किसान ध्यान दें! आपकी फसलें भी बारिश में डूबी है? तो जल्दी करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा मुआवजा

Last Updated:October 30, 2025, 11:21 IST
Pali News: पाली जिले की जैतारण तहसील के किसानों के लिए राहत की खबर है. हाल ही में हुई भारी बारिश से फसलें खराब होने पर राज्य सरकार ने मुआवजा देने का निर्णय लिया है. इसके लिए किसानों को 10 नवंबर तक अपने आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक करवाना और पटवार हल्के में उसकी प्रतिलिपि जमा करवाना जरूरी है. तय समय में डेटा अपलोड नहीं होने पर किसान मुआवजे से वंचित रह जाएंगे.
पाली. किसान यानी वह अन्नदाता जो अपनी मेहनत से बंजर जमीन को भी उपजाऊ बनाने का दम रखते हैं, मगर निराशा तब होती है जब उम्मीद से ज्यादा बारिश हो जाए. बारिश के चलते फसलें बर्बाद हो जाती है, तो अन्नदाताओं की उम्मीद टूट जाती है. किसानों के इसी उम्मीद को बनाए रखने का काम राजस्थान सरकार ने किया है. अत्यधिक बारिश के चलते किसानों की फसलें खराब हो जाती है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार ने जैतारण तहसील के किसानों को राहत देने के लिए फसल का मुआवजा देने का फैसला लिया है.
इसके लिए किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, नहीं तो फसल मुआवजा राशि से वंचित रह सकते हैं. पाली जिले के नजदीक आने वाली जैतारण तहसील के किसानों को फसल खराब होने के कारण राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा. इस योजना का लाभ उठाने के लिए जैतारण तहसील के सभी पात्र किसानों को अपने आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करवाना अनिवार्य है.
किसान पटवार हल्के में जमा कराएं आधार कार्ड की प्रतिलिपि
जिन किसानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अपने आधार कार्ड की प्रतिलिपि अपने पटवार हल्के में जमा करवानी होगी. इससे संबंधित डेटा को ऑनलाइन अपलोड किया जा सकेगा, जो मुआवजे के वितरण के लिए आवश्यक है. तहसीलदार जैतारण के अनुसार, जिन किसानों का डेटा निर्धारित समय पर अपलोड नहीं होगा, वे मुआवजा राशि से वंचित रह जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य को समय पर पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित खातेदार किसानों की होगी.
10 नवंबर है अंतिम तिथि
कृषि विभाग और प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण करवा लें, ताकि वे इस महत्वपूर्ण राहत योजना का लाभ सुनिश्चित कर सकें. ऐसे में डेटा अपलोड करने के लिए निर्धारित पोर्टल 10 नवंबर को बंद हो जाएगा. इस तिथि के बाद कोई भी किसान अपना डेटा अपलोड नहीं कर पाएगा, जिससे वे मुआवजे के हकदार नहीं होंगे.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें
First Published :
October 30, 2025, 11:21 IST
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किसान ध्यान दें! 10 नवंबर तक कर लें ये काम, वरना नहीं मिलेगा फसल क्षति मुआवजा



