कोटा की गलियों से ओटीटी की ऊंचाइयों तक…आसान नहीं था भूपेंद्र जडावत का ये संघर्ष से भरा फिल्मी सफर

कोटा. राजस्थान के कोटा शहर से निकले अभिनेता भूपेंद्र सिंह जडावत आज ओटीटी दुनिया के चमकते चेहरों में शुमार हैं. इन दिनों भूपेंद्र अपने परिवार के साथ कोटा में थे, जहां उन्होंने लोकल डिजिटल से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपने करियर की शुरुआती चुनौतियों, मुंबई की संघर्षभरी यात्रा और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर बात की. इंटरव्यू के दौरान भूपेंद्र ने कहा,“मैं जितनी भी दूर चला जाऊं, कोटा हमेशा मेरा घर रहेगा. यहीं से मैंने सपने देखने की ताकत पाई और थिएटर ने उन सपनों को पहचान दी.” कोटा में ही जन्मे-पले भूपेंद्र का बचपन मंच और किरदारों से प्रभावित रहा. आगे चलकर उन्होंने जयपुर और दिल्ली में थिएटर करते हुए अपने अभिनय को और निखारा.
NSD से मिला नया आयाम, फिर शुरू हुआ मुंबई का सफ़र
भूपेंद्र का अभिनय सफ़र उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) तक ले गया, जहां से उन्होंने 2017 में स्नातक किया. थिएटर के प्रति अपने जुनून के चलते उन्होंने “द रेड मार्क” नाम का अपना थिएटर ग्रुप भी बनाया. एनएसडी के बाद उनका अगला कदम था मुंबई, जहां हर चेहरा एक मौका चाहता है. भूपेंद्र के लिए यह सफ़र आसान नहीं था, छोटे-छोटे कमरों में रहना, लगातार ऑडिशन देना, हर दिन नई उम्मीद लेकर उठना यह संघर्ष उनके रोज़मर्रा का हिस्सा बन गया पर कोटा और थिएटर ने सिखाई दृढ़ता ने उन्हें कभी हारने नहीं दिया.
क्लास ऑफ़ ’83 से मिली पहली बड़ी सफलताआखिरकार 2020 में उनका इंतज़ार खत्म हुआ, जब उन्हें नेटफ्लिक्स की फिल्म में Class of ’83 में महत्वपूर्ण भूमिका मिली. फिल्म रिलीज़ के बाद भूपेंद्र की एक्टिंग ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया. इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर OTT अवॉर्ड्स में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नामांकन मिला जो उनके करियर का पहला बड़ा माइलस्टोन बना.
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगातार मजबूत होती पहचानModern Love: Mumbai में उनका भावपूर्ण अभिनय दर्शकों के दिल तक पहुंचा, Ittu Si Baat के लिए उन्होंने क्रिकेट की ट्रेनिंग ली जिससे पता चलता है कि वे अपने किरदार में पूरी तरह रंग जाने के लिए कितने समर्पित हैं. 2025 में नेटफ्लिक्स की क्राइम-ड्रामा सीरीज़ Dabba Cartel में उनका प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में रहा और अब वह तैयार हैं निर्देशक नागराज मंजुले की अमेज़न प्राइम सीरीज़ Matka King में नज़र आने के लिए जिसे उनके करियर का एक और बड़ा मोड़ माना जा रहा है.
अपने करियर में अब तक नाम किए ये अवॉर्ड्सथिएटर के क्षेत्र में अलीक पदमसी अवॉर्ड
2025 में मिला राजस्थान प्रवासी सम्मान
Class of ’83 के लिए Filmfare OTT नामांकन
काम ही आगे बढ़ाता है, किस्मत नहीं लोकल डिजिटल से बातचीत के अंत में उन्होंने कहा “सपने कहीं भी जन्म ले सकते हैं, लेकिन उन्हें पूरा करना आपके हाथ में है. कोटा मेरी शुरुआत है, मुंबई मेरा सफ़र और कहानी अभी बाकी है. कोटा की गलियों से शुरू हुई भूपेंद्र जडावत की यात्रा आज ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और बड़े प्रोजेक्ट्स तक पहुंच चुकी है. उनकी कहानी सिर्फ एक कलाकार की सफलता नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलते हैं.



