दिव्यांग बच्चों को छोड़कर भागे पिता और दादी, पुलिस ने खोला रहस्यमय परिवार का दर्दनाक सच! अब होगा एक्शन

Last Updated:February 27, 2025, 13:36 IST
पिता व दादी अपने दो दिव्यांग बच्चों को नाना-नानी के घर पर छोड़कर टेम्पो से भाग गए. नाना-नानी ने दिव्यांग बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया. उन्होंने बच्चों को सड़क पर खुले में ही छोड़ दिया. राहगीरों की सूचना पर…और पढ़ेंX
सड़क पर लावारिश बच्चों को छोड़ गए
हाइलाइट्स
पिता और दादी ने दिव्यांग बच्चों को सड़क पर छोड़ा.पुलिस ने बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया.पुलिस ने परिवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया.
पाली:- ऐसा कहा जाता है कि पिता सा प्यार और दादी सा लाड इस पूरी दुनिया में कोई नहीं दे सकता है. मगर पाली जिले में इन सभी से परे हटकर रिश्तों को शर्मसार करती एक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब अपने दो दिव्यांग बच्चों को पिता व दादी सड़क पर बेसहारा छोड़कर टेंपो में बैठकर वहां से भाग निकले. काफी समय तक बच्चे चीखते रहे, चिल्लाते रहे, मगर पिता और दादी को उनकी बिल्कुल भी परहवा नहीं थी. यह मामला पाली जिले के सोजत रोड क्षेत्र के सवराड़ गांव के नायकों की ढ़ाणी का है.
दरअसल पिता व दादी अपने दो दिव्यांग बच्चों को नाना-नानी के घर पर छोड़कर टेम्पो से भाग गए. नाना-नानी ने दिव्यांग बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया. उन्होंने बच्चों को सड़क पर खुले में ही छोड़ दिया. राहगीरों की सूचना पर महेन्द्र प्रजापत ने पुलिस को सूचना दी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक जब्बरसिंह व पुलिस उपनिरीक्षक जेठू सिंह मौके पर पहुंचे. बच्चों को तत्काल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस ने इस तरह संभाला मामलाथानाधिकारी जब्बरसिंह राजपुरोहित की मानें, तो कंटालिया निवासी सुनील नायक अपनी मां सुशीला के साथ अपने चार साल का बच्चा व तीन साल की बच्ची को उसके ससुराल सवराड़ नायकों की ढ़ाणी में छोड़ कर टेम्पो से भाग गए. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से परिवार जनों के बारे में जानकारी जुटाई. इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों को पुलिस थाने में बुलाया. पुलिस बाल कल्याण समिति को दिव्यांग बच्चों व उसके परिजनों को पेश करेगी.
पुलिस ने ढूंढ निकाला परिवारबच्चों के परिजन दादी, पिता व नाना मिल गए हैं. जांच में सामने आया कि बच्चों की मां कोटा में रहती है. कुछ दिन पहले ही वह बच्चों को पिता के पास छोडक़र गई थी. पति-पत्नी किसी कारण से अलग रह रहे हैं. अब दादी व पिता ने बच्चों को उनके नाना के पास छोड़ दिया. पुलिस ने सभी परिजनों को पुलिस थाना में बुलाया. पुलिस सभी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करेगी. पुलिस पारिवारिक विवाद की भी गहराई से जांच कर रही है.
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डॉक्टर्स कर रहे बच्चों की देख-रेखडॉ. मनोहर सीरवी की मानें, तो दोनों मासूम बच्चों के हाथ पैर पैरालाइज हैं और आंखों की रोशनी भी नहीं है. तीन साल की बच्ची बीमार है, जबकि चार साल का बच्चा ठीक है. दोनों दिव्यांग बच्चों का डाक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है.
First Published :
February 27, 2025, 13:36 IST
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पिता और दादी दिव्यांग बच्चों को सड़क पर छोड़कर भागे, मदद के लिए आगे आई पुलिस