गर्भावस्था के दौरान अपनाएं आयुर्वेद की ये खास चिकित्सका पद्धति, तेज-तर्रार संतान लेगा पैदा, यहां करें संपर्क

पटना. अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं और आने वाले समय में अपने घर में नन्हे मेहमान का स्वागत करना चाहते हैं, तो यह आवश्यक है कि जन्म से पहले ही शिशु के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए. इसके लिए आयुर्वेद में एक खास पद्धति है जिससे बुद्धिमान और तेज तर्रार बच्चे पैदा लेते हैं. इस प्रक्रिया का नाम गर्भ संस्कार है. इससे न केवल संतान स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत होती है, बल्कि संस्कारी भी बनती है.
पटना स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में गर्भ संस्कार पद्धति के माध्यम से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर ध्यान दिया जाता है. अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रभा कुमारी के अनुसार, गर्भ संस्कार से जन्म लेने वाला शिशु शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से मजबूत होता है. वो कई बीमारियों से मुक्त होकर पैदा लेता है.
क्या है गर्भ संस्कार?
डॉ. प्रभा कुमारी ने बताया कि गर्भस्थ शिशु में अच्छे गुणों और संस्कारों को विकसित करना ही गर्भ संस्कार कहा जाता है. गर्भ संस्कार भारतीय संस्कृति का प्राचीन समय से हिस्सा रहा है. महाभारत में अभिमन्यु भी अपने मां के गर्भ से ही चक्रव्यूह में प्रवेश करने की विधि सीख कर आए थे. यह गर्भ संस्कार का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह एक ऐसा माध्यम है जिससे कोई भी मां अपने बच्चों के अंदर अच्छे अच्छे गुणों को गर्भ में ही विकसित कर सकते हैं. गर्भ संस्कार तीन चरणों में किया जाता है.
गर्भ संस्कार की प्रक्रिया
गर्भधारण से तीन महीने पहले: माता-पिता के शरीर की शुद्धि पंचकर्म और आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से की जाती है. इससे बीज की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे स्वस्थ संतान का जन्म होता है.
गर्भावस्था के दौरान: गर्भवती महिला के आहार, दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है. सकारात्मक विचारों, धार्मिक किताबों को पढ़ना, संगीत, योग और ध्यान से शिशु के मानसिक विकास को बेहतर बनाया जाता है.
जन्म के बाद: शिशु के लिए आयुर्वेद में 16 संस्कार की विधि बताई गई है. इस तरीके से गर्भ संस्कार का पालन करते हुए कोई भी महिला एक मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बच्चा पैदा कर सकती है. साथ हीं अपने प्रेगनेंसी को एंजॉय भी कर सकती है.
गर्भ संस्कार के फायदे
उन्होंने आगे बताया कि गर्भ संस्कार के फायदे सिर्फ शिशु को ही नहीं बल्कि मां, समाज और राष्ट्र सबको होता है. गर्भ संस्कार के जरिए हम अपने बच्चों के अंदर सकारात्मक ऊर्जा, विचार और कई तरह की चीजें है जो धरती पर आने के पहले ही विकसित कर रहे हैं. यह बच्चों के फ्यूचर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है. बच्चा संस्कारी होता है साथ ही मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होता है. सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर नागरिक राष्ट्र और समाज के लिए बेहतर करता करता है.
गर्भवती मां के आहार
डॉ. प्रभा कुमारी के अनुसार गर्भवती महिलाओं का आहार, इस तरह का होना चाहिए कि उसमें सभी प्रकार की पोषक तत्वों की मौजूदगी हो. साथ ही मंत्र का भी ध्यान रखें. सभी चीजों को थोड़ा-थोड़ा करके खाएं. आहार में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन, सहित सभी पोषक तत्वों की मौजूदगी जरूरी है. किसी भी पोषक तत्वों की कमी होने पर बच्चे को दिक्कत होती है.
कहां करवाएं गर्भ संस्कार
अगर कोई माता-पिता गर्व संस्कार करवाना चाहते हैं, तो वो राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज पटना देश का दूसरा अस्पताल है, जहां गर्भ संस्कार पद्धति से गर्भवती की इलाज की सुविधा है. महिलाएं यहां इलाज करवा सकते हैं. वो भी बिल्कुल फ्री. कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना है. इस पद्धति का लाभ लेने लिए आप अस्पताल परिसर में ओपीडी संख्या दो में जाकर महिला एवं प्रसूति विभाग में संपर्क कर सकते हैं. अगर अभी तक गर्भधारण नहीं हुआ है और भविष्य में करने की प्लानिंग है, तो गर्भ संस्कार की प्रक्रिया 3 महीने पहले ही शुरू कर सकते हैं. इससे अधिक लाभ मिलने की संभावना होती है.
लोगों से मिल रहा अच्छा फीडबैक
जो माता-पिता गर्भ संस्कार का लाभ उठा चुके हैं, वे अक्सर अपने अनुभव साझा करते हैं और बताते हैं कि उनके बच्चे न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक तेज और बुद्धिमान हैं. ऐसे बच्चों अपने हमउम्र बच्चों की तुलना में अधिक संस्कारी, डिसिप्लिन से भरपूर और पॉजिटिव सोच के होते हैं. माता-पिता का मानना है कि गर्भ संस्कार की प्रक्रिया ने उनके बच्चे को न केवल बुद्धिमान बनाया, बल्कि उसमें अच्छे गुण, संस्कार और आत्मविश्वास भी विकसित किया.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.