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Last Updated:December 18, 2025, 17:11 IST

Famous Personality Of Rajasthan : राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जयपुर राजपरिवार से हैं, शिक्षा लंदन से ली, सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और महिला सशक्तिकरण के लिए दीया कुमारी फाउंडेशन चलाती हैं. राजस्थान की राजनीति में अपना अलग ही पहचान बनाने वाली राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, जिनके राजमहल से राजनीति के शीर्ष तक पहुंचने का सफर बेहद रोचक है. आइये जानते हैं उनकी यात्रा…2013 में राजनीति में रखा कदम अब हैं उपमुख्यमंत्री

राजस्थान की राजनीति में आज भी ऐसी दिग्गज हस्तियां हैं जिन्होंने अपने राजशाही के रूतबे को आज भी बरकरार रखा है. जिन्हें लोग आज भी राजपरिवार की आन-बान-शान मानते हैं. ऐसे राजस्थान की राजनीति में अपना अलग ही पहचान बनाने वाली राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, जिनके राजमहल से राजनीति के शीर्ष तक पहुंचने का सफर बेहद रोचक है. आज आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ खास बातें और उनके राजनीतिक सफर की यात्रा के बारे में आपको बताते हैं. वह जयपुर राजपरिवार से होते हुए भी आज आम जनता के बीच रहती हैं और लोग की समस्याओं के लिए लगातार सक्रिय रहती हैं.

जयपुर के राजपरिवार में बिता हैं दिया कुमारी का बचपन

वर्षों पहले जयपुर को आमेर के नाम से भी जाना जाता था. बाद में जयपुर नाम ही प्रचिलत हुआ, और इसी रियासत में दिया कुमारी का जन्म 30 जनवरी, 1971 में हुआ. वह ब्रिटिश राज के दौरान जयपुर रियासत के अंतिम शासक मान सिंह द्वितीय की पोती हैं और महाराजा सवाई भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की एकलौती संतान हैं. उनके पिता महाराजा सवाई भवानी सिंह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 10वीं पैराशूट रेजिमेंट के पैरा कमांडोज के कमांडिंग ऑफिसर थे. जिन्हें बाद में महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था. बचपन से ही शाही राजपरिवार से संबंध रखने विली दिया कुमारी ने अपने पिता से विरासत में देश प्रेम की भावना और देश के प्रति कर्तव्यों के बारे में सीख लिया. चूँकि राजकुमारी दीया कुमारी राजघराने परिवार से है इसलिए इनका प्रारंभिक जीवन राजशाही शैली में अपनी दादी गायत्री देवी की देखरेख में बीता.

लंदन के पार्सन्स आर्ट एंड डिज़ाइन स्कूल पढ़ी हैं दिया कुमारी

अगर बात करे राजकुमारी दिया कुमारी की शिक्षा और शैक्षणिक योग्यता की तो राजकुमारी दिया कुमारी ने प्रारंभिक शिक्षा नई दिल्ली के मॉडर्न स्कूल, मुंबई के जीडी सोमानी मेमोरियल स्कूल और जयपुर के महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन चली गईं. उन्होंने लंदन के पार्सन्स आर्ट एंड डिज़ाइन स्कूल से ललित कला में सजावटी चित्रकला का डिप्लोमा भी किया और फिर पीएचडी भी इन्होने इसी विषय में किया. उन्होंने ख़ासतौर पर अपनी शिक्षा विरासत प्रबंधन से जुड़े रहते हुए पूरी की.

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लगातार सामाजिक संगठनों के साथ जुड़कर कार्य करती रही हैं दिया कुमारी

राजकुमार दिया कुमारी ने राजनीति में सक्रिय रहते हुए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की जिसने उन्हें खास पहचान दिलाई. 2014 उन्हें राजस्थान राज्य सरकार द्वारा “बालिका बचाओ” अभियान के लिए राजदूत के रूप में चुना गया था, इसके अलावा उन्हें यंग फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन नई दिल्ली द्वारा वाईएफएलओ वुमन अचीवर्स अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. राजनीति में ही रहते हुए राजकुमारी दीया कुमारी कई गैर सरकारी संगठनों और संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़कर कार्य करती हैं. जनवरी 2017 में, राजकुमारी दीया कुमारी को परोपकार के क्षेत्र में उनके योगदान और विरासत प्रबंधन में अग्रणी भूमिका के लिए जयपुर स्थित एमिटी विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त हुई.

राजस्थान में सबसे मशहूर हैं जयपुर राजपरिवार

आपको बता दें राजकुमारी दिया कुमारी का विवाह महाराजा नरेंद्र सिंह से हुआ था. उनके तीन बच्चे हैं. सबसे बड़े पुत्र सवाई पद्मनाभ सिंह हैं, जो जयपुर के वर्तमान महाराजा हैं, इनका जन्म 2 जुलाई 1998 में हुआ था. उन्हें अप्रेल 2011 में उनके नान महाराजा सवाई भवानी सिंह ने जयपुर राज सिंहासन का उत्तराधिकारी बनाया था. उनकी छोटी बहन राजकुमारी गौरवी कुमारी और भाई लक्षराज प्रकाश सिरमौर के महाराजा हैं.

उपमुख्यमंत्री रहते हुए भी जनता के साथ जमीनी जुड़ाव

राजकुमारी दिया कुमारी पूर्व में राजघराने से सम्बन्ध रखने के बाद भी वो सीधे तौर पर आम लोगो से जुडी हैं. वह लगातार सामाजिक कार्यों में भाग लेती रही हैं. जिसके कारण वह जनता के बीच बहुत लोकप्रिय हैं. वह राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी एनजीओ एवं स्थानीय हितधारकों को सहयोग प्रदान करती हैं. इसके अलावा महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण, कृषि एवं ग्रामीण विकास के मुद्दों पर जनता के साथ सीधे रूप में जुड़ाव रखती हैं. उपमुख्यमंत्री के तौर पर अपनी व्यापक भूमिका और अधिक जिम्मेदारियों के साथ वे अब अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों एवं देश की गौरव पूर्ण एवं प्रभावी ढंग से सेवा करने के अपने प्रयासों को निरंतर रूप से कार्य में जुटी रहती हैं. वर्ष 2013 में सांसद दीया कुमारी फाउंडेशन शुरू किया गया, जो व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा एवं रोजगार के माध्यम से महिलाओं एवं लड़कियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया. यह फाउंडेशन शिल्पकारी, हस्तकला एवं कृषि कौशल को जीवंत बनाए रखने और इसे आगामी पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों के तहत कार्य करता हैं.

First Published :

December 18, 2025, 17:11 IST

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राजमहल से निकलकर राजनीति में बनाई पहचान, ये हैं जनता की सबसे भरोसेमंद नेता!

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