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बाड़मेर से पाकिस्तान तक माता जोमा की आस्था, सरहदें नहीं रोक सकीं भक्तों के प्यार और भक्ति को

Last Updated:October 24, 2025, 17:19 IST

Barmer News Hindi : बाड़मेर की सरहद पर माता जोमा की आस्था इतनी गहरी है जितनी थार की रेत. भारत और पाकिस्तान के छाछरो गांव में श्रद्धालु आज भी उनकी पूजा करते हैं. शक्ति, भक्ति और परंपरा से जुड़ी माता जोमा की कहानी सरहदों को पार कर दो दिलों और पीढ़ियों को जोड़ती है.

बाड़मेर : थार की रेत जितनी गहरी है उतनी ही गहरी है यहां की आस्था. बाड़मेर की सरहद पर बसी माता जोमा की कहानी सरहदों से परे जाकर दो दिलों को जोड़ती है. राजस्थान के चारण समाज की कुलदेवी मानी जाने वाली माता जोमा आज भी पाकिस्तान के छाछरो इलाके में उतनी ही श्रद्धा से पूजी जाती हैं जितनी भारत के बाड़मेर में.

बाड़मेर के सरहदी छाछरो गांव में शक्तिमाता जोमा का मंदिर बना हुआ है. यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं. हाल ही में सरकार ने सीमावर्ती चौहटन उपखण्ड क्षेत्र में नया राजस्व छाछरो गांव बनाया है. माता जोमा बाड़मेर में भी पूजी जाती है और पाकिस्तान के छाछरो में भी. बाड़मेर के छाछरो में जाळ के पेड़ के नीचे यह मंदिर स्थापित है. यहां बीज को मेला भरा जाता है और रात को जागरण सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते है.

पाकिस्तान में अत्याचारों के विरुद्ध किया जमरजब पाकिस्तान में चारण समाज पर अत्याचार हुए तब देवी जोमा ने अपने भक्त हरिसिंह को वरदान दिया कि “तुम्हारी तीन पीढ़ियां राज करेंगी और हर पीढ़ी सपूत होगी.” यह वरदान सच भी हुआ. हरिसिंह पाकिस्तान में रेल मंत्री और सांसद बने वहीं छाछरो हवेली पर भी उन्हीं का राज रहा है. साल 1965 और 1971 के युद्ध के समय यह परिवार भारत में आकर बस गया.

सूर्य की किरण से हुई सती, आज भी दोनों देशों में पूजते हैं भक्तछाछरो के स्थानीय निवासी करण सिंह सोढा बताते हैं कि पाकिस्तान के छाछरो की तरह बाड़मेर में भी एक नया छाछरो गांव बसाया गया है जहां उसी परंपरा और भक्ति भाव से माता जोमा की पूजा होती है. जब माता जोमा सती हुईं तब सूर्य की सीधी किरण उन पर पड़ी थी. माता जोमा ने उसी क्षण देह त्याग दी. तब से लेकर आज तक सरहद के दोनों ओर लोग माता जोमा को समान श्रद्धा और भाव से पूजते हैं.

Rupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें

Location :

Barmer,Rajasthan

First Published :

October 24, 2025, 17:19 IST

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सरहद पार भी गूंजती है माता जोमा की जयकार, आस्था ने मिटाई सीमाएं

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