है. खेत की मेड़ों पर सूखी घास, कचरा या उपले जलाकर धुआं करना भी कारगर माना जाता है. कृषि विभाग ने यह भी कहा है कि किसान मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें. भरतपुर के किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं.कि जल्द ही ठंड और पाले से राहत मिले.About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

January 01, 2026, 09:56 IST

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सरसों में पाले का मंडरा रहा है खतरा? फसल सुरक्षित रखने के लिए करें ये उपाय

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