विदश मंत्री एस. जयशंकर ने फिर दोहराया- यूएन में बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है भारत

Last Updated:October 16, 2025, 13:21 IST
S Jaishankar News: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UNTCC में भारत की संयुक्त राष्ट्र सुधार और सुरक्षा परिषद सदस्यता की मांग दोहराई है. उन्होंने शांति रक्षकों के योगदान व बलिदान को श्रद्धांजलि दी और बहुपक्षीयता पर जोर दिया.
विदेश मंत्री एस. जयंशकर ने यूएन में भारत की बड़ी भूमिका की वकालत की.
S Jaishankar News: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र की संरचना में भारत की अधिक जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई है. संयुक्त राष्ट्र सैनिक योगदानकर्ता देशों (UNTCC) के प्रमुखों को संबोधन के दौरान उन्होंने बहुपक्षीय व्यवस्था के नवीनीकरण पर जोर दिया. यह संकल्प 14 से 16 अक्टूबर तक भारतीय सेना द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स शामिल हुए. जयशंकर ने यूएन शांति रक्षा अभियानों के भविष्य के सिद्धांतों का खाका खींचते हुए कहा कि मंडेट यथार्थवादी और स्पष्ट होने चाहिए, ताकि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो.
उन्होंने यह भी दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी मेजबान देश की है. जयशंकर ने कहा कि यूएन के सदस्यों में सुधारित संयुक्त राष्ट्र की मजबूत इच्छा है, जिसमें सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी सदस्यता का विस्तार शामिल है. लेकिन सुधार प्रक्रिया का ही इस्तेमाल उस एजेंडे को पटरी से उतारने के लिए हो रहा है. दुर्भाग्य से, ऐतिहासिक अन्याय अब भी जारी हैं. उन्होंने भारत की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत सुधारित संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीयता में अधिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रतिबद्ध है.बयान भारत की महत्वाकांक्षा
यह बयान भारत की वैश्विक नेतृत्व की महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है, खासकर सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग के संदर्भ में. शांति रक्षा पर टिप्पणी करते हुए जयशंकर ने भारत के लंबे योगदान को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि यूएन के गठन से ही यह साबित होता है कि राष्ट्र एकजुट होकर बड़े लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं. हमारे शांति रक्षक अच्छाई की शक्तिशाली ताकत रहे हैं. ये बहादुर बेटे-बेटियां नागरिकों की रक्षा, मानवीय सहायता पहुंचाने और नाजुक शांति प्रक्रियाओं को समर्थन देने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं. ये बहुपक्षीयता के सच्चे ध्वजवाहक हैं.
जयशंकर ने शहीद शांति रक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज मैं यूएन के 4,000 से अधिक और भारत के 182 शांति रक्षकों को याद करता हूं, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान दिया. वे साहस के प्रतीक हैं और उनकी विरासत हम सभी के लिए कार्रवाई का आह्वान है. हमें सुनिश्चित करना होगा कि उनका संदेश जीवित रहे.
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October 16, 2025, 12:51 IST
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जयशंकर ने फिर दोहराया- यूएन में बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है भारत


