सर्दियों में पशुओं को खिलाएं ये पोष्टिक आहार, बढ़ेगी ताकत, रोग से रहेंगे दूर और बढ़ेगा दूध का उत्पादन

Last Updated:December 12, 2025, 10:17 IST
एनिमन हसबेंडरी टिप्स: सर्दियों में पशुओं को ऊर्जा, गर्माहट और रोग प्रतिरोधक क्षमता की जरूरत होती है. पारंपरिक ग्रामीण मिश्रण गुड़, सरसों का तेल, खल और बाजरा इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है. गुड़ तुरंत ऊर्जा देता है और शरीर को गर्म रखता है, सरसों का तेल पाचन और गर्माहट बढ़ाता है, खल प्रोटीन से मांसपेशियां मजबूत करता है और दूध उत्पादन बढ़ाता है, जबकि बाजरा लंबे समय तक ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है. यह मिश्रण कम लागत में स्वस्थ, सक्रिय और मजबूत पशु बनाए रखता है.
सर्दियों का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी चुनौतियाँ लेकर आता है. तापमान गिरने पर पशुओं को अतिरिक्त ऊर्जा, गर्माहट और मजबूत प्रतिरोधक क्षमता की आवश्यकता होती है. ऐसे में परंपरागत ग्रामीण ज्ञान पर आधारित एक खास मिश्रण गुड़, सरसों का तेल, खल और बाजरा पशुओं के लिए प्राकृतिक बूस्टर का काम करता है. यह मिश्रण न केवल सर्दी में उनके स्वास्थ्य को बनाए रखता है, बल्कि दूध देने वाले पशुओं की क्षमता भी बढ़ाता है. कम लागत में ज्यादा लाभ देने वाला यह आहार आज भी किसानों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है.

गुड़ में मौजूद प्राकृतिक शर्करा पशु के शरीर में तुरंत ऊर्जा भर देती है. सर्दियों में जब ठंड शरीर का तापमान गिराने लगती है, तब गुड़ शरीर को भीतर से गर्म रखता है. यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है और कमजोरी दूर करता है. इसके नियमित सेवन से पशु एक्टिव रहते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. सर्दियों में गांवों में गुड़ का उपयोग भरपूर मात्रा में किया जाता है.

सरसों का तेल पशुओं के आहार में गर्माहट बढ़ाने वाले तत्व के रूप में जाना जाता है. यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जिससे भोजन सही तरीके से हजम होता है. थोड़ी मात्रा में दिया गया सरसों का तेल शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है और सर्दी से रक्षा करता है. ठंड के कारण होने वाली सुस्ती या पाचन संबंधी समस्याएं इससे काफी हद तक कम होती है.
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सरसों, मूंगफली या तिल की खल पशु आहार में प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है. यह मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और दूध देने वाले पशुओं में दुग्ध उत्पादन को स्वाभाविक रूप से बढ़ाती है. सर्दियों में जब पशु अक्सर सुस्त पड़ जाते हैं, तब खल उनकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाकर उन्हें सक्रिय बनाए रखती है. वजन और ताकत बढ़ाने में भी यह बेहद उपयोगी है. ग्रामीण रामपाल ने बताया कि गुड़ की ऊर्जा, सरसों तेल की गर्माहट, खल के प्रोटीन और बाजरे की पोषण क्षमता मिलकर पशुओं को अंदर से मजबूत बनाती है. यह मिश्रण शरीर में गर्माहट बनाए रखता हैं और कमजोरी और थकान दूर करता है. पशुओं को यह खिलाने पर दूध उत्पादन बढ़ाता है.

बाजरा गर्म तासीर वाला अनाज है, जो सर्दियों के लिए बिल्कुल उपयुक्त माना जाता है.फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और आवश्यक खनिजों से भरपूर बाजरा पशु को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. यह शरीर को गर्म रखता है और ठंड में होने वाली थकान, कमजोरी और सुस्ती को दूर करता है. बाजरा पाचन के लिए भी अच्छा माना जाता है.इसी के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है. इसका सेवन सर्दियों में होने वाली बीमारियों से बचाता है.

किसानों के लिए यह एक सस्ता, सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है, जिसे वर्षों से पशु स्वास्थ्य में इस्तेमाल किया जाता रहा है. सर्दियों में पशुओं को स्वस्थ रखना हर किसान की प्राथमिकता होती है. गुड़, सरसों का तेल, खल और बाजरा का यह पारंपरिक मिश्रण प्राकृतिक गर्माहट, पोषण और ऊर्जा का अनोखा संयोजन है. यह न केवल पशुओं की शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि सर्द मौसम में होने वाली समस्याओं से भी बचाता है. अगर इसे सही मात्रा में और नियमित रूप से दिया जाए, तो यह पशुओं के लिए सबसे बेहतर विंटर बूस्टर साबित होता है.
First Published :
December 12, 2025, 10:17 IST
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सर्दियों में पशुओं को खिलाएं ये पोष्टिक आहार, बढ़ेगी ताकत और रोग से रहेंगे दूर



