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‘तुरंत दखल’ दे चुनाव आयोग, किस ‘राज़’ की ओर इशारा कर रहीं CM ममता बनर्जी? ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र

Last Updated:November 24, 2025, 19:30 IST

West Bengal SIR: ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर डेटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्ति और निजी आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र प्रस्ताव पर तुरंत दखल की मांग की. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में हो रहे एसआईआर की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.

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'तुरंत दखल' दे चुनाव आयोग, किस 'राज़' की ओर इशारा कर रहीं CM ममता बनर्जी?सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के जरिए केंद्र पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईओ) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर हाल के दो मुद्दों पर उनसे ‘तुरंत दखल’ देने की मांग की. उन्होंने पत्र में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए निर्देश का जिक्र किया है कि वे एसआईआर या अन्य चुनाव संबंधी कार्यों के लिए संविदा पर डेटा-एंट्री ऑपरेटरों और बांग्ला सहायता केंद्र के कर्मचारियों को नियुक्त न करें. दूसरा मामला निर्वाचन आयोग द्वारा निजी आवासीय परिसरों के अंदर मतदान केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव का है.

‘एक्स’ पर साझा किए गए पत्र में मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया कि क्या ये मामले ‘एक राजनीतिक दल’ की मदद के लिए उठाए जा रहे हैं? पत्र में उन्होंने लिखा, “हाल ही में यह बात प्रकाश में आई है कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया है कि वे एसआईआर से संबंधित या अन्य चुनाव संबंधी डेटा कार्यों के लिए संविदा पर डेटा एंट्री ऑपरेटरों और बांग्ला सहायता केंद्र (बीएसके) के कर्मचारियों को नियुक्त न करें.”

इसमें लिखा है, “इसके साथ ही, सीईओ कार्यालय ने एक वर्ष की अवधि के लिए 1,000 डेटा एंट्री ऑपरेटरों और 50 सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की नियुक्ति के प्रस्ताव के लिये अनुरोध (आरएफपी) जारी किया है.” तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि एक ही काम को पूरे एक साल के लिए बाहरी एजेंसी से कराने की क्या जरूरत है, जबकि जिला कार्यालयों में पहले से ही ऐसे कार्यों के लिए पर्याप्त संख्या में ‘सक्षम पेशेवर’ मौजूद हैं.

उन्होंने कहा, “परंपरागत रूप से, क्षेत्रीय कार्यालय हमेशा आवश्यकतानुसार अपने स्वयं के संविदात्मक डेटा एंट्री कर्मियों को नियुक्त करते रहे हैं. यदि तत्काल आवश्यकता हो, तो जिला कार्यालय अधिकारी स्वयं ऐसी नियुक्ति करने के लिए पूर्णतः सक्षम हैं.” बनर्जी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि सीईओ कार्यालय क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से यह भूमिका क्यों निभा रहा है.

मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा, “क्या यह कवायद किसी राजनीतिक दल के इशारे पर निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए की जा रही है? इस आरएफपी का समय और तरीका निश्चित रूप से जायज संदेह पैदा करता है.” मुख्यमंत्री ने निजी आवासीय परिसरों के अंदर मतदान केंद्र स्थापित करने के कथित प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई और दावा किया कि ऐसे स्थान निष्पक्षता से समझौता करते हैं, स्थापित मानदंडों का उल्लंघन करते हैं तथा निवासियों और आम जनता के बीच भेदभावपूर्ण अंतर पैदा करते हैं.

उन्होंने दावा किया कि सुगमता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मतदान केन्द्र हमेशा सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थानों में स्थापित किए जाते हैं. बनर्जी ने कहा, “आखिर ऐसा कदम उठाने पर विचार क्यों किया जा रहा है? क्या यह किसी राजनीतिक दल के दबाव में अपने पक्षपातपूर्ण हितों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है?” निर्वाचन आयोग की गरिमा और विश्वसनीयता ‘किसी भी परिस्थिति में’ दोषमुक्त रहने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं आपसे आग्रह करती हूं कि इन मुद्दों की अत्यंत गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच करें.”

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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Kolkata,West Bengal

First Published :

November 24, 2025, 19:17 IST

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