Rajasthan

Gardening Tips: जनवरी महीने में अपराजिता में डाल दो ये फ्री की चीज, नीले फूलों से भर जाएगा गमला!

Last Updated:January 11, 2026, 14:17 IST

Gardening Tips:सर्दियों में अपराजिता के पौधे कमजोर हो जाते हैं और फूल कम होने लगते हैं. थोड़ी सी सही देखभाल और प्राकृतिक खाद, जैसे केले के छिलके या संतरे के छिलके, पौधे को हरा-भरा और फूलों से लदा रखने में मदद करती है. इसके अलावा अपराजिता के फूल और पत्ते स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं, जैसे स्मरण शक्ति बढ़ाना, तनाव कम करना और हृदय स्वास्थ्य सुधारना. जानें कैसे आसान घरेलू उपायों से आपका अपराजिता पौधा खिल उठे.bhilwara

सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने और धूप की कमी के कारण कई फूलों वाले पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है. खासतौर पर अपराजिता का पौधा इस मौसम में कमजोर पड़ जाता है, इसकी बढ़वार धीमी हो जाती है और पत्ते पीले पड़ने लगते हैं, जिससे पौधे की सुंदरता और फूलों की संख्या दोनों पर असर पड़ता है. ऐसे में बागवानी के शौकीनों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सर्दियों में अपराजिता को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है. थोड़ी सी सही देखभाल और पोषण से यह पौधा फिर से हरा-भरा और फूलों से लदा रह सकता है.

bhilwara

अगर आप बिना ज्यादा खर्च किए अपराजिता को स्वस्थ बनाना चाहते हैं, तो केले के छिलके एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं. केले के छिलके पोटेशियम का अच्छा स्रोत होते हैं, जो फूलों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं. यह पूरी तरह से प्राकृतिक खाद है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करता है. सर्दियों में जब पौधों को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है, तब यह फ्री होममेड फर्टिलाइज़र अपराजिता के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसके नियमित उपयोग से पौधे की रंगत और मजबूती दोनों में सुधार आता है.

bhilwara

केले के छिलकों का सही तरीके से उपयोग करना भी उतना ही जरूरी है, सबसे पहले गमले की मिट्टी की हल्की जुताई करें, ताकि जड़ों तक हवा पहुंच सके. इसके बाद 2–3 केले के छिलकों को हल्का सुखाकर मिट्टी में दबा दें. ध्यान रखें कि छिलकों को हमेशा सूखी मिट्टी में ही डालें और मुख्य जड़ से थोड़ा दूर रखें, ताकि फंगस या कीट लगने का खतरा न हो. यह तरीका पौधे को धीरे-धीरे पोषण देता है और लंबे समय तक असर दिखाता है.

Add as Preferred Source on Google

bhilwara

अगर किसी कारणवश केले के छिलके उपलब्ध नहीं हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप बादाम के छिलके, संतरे के छिलके या मटर के छिलकों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. खासतौर पर संतरे के छिलके मिट्टी को थोड़ा एसिडिक बनाते हैं, जो अपराजिता जैसे फूलों वाले पौधों को बेहद पसंद होता है. ये सभी घरेलू खाद मिट्टी में धीरे-धीरे घुलते हैं और पौधे को लगातार पोषण देते हैं, जिससे फूलों की संख्या और आकार दोनों में बढ़ोतरी होती है.

bhilwara

अपराजिता केवल एक सुंदर फूल वाला पौधा ही नहीं है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी बेहद महत्वपूर्ण हैं. इसके फूल, पत्ते और जड़ का उपयोग अनेक आयुर्वेदिक उपचारों में किया जाता है. अपराजिता के फूलों में प्राकृतिक एंथोसायनिन वर्णक पाया जाता है, जो शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है. यह स्मरण शक्ति बढ़ाने, दिमाग को सक्रिय रखने और मानसिक थकान को दूर करने में सहायक होता है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है.

bhilwara

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अपराजिता के फायदे अनेक हैं, इसके फूल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. साथ ही, वजन घटाने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी अपराजिता लाभकारी मानी जाती है. सही देखभाल और प्राकृतिक खाद के साथ यह पौधा न सिर्फ आपके घर की शोभा बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होता है.

First Published :

January 11, 2026, 14:17 IST

homerajasthan

सर्दियों में केले के छिलके से करे अपराजिता की देखभाल, बढ़ाएं फूल और सेहत

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj