बच्चों की सांसें तेज या खान खाने में आनाकानी, सर्दियों में ये लक्षण खतरनाक, डॉक्टर ने बताई डरावनी बात

Last Updated:November 29, 2025, 21:02 IST
Health tips : बढ़ती सर्दी और तेजी से बदलता मौसम रंग दिखाने लगा है. इस मौसम की मार सबसे ज्यादा बच्चों पर दिख रही है. गाजियाबाद के जिला अस्पताल में हर दिन 250 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं. सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याएं इनमें आम हैं. अस्पताल की ओपीडी हर रोज भर रही है. हर तरफ परेशान ही परेशान नजर आते हैं.
गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में बढ़ती सर्दी और बदलते मौसम का असर अब छोटे बच्चों की सेहत पर तेजी से दिखने लगा है. जिला एमएमजी अस्पताल में हर दिन 250 से अधिक बच्चे सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. अस्पताल का ओपीडी सुबह से ही भीड़ से भर जाती है, जहां माता-पिता अपने बच्चों को लेकर परेशान दिखाई देते हैं. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन उपाध्याय के अनुसार, मौसम में तेजी से बदलाव और गाजियाबाद का बढ़ता प्रदूषण बच्चों पर सबसे ज्यादा असर डाल रहा है. ठंड बढ़ने के कारण छोटे बच्चों में सांस से जुड़ी बीमारियां काफी बढ़ी हैं. हवा में मौजूद धूल-धुएं से अस्थमा और दमे के मरीजों की हालत ज्यादा खराब हो जाती है. कई बार ऐसे मरीजों को अटैक जैसी गंभीर स्थिति भी हो सकती है. इसलिए इस मौसम में सतर्क रहना, सही इलाज लेना और डॉक्टर की बताई गई दवाइयों का नियमित सेवन बेहद जरूरी है.
इन बच्चों को ज्यादा खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग ठंड बढ़ने के बावजूद पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं पहनते जिससे बीमारियां तेजी से फैलती हैं खासकर छोटे बच्चों में. इस समय बच्चों में निमोनिया, वायरल खांसी-जुकाम, वायरल बुखार और सांस के वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं. अस्पताल में रोजाना करीब 250 से अधिक बच्चे सर्दी, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, निमोनिया और दमे जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं. डॉ. उपाध्याय बताते हैं कि छोटे बच्चों में पेट दर्द, उल्टी और डायरिया की समस्या भी बढ़ रही है क्योंकि ठंड में बच्चे पानी कम पीते हैं और कई बार बाहर की चीजें खाने से इंफेक्शन हो जाता है. छोटे बच्चे अक्सर अपनी परेशानी नहीं बता पाते इसलिए माता-पिता को कुछ संकेतों पर खास ध्यान देना चाहिए.
क्या करें, क्या नहीं
यदि बच्चा बार-बार रो रहा हो, चिड़चिड़ा हो, सांस तेज चल रही हो, दूध न पी पा रहा हो, उल्टी कर रहा हो या सामान्य भोजन नहीं कर रहा हो तो यह गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है. बुखार न होने पर भी ऐसे बच्चों को तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. इस मौसम में बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं. ठंडा पानी बिल्कुल न दें. बाहर मिलने वाली तैलीय-मसालेदार चीजें बच्चों को न खिलाएं. घर से बाहर जाते समय बच्चों को टोपी, स्वेटर, मोजे और गर्म कपड़े जरूर पहनाएं. खानपान में हरी सब्जियां और पौष्टिक भोजन शामिल करें ताकि बच्चों की इम्युनिटी बढ़ सके. मौसम बदलने के इस दौर में डॉक्टरों की अपील है कि थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है. इसलिए सावधानी बरतें और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.
About the AuthorPriyanshu Gupta
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
Location :
Ghaziabad,Uttar Pradesh
First Published :
November 29, 2025, 21:02 IST
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बच्चों की सांसें तेज या खान खाने में आनाकानी, सर्दियों में ये लक्षण खतरनाक



