Expert Advice by Dr. C.R. Chaudhary

Last Updated:December 19, 2025, 13:31 IST
TB Symptoms in Youth: टीबी विशेषज्ञ डॉ. सी.आर. चौधरी के अनुसार टीबी के 30 प्रतिशत मरीज 15 से 45 वर्ष के युवा हैं. यह बीमारी केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि हड्डियों और ब्रेन को भी प्रभावित कर रही है. दो हफ्ते से ज्यादा खांसी और बुखार इसके प्रमुख लक्षण हैं जिनका समय पर इलाज जरूरी है.
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TB Symptoms in Youth: ताजा अध्ययन और प्रतिदिन सामने आ रहे मामलों के अनुसार टीबी की बीमारी युवाओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है. जोधपुर के जाने-माने टीबी विशेषज्ञ डॉ. सी.आर. चौधरी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि टीबी के कुल मरीजों में करीब 30 प्रतिशत युवा वर्ग शामिल है. इस बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा 15 से 45 वर्ष की आयु के लोग आ रहे हैं. यह वही उम्र होती है जो किसी भी देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. युवाओं का इस गंभीर बीमारी की चपेट में आना देश के भविष्य के लिए एक चिंताजनक संकेत है.
सामान्य खांसी को न समझें मामूलीयुवा अक्सर लगातार हो रही खांसी और हल्के बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में उन पर भारी पड़ता है. डॉ. चौधरी के अनुसार, यही टीबी के सबसे बड़े शुरुआती लक्षण हैं. टीबी एक गंभीर संक्रामक रोग है जो हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. संक्रमण की इस श्रृंखला को समय पर पहचान कर तोड़ना बेहद जरूरी है. यदि खांसी दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत जांच करवानी चाहिए.
केवल फेफड़े नहीं, शरीर के इन अंगों पर भी खतराआम धारणा यह है कि टीबी केवल फेफड़ों की बीमारी है, लेकिन डॉ. सी.आर. चौधरी बताते हैं कि यह भ्रम खतरनाक हो सकता है. टीबी फेफड़ों के अलावा आंख, कान, नाक, हड्डियों, बच्चादानी और यहां तक कि ब्रेन (मस्तिष्क) को भी अपना शिकार बना सकती है. शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली टीबी के लक्षण भी अलग होते हैं, लेकिन बुखार और वजन का गिरना लगभग हर प्रकार की टीबी में सामान्य लक्षण के रूप में देखा जाता है.
टीबी मुक्त भारत की ओर बढ़ते कदमभारत सरकार ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के तहत इस बीमारी के उन्मूलन के लिए तेजी से काम कर रही है. डॉ. चौधरी का कहना है कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है, लेकिन इसके लिए सही समय पर उपचार और पूरी जागरूकता होना बेहद जरूरी है. टीबी के प्रति जानकारी ही इसका सबसे बड़ा उपचार है. यदि मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा का कोर्स पूरा करता है, तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है. बीच में इलाज छोड़ना टीबी को और अधिक घातक बना सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
December 19, 2025, 13:31 IST
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15 से 45 की उम्र सबसे ज्यादा टारगेट! युवाओं में टीबी बना ‘यमराज’, इन शुरुआती..



