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Gardening Tips: आलू के छिलके को डस्टबिन में फेंकना भूलें, अपनाएं यह देसी तरीका और पौधों में फूंकें जान

Last Updated:November 05, 2025, 13:01 IST

Potato Peels Uses: आलू के छिलके और उनका उबला पानी आपके बगीचे के लिए प्राकृतिक खाद का काम कर सकते हैं. इनमें मौजूद पोटेशियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम पौधों की वृद्धि और जड़ों की मजबूती के लिए फायदेमंद हैं. इन्हें कंपोस्ट, तरल खाद या सीधे मिट्टी में डालकर पौधों की सेहत और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है. इसके अलावा ये कीट नियंत्रण और सूक्ष्मजीवों के पोषण के लिए भी कारगर हैं.bhilwara

आमतौर पर देखा जाता है कि आलू की सब्जी या फिर आलू से कुछ भी स्पेशल डिश बनाने के बाद आलू के छिलके यूं ही फेंक दिए जाते हैं. आलू के छिलके और उसका उबला पानी आपके पौधों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं.  इनमें मौजूद पोटेशियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पौधों की वृद्धि के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. यह छिलके मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के साथ पौधों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. ऐसे में अब आलू के छिलकों को कूड़े में न डालें, बल्कि इन्हें अपने बगीचे में इस्तेमाल करें.

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आलू के छिलकों का सबसे आसान उपयोग कंपोस्ट के रूप में किया जा सकता है. इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिलाया जाए तो ये धीरे-धीरे गलकर जैविक खाद का काम करते हैं. इससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है और पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलता है. खास बात यह है कि इससे मिट्टी की नमी बरकरार रहती है और रासायनिक खाद की जरूरत भी कम हो जाती है. यह घरेलू तरीका पौधों को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है.

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आलू के उबले पानी का उपयोग भी गार्डनिंग में किया जा सकता है. जब आप आलू उबालते हैं, तो पानी में उनके कई पोषक तत्व घुल जाते हैं. इस पानी को ठंडा होने के बाद पौधों में डालें, यह प्राकृतिक फर्टिलाइजर का काम करेगा. ध्यान रखें कि पानी में नमक या मसाले न डाले गए हों, वरना पौधों को नुकसान हो सकता है. इस पानी से पौधों की पत्तियां हरी-भरी रहती हैं और उनकी ग्रोथ तेज होती है. यह खासतौर पर फूलों वाले पौधों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.

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छिले हुए आलू के छिलकों से तरल खाद भी तैयार की जा सकती है. इसके लिए छिलकों को कुछ दिनों तक पानी में भिगोकर रखें ताकि उनका पोषण तत्व पानी में घुल जाए. इस घोल को छानकर पौधों में डालें. इसे महीने में एक या दो बार प्रयोग किया जा सकता है. यह तरल खाद जड़ों को मजबूती देती है और पौधों की नई शाखाओं को विकसित करने में मदद करती है. यह तरीका खासतौर पर इनडोर प्लांट्स और गमलों में लगे पौधों के लिए बहुत असरदार होता है.

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आलू के छिलके सिर्फ खाद के रूप में ही नहीं, बल्कि पौधों में कीट नियंत्रण के लिए भी उपयोगी है. यदि आप छिलकों को मिट्टी की सतह पर डालते हैं, तो यह मिट्टी में मौजूद छोटे कीटों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. बाद में इन्हें हटाकर फेंक दें, इससे मिट्टी कीटमुक्त हो जाती है. यह घरेलू और रासायनिक रहित तरीका पौधों की सुरक्षा के लिए बहुत कारगर है. इस विधि से आप अपने पौधों को सुरक्षित रख सकते हैं और हानिकारक स्प्रे से बचा सकते हैं.

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आलू के छिलके मिट्टी के सूक्ष्मजीवों के लिए भी पोषण का स्रोत हैं. ये सूक्ष्मजीव मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाते हैं और पौधों को जरूरी पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध कराते हैं. नियमित रूप से आलू के छिलकों का उपयोग करने से मिट्टी नरम और उपजाऊ बनी रहती है. खास बात यह है कि इससे पानी की निकासी बेहतर होती है और जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है. परिणामस्वरूप पौधे अधिक हरे-भरे और मजबूत बनते हैं, जिससे आपके गार्डन की सुंदरता बढ़ जाती है.

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November 05, 2025, 13:01 IST

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डस्टबिन में न फेंके आलू के छिलके, अपनाएं यह देसी जुगाड़ और पौधों में भरें जान

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