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Exam Tips: जेईई और बोर्ड परीक्षा की तैयारी साथ में कैसे करें? बहुत काम आएगी प्रोफेसर की सलाह, तुरंत करें नोट

नई दिल्ली (Exam Tips). बोर्ड परीक्षा और जेईई मेन 2026 को ज्यादा समय नहीं बचा है. लाखों स्टूडेंट्स दोनों परीक्षाओं की तैयारी एक साथ कर रहे हैं. यह सिर्फ ज्ञान की नहीं, बल्कि टाइम मैनेजमेंट और मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा है. फिजिक्सवाला के प्रोफेसर राजवंत सिंह के अनुसार, यह घबराहट का नहीं, बल्कि समझदारी का समय है. दोनों परीक्षाओं को अलग मानने की भूल न करें. अपनी एनर्जी को एक सधे हुए रूटीन में फोकस करें. बोर्ड की तैयारी ही जेईई की तैयारी का आधार है. 50% जेईई मेन सिलेबस 12वीं कक्षा से आता है.

जेईई मेन और बोर्ड परीक्षा की तैयारी साथ में कैसे करें?

जेईई मेन के बाद तुरंत ‘बोर्ड परीक्षा मोड’ में आना और लिखने का अभ्यास शुरू करना चाहिए क्योंकि बोर्ड में प्रेजेंटेशन के मार्क्स भी होते हैं. याद रखें, यह सिर्फ एक पड़ाव है. सही सोच और नियमित अभ्यास आपको दोनों परीक्षाओं में सफल कर सकता है.

1. समझें परीक्षा की पूरी टाइमलाइन

जेईई और बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल चेक करें. उसके बाद ही सही स्ट्रैटेजी बनाने में मदद मिलेगी. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी 2026 से शुरू हो रही है. जेईई मेन परीक्षा जनवरी 2026 के आखिरी दस दिनों में है. इसलिए अब आपकी पढ़ाई को दिशा और अनुशासन, दोनों की जरूरत है. ये 60 दिन सही से रिवीजन और मॉक टेस्ट के हिसाब से प्लान करने चाहिए.

2. बोर्ड की तैयारी ही जेईई का आधार है

कई स्टूडेंट्स 12वीं बोर्ड और जेईई परीक्षा को अलग-अलग मानने की भूल कर बैठते हैं. हकीकत ये है कि बोर्ड की तैयारी के समय मजबूत किए गए कॉन्सेप्ट जेईई परीक्षा में आधी लड़ाई जिता देते हैं. जेईई मेंस में 50% सिलेबस 12वीं का ही रहता है. बोर्ड का नियम भी यही बताता है कि स्कूल की पढ़ाई को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर आपको 12वीं पीसीएम के कॉन्सेप्ट क्लियर हैं तो जेईई भी पास कर लेंगे.

3. बैलेंस्ड है जेईई का सिलेबस

अगर 11वीं में आपने अच्छे मार्क्स हासिल नहीं किए थे तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. जो स्टूडेंट्स 12वीं में मजबूत तैयारी करते हैं, वो भी जेईई परीक्षा में बेहतरीन मार्क्स हासिल कर लेते हैं. जेईई मेंस में 150 मार्क्स पाने वाले जनरल स्टूडेंट्स को भी देश के अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है. जेईई में आमतौर पर 11वीं-12वीं सिलेबस से ही सवाल पूछे जाते हैं.

4. घबराहट की नहीं, समझदारी की भी जरूरत है

दोनों परीक्षाओं को साथ में संभालना कठिन जरूर है, लेकिन असंभव नहीं. जो आप बोर्ड परीक्षा के लिए पढ़ते हैं, वही आपको JEE के लिए गहराई में जाकर पढ़ना है. इसलिए अपनी एनर्जी को इधर-उधर बिखेरने के बजाय एक सधी हुई दिनचर्या अपनाइए. अपने दिन को रिवीजन, प्रैक्टिस और टेस्ट में बांटकर एनालाइज करें कि कितना प्रतिशत आप कवर कर पा रहे हैं.

5. पिछले प्रश्नपत्र सबसे भरोसेमंद शिक्षक हैं

बोर्ड परीक्षा और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, दोनों में पिछले 5 सालों के पेपर आपका सबसे सटीक गाइडेंस करेंगे. इनमें आपको वही पैटर्न मिलेगा, जो असल परीक्षा में पूछा जाता है. बोर्ड परीक्षा के लिए पिछले 5 सालों और जेईई मेंस के लिए कम से कम 2019, 2023, 2024, 2025 के पेपर जरूर प्रैक्टिस करें. इससे परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम समझने में मदद मिलेगी.

6. गंभीरता से लें प्रैक्टिकल परीक्षा

बोर्ड परीक्षा के प्रैक्टिकल्स सिर्फ बोर्ड रिजल्ट बेहतर बनाने के लिए नहीं हैं. बोर्ड प्रैक्टिकल की Conceptual clarity और रीजनिंग यानी तर्क-शक्ति, दोनों जेईई में भी बहुत काम आती हैं. इसलिए एक्सपेरिमेंट्स को समझकर सीखें. उन्हें रटने से कहीं कोई फायदा नहीं मिलेगा. जेईई परीक्षा में बोर्ड के प्रैक्टिकल से हर साल एक-दो सवाल जरूर पूछे जाते हैं.

7. दिसंबर-जनवरी: स्मार्ट स्टडी के लिए बेस्ट समय

दिसंबर-जनवरी में आपका हर घंटा मायने रखता है. प्री बोर्ड परीक्षा की तैयारी करते हुए हफ्ते में कुछ घंटे निकालकर 11वीं के आसान और स्कोरिंग टॉपिक रिवाइज करें. YouTube के वन-शॉट रिवीजन से काफी मदद मिल सकती है. आप उन चैप्टर्स को पहले पकड़िए, जो आसान हों और अक्सर पूछे जाते हों. इससे परीक्षा मे अच्छी शुरुआत मिलेगी और आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा.

8. JEE से पहले कम से कम 10 मॉक टेस्ट जरूर दें

मॉक टेस्ट आपकी तैयारी की असली तस्वीर दिखाते हैं. जेईई मॉक टेस्ट से तैयारी का स्तर चेक करने में मदद मिलती है. उसी टाइम स्लॉट में मॉक टेस्ट दें, जिसमें आपका जेईई पेपर होगा. इससे आपकी बॉडी क्लॉक परीक्षा के हिसाब से ढल जाएगी. यह प्रैक्टिस ही परीक्षा के दौरान कॉन्फिडेंस बनाए रखती है. जो भी सवाल आप इस बीच हल नहीं कर पा रहे हों, उनको फिर से रिवाइज करें.

9. JEE के बाद तुरंत एक्टिवेट करें बोर्ड मोड

1 से 15 फरवरी 2026 तक लिखने की प्रैक्टिस पर खास ध्यान दें. 3 घंटे में पिछले सालों के पेपर सॉल्व करके देखें. टॉपर की आंसर शीट देखकर सीखें कि अच्छा उत्तर दिखता कैसा है. इस बात का ध्यान रखें कि बोर्ड परीक्षा में प्रेजेंटेशन के भी मार्क्स दिए जाते हैं. लिखकर प्रैक्टिस करने से चीजें लंबे समय तक दिमाग में स्टोर रहती हैं और परीक्षा में उन्हें रिटेन करना आसान हो जाता है.

10. मन हल्का रखें, परिवार से जुड़े रहें

परीक्षा की तैयारी के बीच तनाव होना स्वाभाविक है. लेकिन इसे अकेले न झेलें. अपने माता-पिता से बात करें, अपने मेंटर्स से सलाह लें और अपने मन को भार न बनने दें. आपका स्वस्थ रहना किसी भी परीक्षा से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है. ध्यान रखें कि अगर बोर्ड परीक्षा में 75% अंक नहीं मिले तो भी रास्तों की कमी नहीं है. जेईई मेंस में चयन नहीं होने पर भी कई ऑप्शन हैं.

ये परीक्षाएं आपकी मेहनत का एक पड़ाव मात्र हैं, आपकी क्षमता का अंतिम प्रमाण नहीं. सही सोच, नियमित अभ्यास और संतुलित दिनचर्या आपको जरूर आगे ले जाएगी.

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