अब नहीं बहेगा हाइवे पर पानी! सीकर के नानी बीड़ में 52 करोड़ की योजना से जलभराव पर लगेगा ब्रेक

Last Updated:January 11, 2026, 16:15 IST
Sikar News Hindi : सीकर के नानी बीड़ क्षेत्र में सालों से चली आ रही जलभराव की समस्या अब खत्म होने वाली है. नगर परिषद ने इसके समाधान के लिए 52 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जिसके तहत पॉन्ड की क्षमता बढ़ेगी और गंदे पानी को शुद्ध कर खेती में उपयोग किया जाएगा. इससे हजारों लोगों को मानसून में राहत मिलेगी.
Sikar News: सीकर के नानी गांव इलाके में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या अब जल्द की खत्म होने की उम्मीद है. इस समस्या के समाधान के लिए सीकर नगर परिषद ने रोड़ मैप तैयार किया है. नेशनल हाईवे और गांव के खेतों सहित आसपास के क्षेत्र में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बीड़ के 3 पॉन्ड की गहराई और चौड़ाई बढ़ाई जा रही है, जिससे इन पौंड की स्टोरेज क्षमता बढ़ जाएगी. ऐसे में पहले जहां पॉन्ड किए स्टोरेज क्षमता 2 लाख क्यूसेक थी अब वह 5 लाख क्यूसेक हो जाएगी.

इससे उम्मीद है कि अब हाइवे पर पानी नहीं बहेगा. नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार 14 जनवरी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाएगी. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 52 करोड़ की तकनीकी स्वीकृति मिलने का अनुमान है. स्वीकृति के बाद इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी. इस पूरे प्रोजेक्ट को जून तक पूरा करने का लक्ष्य है, इसको लेकर प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है.

जानकारी के अनुसार 52 करोड़ रुपये की लागत से गंदे पानी को शुद्ध कर किसानों तथा स्मृति वन के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना के अंतर्गत लगभग 20 किलोमीटर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 300 से 450 एमएम व्यास के पाइपों का उपयोग किया जाएगा. इसके साथ ही अभी बीड़ क्षेत्र में एक्सीलेंस स्कूल के पीछे नई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य भी चल रहा है. इस एसटीपी से साफ पानी किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.
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इस योजना में रोज 1.40 करोड़ लीटर (14 एमएलडी) पानी का उपयोग खेती के से लिए होगा. शहर में 6 एसटीपी रोज 31.5 एमएलडी पानी ट्रीट होगा. उन्होंने बताया कि नानी बीड प्रोजेक्ट के तहत किसानों को फिल्टर किया पानी दिया जाएगा. इसके लिए परिषद अलग-अलग जगहों पर 10 पॉइंट बनाएगी, जहां से किसान खेतों तक पानी ले जा सकेंगे. फिल्टर किया पानी मिलने से नानी बीड़, सालासर रोड व भढ़ाढर एरिया के किसानों को फायदा होगा.

शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए कुल 6 एसटीपी बनाई जा रही है. इसके तहत कुछ दिन पहले ही जगमालपुरा स्थित एसटीपी को शुरू किया है, जिससे अब नवलगढ़ क्षेत्र का गंदा पानी भी ट्रीट कर उपयोग में लिया जाएगा. विभाग का दावा है कि इस एसटीपी के चालू होने से बारिश के मौसम में शिव कॉलोनी में होने वाली जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी. जगमालपुरा एसटीपी की क्षमता साढ़े 4 एमएलडी है, जबकि शिव कॉलोनी में स्थापित दो एसटीपी परोजाना कुल 14 एमएलडी पानी साफ करने की क्षमता रखती हैं.

आपको बता दें कि, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से 25 हजार लोगों को राहत मिलेगी,। मानसून में लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़े, इसलिए नगर परिषद की प्रोजेक्ट को अगली बारिश से पहले पूरा करने की योजना है. विभाग के अनुसार एसटीपी तक आने वाले केमिकल व दूषित पानी को अलग किया जाएगा. उसके बाद ही साफ पानी छोड़ा जाएगा. गौरतलब है कि पॉन्ड में पानी ओवरफ्लो होने के बाद आए दिन हाइवे और गांवों में गंदा पानी आने से लोगों को परेशानी हो रही थी.
First Published :
January 11, 2026, 16:15 IST
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सीकर: नानी गांव जलभराव समाधान हेतु 52 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार



