Flu Treatment: सर्दी-जुकाम और खांसी से हो गया है बुरा हाल, कौन सी दवा लेना सुरक्षित? डॉक्टर से जानें सही ट्रीटमेंट

Best Flu Treatment: बारिश का मौसम शुरू होने के बाद सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मामलों में बेहताशा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ट्रेन, बस, मेट्रो और बाजारों में हर तरफ लोगों को छींकते और खांसते हुए देखा जा सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बारिश में मौसम बदलने के दौरान तापमान कम हो जाता है और हवा में नमी बढ़ जाती है. इसकी वजह से वायरस और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं. कई बार लोगों को वायरल फ्लू हो जाता है, तो कई बार बैक्टीरियल इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं. आज डॉक्टर से जानेंगे कि लोग इन बीमारियों का इलाज क्या है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने को बताया कि बरसात में मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के केस बढ़ रहे हैं. इसे मौसमी फ्लू भी कहा जा सकता है. फ्लू एक वायरल इंफेक्शन होता है, जिससे सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं. फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलने लगता है. जबकि कई लोगों को वायरल के साथ बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो जाता है, जिसमें लोगों को एंटीबायोटिक देने की जरूरत पड़ती है. हालांकि लोगों को दोनों ही कंडीशन में डॉक्टर से मिलकर इलाज कराना चाहिए.
कैसे पहचानें वायरल इंफेक्शन?
डॉक्टर सोनिया रावत ने बताया कि वायरल इंफेक्शन होने पर लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार आने लगता है. वायरल इंफेक्शन में लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. जब किसी व्यक्ति को फीवर आता है, तब उसे बॉडी वेट के अनुसार पैरासिटामोल टेबलेट दी जाती है. खांसी होने पर कफ टेबलेट या सीरप दिया जाता है. जुकाम के लिए एंटी-एलर्जिक दवाएं दी जाती हैं. जुकाम से राहत पाने के लिए स्टीम ले सकते हैं और गले में खराश के लिए लॉरेंजेस ले सकते हैं. आमतौर पर वायरल इंफेक्शन एक सप्ताह में ठीक हो जाता है. हालांकि जल्द रिकवरी के लिए डॉक्टर से मिलकर दवा लेनी चाहिए.
कैसे पहचानें बैक्टीरियल इंफेक्शन?
डॉक्टर की मानें तो बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर लोगों का बुखार पैरासिटामोल लेने के बाद भी ठीक नहीं होता है और तबीयत लगातार खराब होती रहती है. अगर किसी व्यक्ति लगातार 4-5 दिनों तक बुखार आए, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए. बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर एंटीबायोटिक दवाएं देनी पड़ती हैं, ताकि व्यक्ति रिकवर हो सके. इसके अलावा खांसी के लिए कफ सीरप दिया जाता है. बैक्टीरियल इंफेक्शन ज्यादा दिनों तक रहता है और यह बिना एंटीबायोटिक दवाओं के ठीक नहीं होता है.
बारिश में ये टेस्ट भी कराना न भूलें
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बरसात के मौसम में वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन के अलावा डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड का खतरा भी बढ़ जाता है. इन सभी परेशानियों में बुखार आता है. ऐसे में अगर आपको कई दिनों तक बुखार आए, तो डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड का टेस्ट भी करा लेना चाहिए. आप डॉक्टर की सलाह के बाद ये टेस्ट करवा सकते हैं. इससे आपको इन बीमारियों का पता भी सही वक्त पर लग जाएगा और आपको सही ट्रीटमेंट भी मिल सकेगा. बरसात में कई तरह के इंफेक्शन फैलते हैं, जिसकी वजह से लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
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Tags: Health, Lifestyle, Rainy Season, Viral Fever
FIRST PUBLISHED : July 20, 2024, 12:00 IST