सिर से लेकर पैर तक कैसे बुलेटप्रूफ होते हैं पुतिन, कोट-पैंट से लेकर टोपी तक यंत्रों से लैस, मोबाइल नहीं रखते

रूस के प्रेसीडेंट व्लादिमीर पुतिन दो दिन के दौरे पर 4 दिसंबर को भारत आ रहे हैं. पुतिन अपने जमाने में केजीबी के जाबांज जासूस थे. इस वजह से वह दुनिया के किसी भी दूसरे प्रेसीडेंट या प्राइम मिनिस्टर की तुलना में खुद की हिफाजत ज्यादा हाईटेक तरीके से करते हैं. वह सिर से लेकर पैर तक इस तरह के कपड़े पहनते हैं और यंत्रों से लैस होते हैं कि खुद को बेहद सुरक्षित कर लेते हैं.
वैसे तो पुतिन की सुरक्षा की सारी जानकारी कभी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की जाती, लेकिन विशेषज्ञों, पूर्व अंगरक्षकों के बयानों और कुछ घटनाओं से जाहिर होता है कि उनका चाहे पहनावा हो या फिर घड़ी हो या फिर टोपी हो, सभी कुछ हाईटेक सुरक्षा वाला होता है, यानि उन पर अगर गोली चल भी जाए तो उनका शायद ही बालबांका होगा, वह बचकर निकल जाएंगे.
1. खास कपड़े (बुलेटप्रूफ/ब्लास्ट प्रोटेक्शन)
पुतिन अधिकतर सार्वजनिक रैलियों, खुले स्थानों पर जाते हुए या ज़्यादा जोखिम वाले दौरों पर सूट के नीचे हल्के वजन की एडवांस्ड बुलेटप्रूफ वेस्ट पहनते हैं. ये केवलर या उससे भी आधुनिक सामग्री जैसे अरामिड फाइबर से बनी होती हैं, जो राइफल की गोली को भी रोक सकती है लेकिन देखने में ये सामान्य सूट की तरह ही लगता है.
कोट के नीचे बुलेटप्रूफ वेस्ट पहनने का काम उन्होंने 2023 से शुरू हुआ, जब राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा की सिफारिश पर उन्होंने इसे करना शुरू किया. 9 मई 2024 को मॉस्को के रेड स्क्वायर पर विक्टरी डे परेड के दौरान उन्होंने कोट के अंदर ये वेस्ट पहना था.
तब सुरक्षा विशेषज्ञ जेड मिलर ने वीडियो विश्लेषण में कहा कि उनके कंधे असामान्य रूप से चौड़े लग रहे थे. चलने का तरीका अलग था, जो बॉडी आर्मर का संकेत है. उनके कोट या सूट के कपड़े में विस्फोट-रोधी चीजें भी शामिल हो सकती हैं, जो शॉकवेव से बचाव करती हैं.
2. सिर की सुरक्षा
वो हेलमेट तो नहीं लगाते लेकिन उनकी हैट बुलेटप्रूफ या रेजिस्टेंट हैट कही जाती है. कुछ विशेष हैटों में नायलॉन या अन्य सामग्री की परतें हो सकती हैं.
3. कान में डिवाइस
उनके कान में लगातार एक अदृश्य इयरपीस रहता है, जिसके ज़रिए वह अपने अंगरक्षकों और कमांड सेंटर से सीधे जुड़े रहते हैं. यह आमतौर पर उनके बाएं कान में देखा जा सकता है. इसी की बातचीत पिछले दिनों तब लीक हो गई थी, जब वह चीन के प्रेसीडेंट शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के शासक किम यंग उल के साथ एक प्रोग्राम में थे.
4. कलाई पर खास घड़ी
उनकी कलाई पर हमेशा एक विशेष घड़ी रहती है. यह सिर्फ समय बताने वाली घड़ी नहीं है. इसमें एक बटन या सेंसर हो सकता है जिसे दबाने पर तत्काल मदद का सिग्नल सुरक्षा टीम को चला जाता है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह शरीर के महत्वपूर्ण संकेतों जैसे हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर पर भी नजर रख सकती है.
5. मेडिकल किट
पुतिन के साथ हमेशा एक पर्सनल मेडिकल किट होती है, जिसमें उनके रक्त समूह के अनुसार ब्लड प्लाज़्मा, एंटीडोट्स (जहर के लिए) और आपातकालीन दवाएं शामिल होती हैं. यह एक विशेष ब्रीफकेस में रहता है.
6. भ्रमित करने के लिए डबल भी
ये एक बेहद गुप्त लेकिन प्रसिद्ध अभ्यास कहा जाता है. जिसमें पुतिन के एक या एक से अधिक डबल उनके साथ के वाहनों में होते हैं. जरूरत के समय ये हमलावर को भ्रमित कर सकते हैं. हालांकि इसकी पुष्टि कभी नहीं हुई, लेकिन पूर्व सुरक्षा अधिकारी इसकी संभावना जताते रहे हैं.
7. जूते
जूतों में कोई विशेष सुरक्षा यंत्र या बुलेटप्रूफ फीचर की जानकारी उपलब्ध नहीं है.पुतिन के जूतों के बारे में कोई गैजेट की खबर नहीं मिली.
8. संचार और जासूसी यंत्र
उनके काफिले में जामिंग डिवाइसेस होते हैं जो बम विस्फोट या ड्रोन को रोकते हैं.
9. कुल सुरक्षा
पुतिन के साथ 4 लेयर की सिक्योरिटी होती है. निजी गार्ड्स, भीड़ में छिपे एजेंट्स, परिधि गार्ड्स और स्नाइपर्स. वे फूड टेस्टर और लंबी टेबल्स का भी इस्तेमाल करते हैं.
मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं
उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह कभी व्यक्तिगत मोबाइल फोन अपने साथ नहीं रखते. इसका मुख्य कारण उनकी सख्त सुरक्षा नीतियां, गोपनीयता की चिंताएं और संभावित हैकिंग या ट्रैकिंग का खतरा माना जाता है. पुतिन पूर्व KGB अधिकारी होने के नाते तकनीक से दूरी बनाए रखते हैं. वह इंटरनेट या स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते.
2020 में क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि पुतिन स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते, हालांकि वे कभी-कभी इंटरनेट का उपयोग करते हैं. 2023 में पुतिन की निजी सुरक्षा में तैनात रूस के पूर्व खुफिया अधिकारी ग्लेब काराकुलोव ने कहा था कि 13 वर्षों की सेवा में उन्होंने कभी पुतिन को मोबाइल फोन के साथ नहीं देखा. विदेश यात्राओं पर भी वे फोन नहीं ले जाते, बल्कि एक “फोन बूथ” साथ ले जाते हैं.
2010 और 2020 में पुतिन ने स्वीकार किया कि अगर वे मोबाइल रखेंगे तो यह “हमेशा बजता रहेगा”. वे व्यस्त रहेंगे. वे इसे असुविधाजनक मानते हैं. स्टाफ को कॉल्स हैंडल करने देते हैं.



