Gardening Tips: बांस का पौधा पीला या सड़ रहा है? जानें घर पर इसे स्वस्थ रखने के आसान और असरदार उपाय – Rajasthan News

Last Updated:December 25, 2025, 07:36 IST
Bamboo Plants Planting Tips: बांस के पौधे को मिट्टी या पानी में उगाना आसान होता है, लेकिन सही देखभाल जरूरी है. पानी साफ और ताजा होना चाहिए, हर 6-7 दिन में बदलें और जड़ों को धोएं. पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले लेकिन सीधी धूप न पड़े और तापमान 18-32 डिग्री सेल्सियस रखें. जड़ों और पत्तियों की नियमित जांच करें और आवश्यकतानुसार पतला एनपीके उर्वरक दें. पौधे को हवादार जगह पर रखें, पत्तियों और गमले को समय-समय पर घुमाते रहें.
कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें मिट्टी और पानी, दोनों में उगाया जा सकता है. बांस भी उन्हीं में से एक है. हालांकि, अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि वे नियमित रूप से पानी बदलते हैं, फिर भी बांस का पौधा पीला पड़ जाता है या सड़ने लगता है. यहां ध्यान रखने वाली बात है कि पानी में उगाए जाने वाले बांस का रख-रखाव भले ही आसान है, लेकिन छोटी-छोटी गलतियां भी इसे नुकसान पहुंचा सकती है.

गार्डेनिंग एक्सपर्ट रमेश कुमार ने बताया कि पौधे को जिस पानी में रखा जा रहा है, वह साफ़ और ताजा होना चाहिए. इस दौरान क्लोरीन युक्त पानी का उपयोग न करें. इसकी जगह फिल्टर्ड पानी का इस्तेमाल करें. आप बोतलबंद पानी भी उपयोग कर सकते है. काई को रोकने के लिए हर 6 से 7 दिन में पानी बदलें और जड़ों को धोएं. शैवाल पानी में उगने वाली हरी, चिपचिपी परत होती है जो बोल में चिपक जाती है. उतना ही पानी भरें, जितना जड़ों को ढक सकें.

उन्होंने बताया कि बांस के पौधे को उचित मात्रा में प्रकाश की आवश्यकता होती है. इसलिए पौधे को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन सीधी धूप न पड़े. सीधी धूप पत्तियों को जला सकती है, जिससे वे पीली या भूरी हो जाती हैं. पौधे वाली जगह का तापमान 18 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें. कम रोशनी में पौधा जीवित तो रहेगा, लेकिन उसका विकास धीमा हो जाएगा. अगर पौधा दफ़्तर जैसे बंद स्थान में रख रहे हैं तो उसे भी कुछ घंटे प्राकृतिक प्रकाश में जरूर रखें.
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गार्डेनिंग एक्सपर्ट रमेश कुमार ने बताया कि नियमित रूप से पौधे की जड़ों और पत्तियों की जांच करें. यदि जड़ें सड़ने लगें या पत्तियां पीली होने लगें, तो ये उपाय करें. इसके अलावा हर दो-तीन महीने में बहुत पतला तरल उर्वरक एनपीके 10-10-10 या 20-20-20 (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम) दें. इसके अलावा एक ग्राम एनपीके को एक लीटर पानी में घोलकर डालें. वहीं, पौधे को हवादार जगह पर रखें, लेकिन तेज हवाओं से बचाएं. ठंडी हवा और एसी के सीधे संपर्क से भी पौधे को दूर रखे.

इसके अलावा समय-समय पर पौधे, पत्तियों और गमले को हल्का-सा घुमाते रहें, ताकि विकास एक समान हो. यदि कंटेनर में कांच के गोल पत्थर डाले हैं, तो पानी बदलते समय उन्हें अच्छी तरह साफ़ करें, नहीं तो उनमें काई पनप सकती है. कुछ मामलों में बांस के पौधे के प्राकृतिक रूप से बूढ़ा होने पर कुछ पत्तियों का पीला पड़ना सामान्य है. ऐसी अवांछित पत्तियों को काटकर या हटाकर अलग करें, ताकि नई पत्तियां उग सकें.

गार्डेनिंग एक्सपर्ट रमेश कुमार ने बताया कि पत्तियों के भूरी या काली पड़ जाने तक न रुकें, क्योंकि तब सड़न पौधे के अन्य हिस्सों में भी फैल सकती है. यदि फंगस या मिलीबग जैसे कीट दिखाई दें, तो नीम का तेल या कीटनाशक साबुन से उपचार करें. बांस का पौधा बिल्लियों और कुत्तों के लिए विषैला होता है. इसके पत्ते खाने से उन्हें पेट दर्द, असंतुलन, दस्त, कमजोरी, उल्टी और लार टपकने जैसी समस्याएं हो सकती है.
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December 25, 2025, 07:36 IST
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बांस का पौधा पीला या सड़ रहा है? जानें घर पर देखभाल के आसान और असरदार उपाय



