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पशुपालकों के लिए FD है बकरी की ये नस्ल, पाल लिया तो कुछ सालों बाद लागत से कई गुना फायदा

Last Updated:May 12, 2025, 08:10 IST

Agriculture News: इन नस्लों को पालने से दूध और मांस उत्पादन दोनों में लाभ मिलता है. इनकी संतानें भी बाजार में अच्छे दाम पर बिकती हैं. सरकारी योजनाओं और पशुपालन विभाग की मदद से प्रशिक्षण लेकर इन नस्लों के पालन …और पढ़ेंन्यूज 18

ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन न केवल परंपरागत आजीविका का हिस्सा है, बल्कि यह अब एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में भी उभर रहा है. खासकर जब सही नस्लों का चयन किया जाए. इससे दुगुना लाभ कमाया जा सकता है – एक ओर दूध व मांस का उत्पादन, तो दूसरी ओर नस्ल सुधार व व्यापार का अवसर.

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पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार, देश में कई ऐसी बकरी नस्लें हैं जो तेज़ी से बढ़ती हैं, अधिक दूध देती हैं और मांस उत्पादन में भी बेहतर साबित होती हैं.ऐसे में यदि बकरी पालक इन नस्लों को अपने झुंड में शामिल करते हैं, तो लाभ की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.<br />ये हैं लाभकारी बकरी नस्लें:<br />1. जामुनापारी<br />उत्तर प्रदेश की यह नस्ल अपने बड़े आकार और अधिक दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है.एक बकरी रोजाना 2-3 लीटर तक दूध देती है.

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बीटल<br />पंजाब की यह नस्ल भी दूध और मांस दोनों के लिए उपयुक्त मानी जाती है.इसकी त्वचा भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जो चर्म उद्योग में काम आती है.

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सिरोही<br />राजस्थान की लोकप्रिय नस्ल जो गर्मी में भी अच्छी तरह ढल जाती है. मांस उत्पादन में यह नस्ल अव्वल मानी जाती है. इस नस्ल की बकरियों को राजस्थान में सबसे अधिक पाला जाता है क्योंकि यह हर माहौल में ढल जातीहै.

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बरबरी<br />छोटे आकार की यह नस्ल जल्दी-जल्दी बच्चे देती है और कम जगह में भी पालन योग्य है. शहरी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त मानी गई है इसीलिए शहरी क्षेत्र में इसका प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है

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ओस्मानाबादी<br />महाराष्ट्र की यह नस्ल मध्यम आकार की होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण आसानी से पालन की जा सकती है. इसके साथ ही इसमें बच्चे देने की क्षमता भी अधिक होती है इस नस्ल की बकरियां आमतौर पर दो या दो से अधिक बच्चों को एक साथ जन्म देती है

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डबल फायदा कैसे?<br />इन नस्लों को पालने से दूध और मांस उत्पादन दोनों में लाभ मिलता है.साथ ही इनकी संतानें भी बाज़ार में अच्छे दाम पर बिकती हैं. सरकारी योजनाओं और पशुपालन विभाग की मदद से प्रशिक्षण लेकर इन नस्लों के पालन को व्यावसायिक रूप भी दिया जा सकता है.

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“कम खर्च में ज़्यादा मुनाफा चाहते हैं? तो बकरी पालन में इन नस्लों को अपनाएं”<br><br>

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