किसानों का रुला रहा अलवर का लाल प्याज, बारिश से फसल को नुकसान से मंडियों में नहीं मिल रहे सही दाम

Last Updated:October 18, 2025, 15:06 IST
अलवर की मशहूर लाल प्याज मंडियों में प्याज की आवक तेज हो गई है, जहां रोजाना 1000 से अधिक कट्टे पहुंच रहे हैं. खैरथल मंडी में भी 500 से 800 कट्टों की आवक हो रही है, फिलहाल प्याज के भाव 8 से 12 रुपए प्रति किलो (300 से 400 रुपए प्रति मन) चल रहे हैं, जिससे किसानों को लागत तक वसूल नहीं हो रही. किसानों का कहना है कि बारिश से फसल को नुकसान हुआ और अब कम कीमतों के कारण वे नुकसान में जा रहे हैं.
अलवर. देश भर में मशहूर अलवर की लाल प्याज मंडियों में आनी शुरू हो गई है, जहां रोजाना करीब 1000 से ज्यादा प्याज के कट्टे पहुंच रहे हैं. लेकिन किसानों को अच्छा भाव न मिलने के कारण किसान मायूस नजर आ रहे हैं. फिलहाल अलवर मंडी में लगातार हो रही प्याज की आवक से वर्तमान में प्याज 300 से 400 रुपए प्रति मन बिक रही है. इसी के साथ खैरथल प्याज मंडी के अंदर 500 से लेकर 800 कट्टे पहुंच रहे हैं.
अभी हाल-फिलहाल यहां पर 8 से लेकर 12 रुपए प्रति किलो प्याज के भाव चल रहे हैं. किसानों का कहना है कि भाव से प्याज के बीज के भी पैसे नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे लगातार किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. खैरथल प्याज मंडी के व्यापारियों ने बताया कि अभी फिलहाल सुपर क्वालिटी की प्याज नहीं आ रही है, उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद भाव में कुछ सुधार आने की संभावना हो सकती है.
प्याज खरीद के लिए 37 व्यापारी सक्रिय
अलवर प्याज मंडी में किसानों की प्याज खरीद के लिए 37 व्यापारी सक्रिय हैं. व्यापारियों का कहना है कि इस बार मध्य प्रदेश में प्याज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. साथ ही केंद्र सरकार द्वारा प्याज के निर्यात पर लगाई गई पाबंदी का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है. पिछले वर्ष अक्टूबर में जहां प्याज की कीमत 700 से 800 रुपए प्रति मन तक पहुंच गई थी, वहीं इस बार यह 400 रुपए प्रति मन से ऊपर नहीं जा पा रही है.
व्यापारियों का मानना है कि यदि सरकार प्याज के निर्यात की अनुमति देती है तो कीमतों में वृद्धि संभव है, अन्यथा बाजार में उछाल की संभावना कम है. इस सीजन में जिले में प्याज की पैदावार भले ही ठीक रही हो, लेकिन दामों में सुधार नहीं देखा जा रहा है. दीपावली के बाद प्याज मंडी में प्याज की आवक तेज होगी, ऐसे में मंडी प्रशासन द्वारा किसानों को बिक्री के दौरान कोई परेशानी न हो, इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं.
साथ ही मंडी में एक साथ किसान अपने साधन लेकर पहुंचते हैं, इसके लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि लगने वाले जाम से किसानों को परेशानी न हो. फसल बेचने आए किसानों ने बताया कि इस बार प्याज में लगातार हुई तेज बारिश के कारण नुकसान हुआ है, इसलिए खेत में कम पैदावार हुई है. प्याज की देखभाल करने के लिए खाद, पानी, दवाई और मजदूरी का खर्चा जोड़े तो लागत 800 से 1000 रुपए प्रति 40 किलो तक बैठती है, लेकिन अब भाव कम मिलने से लागत भी वसूल नहीं हो रही है.
Monali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
October 18, 2025, 15:06 IST
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अलवर प्याज मंडी में गिरते दाम से किसान परेशान, लागत भी नहीं हो रहा वसूल



