Rajasthan

Gardening Tips: कम देखभाल में खिले रंग-बिरंगे फूल! रसीले पौधों से घर बनेगा खूबसूरती का ठिकाना

Last Updated:November 07, 2025, 14:35 IST

Gardening Tips : कम देखभाल में खूबसूरती और ताजगी चाहने वालों के लिए रसीले पौधे बेस्ट हैं. ये न सिर्फ अपने मोटे हरे पत्तों से सुकून देते हैं, बल्कि सर्दियों और बसंत में खिले इनके रंग-बिरंगे फूल हर बगीचे को स्वर्ग बना देते हैं. एलोवेरा, ईचेवेरिया और जेड जैसे पौधे घर की शोभा बढ़ाने के साथ भाग्य भी चमकाते हैं.रसीले पौधे सिर्फ अपने आकर्षक आकार और मोटे पत्तों के लिए ही पसंद नहीं किए जाते, बल्कि ये ऐसे शानदार फूल भी देते हैं जो किसी भी बगीचे में रंगों की बहार ला सकते हैं। ये पौधे सूखा सहनशील होते हैं और इन्हें बहुत अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती, जिससे ये उन शौक़ीन गार्डनर्स के लिए आदर्श हैं जिनके पास समय कम है।

रसीले पौधे सिर्फ अपने आकर्षक आकार और मोटे पत्तों के लिए ही पसंद नहीं किए जाते, बल्कि ये ऐसे शानदार फूल भी देते हैं जो किसी भी बगीचे में रंगों की बहार ला सकते हैं. ये पौधे सूखा सहनशील होते हैं और इन्हें बहुत अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती, जिससे ये उन शौकीन गार्डनर्स के लिए आदर्श हैं जिनके पास समय कम है.

कैलनकोइ यह पौधा सर्दियों और बसंत ऋतु में गुच्छों में छोटे-छोटे गुलाबी, लाल, पीले, नारंगी या सफेद फूल खिलाता है। फूल लंबे समय तक ताजे बने रहते हैं इसके लिए तेज रोशनी लेकिन सीधी तेज धूप नहीं चाहिए मिट्टी पूरी तरह सूखने पर ही पानी दें। ओवरवॉटरिंग से बचें। यह एक इनडोर प्लांट के रूप में भी बहुत अच्छा काम करता है। फूल आने के बाद डेडहेडिंग करने से नए फूल आने को प्रोत्साहन मिलता है।

कैलनकोइ<br />यह पौधा सर्दियों और बसंत ऋतु में गुच्छों में छोटे-छोटे गुलाबी, लाल, पीले, नारंगी या सफेद फूल खिलाता है. फूल लंबे समय तक ताजे बने रहते हैं इसके लिए तेज रोशनी लेकिन सीधी तेज धूप नहीं चाहिए मिट्टी पूरी तरह सूखने पर ही पानी दें. ओवरवॉटरिंग से बचें. यह एक इनडोर प्लांट के रूप में भी बहुत अच्छा काम करता है. फूल आने के बाद डेडहेडिंग करने से नए फूल आने का प्रोत्साहन मिलता है.

एलोवेरा एलोवेरा अपनी औषधीय विशेषताओं के लिए जाना जाता है, लेकिन यह बड़ा होकर गर्मियों में एक लंबा डंठल निकालता है जिस पर पीले, नारंगी या लाल रंग के ट्यूबलर फूल लगते हैं। पूरी धूप से लेकर आंशिक छाया तक और बहुत कम पानी की जरूरत होती है। गर्मियों में सप्ताह में एक बार और सर्दियों में 15-20 दिन में एक बार पानी देना काफी है।

एलोवेरा<br />एलोवेरा अपनी औषधीय विशेषताओं के लिए जाना जाता है, लेकिन यह बड़ा होकर गर्मियों में इसमें से एक लंबा डंठल निकालता है जिस पर पीले, नारंगी या लाल रंग के ट्यूबलर फूल लगते हैं. पूरी धूप से लेकर आंशिक छाया तक और बहुत कम पानी की जरूरत होती है. गर्मियों में सप्ताह में एक बार और सर्दियों में 15-20 दिन में एक बार पानी देना काफी है.

ईचेवेरिया ईचेवेरिया की पत्तियाँ गुलाब की तरह सुंदर व्यूह रचना बनाती हैं। यह वसंत या गर्मियों में लंबे, पतले तने पर घंटी के आकार के फूल देता है। फूलों का रंग गुलाबी, नारंगी, लाल या पीला हो सकता है इन्हें दिन में कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप चाहिए, नहीं तो पौधा खिंचाव करने लगता है। मिट्टी के पूरी तरह सूख जाने पर ही पानी दें। पत्तियों पर पानी देने से बचें, इससे सड़न हो सकती है इन्हें रॉक गार्डन, छोटे गमले या टेरारियम में लगाकर बेहद आकर्षक व्यूह बनाए जा सकते हैं।

ईचेवेरिया<br />ईचेवेरिया की पत्तियां गुलाब की तरह सुंदर व्यूह रचना बनाती हैं. यह वसंत या गर्मियों में लंबे, पतले तने पर घंटी के आकार के फूल देता है. फूलों का रंग गुलाबी, नारंगी, लाल या पीला हो सकता है इन्हें दिन में कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप चाहिए, नहीं तो पौधा खिंचाव करने लगता है. मिट्टी के पूरी तरह सूख जाने पर ही पानी दें. पत्तियों पर पानी देने से बचें, इससे सड़न हो सकती है इन्हें रॉक गार्डन, छोटे गमले या टेरारियम में लगाकर बेहद आकर्षक व्यूह बनाए जा सकते है.

क्रासुला ओवेटा या जेड प्लांट जेड प्लांट को शुभ माना जाता है और यह अपनी मोटी, चमकदार पत्तियों के लिए लोकप्रिय है। परिपक्व होने पर यह सर्दियों में तारों के आकार के छोटे सफेद या हल्के गुलाबी फूलों के गुच्छे देता है। इसे फूल आने के लिए थोड़े तनाव की जरूरत होती है। इसलिए फूल दिखना एक अच्छे और परिपक्व पौधे की निशानी है।

क्रासुला ओवेटा या जेड प्लांट<br />जेड प्लांट को शुभ माना जाता है और यह अपनी मोटी, चमकदार पत्तियों के लिए लोकप्रिय है. परिपक्व होने पर यह सर्दियों में तारों के आकार के छोटे सफेद या हल्के गुलाबी फूलों के गुच्छे देता है. इसे फूल आने के लिए थोड़े तनाव की जरूरत होती है. इसलिए फूल दिखना एक अच्छे और परिपक्व पौधे की निशानी है.

सेडुम या स्टोनक्रॉप सेडुम की कई किस्में हैं। इनमें से कुछ गर्मियों के अंत या शरद ऋतु में इतने घने फूल देते हैं कि पत्तियाँ दिखनी बंद हो जाती हैं। फूल गुलाबी, बैंगनी या सफेद रंग के होते हैं और तितलियों व मधुमक्खियों को बहुत आकर्षित करते हैं पूरी धूप में यह सबसे अच्छे से फलता-फूलता है। एक बार लग जाने के बाद यह बहुत ही कम पानी में जीवित रह सकता है। यह जमीन को ढकने वाला एक बेहतरीन पौधा है और बालकनी या छत के बगीचे के लिए परफेक्ट है क्योंकि यह गर्मी और धूप को बर्दाश्त कर लेता है।

सेडुम या स्टोनक्रॉप<br />सेडुम की कई किस्में हैं, इनमें से कुछ गर्मियों के अंत या शरद ऋतु में इतने घने फूल देते हैं कि पत्तियां दिखनी बंद हो जाती है. फूल गुलाबी, बैंगनी या सफेद रंग के होते हैं और तितलियों व मधुमक्खियों को बहुत आकर्षित करते हैं पूरी धूप में यह सबसे अच्छे से फलता-फूलता है. एक बार लग जाने के बाद यह बहुत ही कम पानी में जीवित रह सकता है. यह जमीन को ढ़कने वाला एक बेहतरीन पौधा है और बालकनी या छत के बगीचे के लिए परफेक्ट है क्योंकि यह गर्मी और धूप को बर्दाश्त कर लेता है.

First Published :

November 07, 2025, 14:35 IST

homeagriculture

कम मेहनत में घर महकाएं! रसीले पौधों से मिलेगी खूबसूरती और रंगत

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj