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Explained: दिल्ली-NCR की हवा में घुला जहर… आज से GRAP-4 लागू, जानिए अब क्या-क्या होंगी पाबंदियां

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है. दिल्ली में प्रदूषण इस कदर है कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सुबह हो या शाम, दिल्ली का मौसम एक जैसा हो गया है. वायु प्रदूषण खतरनाक लेवल पर पहुंच चुका है. यही वजह है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच अब ग्रैप-4 की पाबंदियां आज यानी सोमवार से लागू हो रही हैं. प्रदूषण की वजह से ही अब स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है. दिल्ली में 10वीं और 12वीं क्लास को छोड़कर अन्य सभी स्कूल बंद रहेंगे. रविवार शाम सात बजे तक दिल्ली में वायु गुणवत्ता और बिगड़ गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 500 के करीब दर्ज किया गया.

दरअसल, दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर सीपीसीबी यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सोमवार यानी 18 नवंबर से दिल्ली में ग्रैप 4 यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण को लागू करने का फैसला लिया है. ग्रैप-4 लागू किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से कई कड़े उपाय लागू किए जाएंगे. इस चरण में कारखानों, निर्माण कार्यों, और यातायात पर कड़ी पाबंदियां लगाई जाएंगी, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके. तो चलिए जानते हैं कि ग्रैप-4 में क्या-क्या बैन रहेगा.

GRAP-4: दिल्ली में अब क्या-क्या बैन?प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए GRAP स्टेज 4 के तहत सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं-

ग्रैप-4 लागू होने के बाद राजधानी में ट्रक, लोडर समेत अन्य भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत नहीं होती है. हालांकि, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने वाले वाहनों को प्रवेश दिया जाता है.

सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है.

राज्य सरकार स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं (क्लासेस) और सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए घर से काम करने पर भी निर्णय लेती हैं.

ऑड-ईवन का निर्णय भी चौथे चरण में लिया जा सकता है, हालांकि यह जरूरी नहीं है.

सरकार यह यह फैसला लेगी कि सरकारी, नगरपालिका और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देनी है या नहीं.

जीआरएपी स्टेज 4 के तहत दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल से चलने वाले मध्यम, भारी माल वाहनों (बीएस-IV या उससे कम) पर प्रतिबंध है, लेकिन जरूरी सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों को छूट होगी.

दिल्ली-एनसीआर में स्थित कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम करने की सलाह दी गई है, शेष कर्मचारियों को घर से काम करना होगा यानी वर्क फ्रॉम होम.

कब लागू होता है ग्रैप-4जब प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और औसत एक्यूआई 450 को पार कर जाता है तो ग्रैप का चौथा चरण लागू किया जाता है. ग्रैप-4 लागू होने के बाद प्रतिबंध सबसे ज्यादा और सबसे कड़े होते हैं.

दिल्ली में रविवार को कितना था एक्यूआई?दिल्ली-एनसीआर में रविवार को एक्यूआई 500 के पार दर्ज किया गया. कई इलाकों में एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया. ‘एक्यूआई डॉट इन’ के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई सुबह आठ बजे 477 था जो शाम को 548 हो गया. इसके अलावा, अलीपुर का एक्यूआई 586, आनंद लोक का 586, आनंद पर्वत का 521, आनंद विहार 608, अशोक विहार फेज-1 का 539, बवाना औद्योगिक क्षेत्र का 534, भलस्वा लैंडफिल का 508, ग्रेटर कैलाश का 586, आईटीआई शाहदरा का 608, कालकाजी का 646 और पीजीडीएवी कॉलेज का 701 है.

Tags: Atishi marlena, Delhi air pollution, Delhi AQI, Delhi pollution

FIRST PUBLISHED : November 18, 2024, 05:56 IST

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