Gehlot Government’s Ministers Prestige Stake At By-election – चुनावी टास्क पर क्या खरे उतरेंगे गहलोत सरकार के मंत्री, चुनाव परिणाम तय करेंगे राजनीतिक भविष्य

-मंत्री रघु शर्मा, अशोक चांदना, उदयलाल आंजना, प्रमोद जैन भाया, भंवर सिंह भाटी और गोविंद डोटासरा की साख दांव पर, चुनाव प्रबंधन से लेकर सजातीय वोटों में सेंध लगाने का जिम्मा मिला हैं मंत्रियों को
फिरोज सैफी/जयपुर।
प्रदेश की 3 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में भले ही कांग्रेस ने 30 स्टार प्रचारकों को प्रचार के लिए चुनाव मैदान में उतारा हो लेकिन गहलोत सरकार के आधा दर्जन मंत्री ऐसे हैं जिन्हें उपचुनाव का चुनावी टास्क दिया गया था। सत्ता और संगठन के साथ-साथ इन मंत्रियों की साख उपचुनाव में दांव पर लगी हुई है।
उपचुनाव में मिली जीत और हार मंत्रियों के राजनीति भविष्य को भी तय करेगी। सूत्रों की माने तो अगर तीनों सीटों पर उपचुनाव में पार्टी को जीत मिलती है तो ये मंत्री मजबूत और ताकतवर बनकर उभरेंगे। वहीं अगर पार्टी की ओर से दिए गए टास्क पूरा करने में मंत्री असफल होते हैं तो फिर इनके चुनाव प्रबंधन पर भी सवाल खड़े होंगे।
हालांकि ये मंत्री अपने चुनावी टास्क में कितना खरा उतरते हैं, ये तो चुनाव परिणाम के बाद ही साफ होगा, लेकिन चुनावी टास्क वाले मंत्रियों को लेकर कांग्रेस के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
इन मंत्रियों को मिला है चुनावी टास्क
दरअसल सत्ता और संगठन ने उपचुनाव में पार्टी को जीत दिलाने का टास्क तीनों सीटों पर जिन मंत्रियों को दिया है उनमें चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, खेल मंत्री अशोक चांदना, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और खान मंत्री प्रमोद जैन भाया है। उपचुनाव में भंवर सिंह भाटी और गोविंद सिंह डोटासरा को सुजानगढ़, रघु शर्मा और अशोक चांदना को सहाड़ा, उदयलाल आंजना और प्रमोद जैन भाया को राजसमंद की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनाव प्रबंधन का जिम्मा भी मंत्रियों के पास
पार्टी ने भी चुनावी टास्क देते हुए उपचुनाव में चुनाव प्रबंधन का पूरा जिम्मा इन्हीं मंत्रियों को दिया हुआ है। कहां किस नेता के दौरे होने हैं और चुनाव प्रचार के दौरान किन मुद्दों को उठाना है उसकी तमाम रणनीति इन्हीं मंत्रियों के द्वारा बनाई जा रही है।
सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव
सहाड़ा विधानसभा चुनाव में पार्टी ने चुनावी टास्क चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और खेल मंत्री अशोक चांदना को दिया है। सामान्य वर्ग की सीट होने के चलते रघु शर्मा को यहां ब्राह्मण वर्ग को पार्टी के पक्ष में एकजुट करने का जिम्मा देने के साथ ही चुनाव जिताने की जिम्मेदारी दी गई है।
रघु शर्मा के साथ ही यहां भीलवाड़ा जिले से आने वाले मंत्री अशोक चांदना को भी गुर्जर वर्ग में सेंध लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में रघु शर्मा और अशोक चांदना की साख यहां दांव पर लगी हुई है।
राजसमंद उपचुनाव
राजसमंद उपचुनाव में चुनावी टास्क सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और प्रमोद जैन भाया को मिला है। मूल ओबीसी वर्ग से आने वाले सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना को यहां चुनाव जिताने के साथ ही ओबीसी वर्ग को कांग्रेस में लाने का टास्क भी मिला हुआ है। साथ ही प्रमोद जैन भाया को वैश्य वर्ग में सेंध लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में साफ है कि इन दोनों मंत्रियों की साख भी यहां दांव पर लगी हुई है।
सुजानगढ़ उपचुनाव
वहीं दूसरी ओर सुजानगढ़ उपचुनाव में पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी की साख दांव है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कि पिछले 1 माह से उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी सुजानगढ़ से बाहर नहीं गए हैं, उन्होंने पूरी तरह से सुजानगढ़ में ही डेरा डाल रखा है तो वहीं पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा लगातार सुजानगढ़ में चुनावी दौरे कर रहे हैं। डोटासरा को यहां अपने सजातीय वोटों को कांग्रेस के पक्ष में लाने का टास्क दिया हुआ है।